#शाहजहांपुर में 195 फर्जी लाइसेंस,तत्कालीन #डीएम के आदेश को 10 साल बीत गए,मास्टरमाइंड की गिरफ्तारी से फिर मची खलबली।
फर्जी शस्त्र लाइसेंस के मास्टरमाइंड शाहजहांपुर के सदानंद शर्मा को उत्तराखंड STF ने किया गिरफ्तार,पुराने UIN नंबर फर्जी तरीके से अपलोड कराए गए।
वर्ष 2015 में शाहजहांपुर एसडीएम ने शस्त्र लिपिक चंद्र प्रकाश उर्फ नत्थूलाल के विरुद्ध थाना सदर बाजार में धारा 409,467,468,471 के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई गयी थी।
शाहजहांपुर में तत्कालीन जिला मजिस्ट्रेट ने 19 फरवरी 2016 को सूचीवार आदेश जारी किया कि कुल 10 थाना क्षेत्रों में 195 शस्त्र लाइसेंस फर्जी है।
आदेश के 07 दिन के भीतर उक्त 195 शस्त्र धारक अपने अपने थाना क्षेत्रों में असलाह को जमा कराकर,मौजूद कोई भी दस्तावेज को शस्त्र कार्यालय में जमा करें,अन्यथा की स्थिति में यदि शस्त्र पाया गया तो कार्यवाही की जाएगी।
10 थाना क्षेत्रों की जांच में खुदागंज में 12,खुटार में 32,कांट में 21,कटरा में 11,मदनापुर में 03,मिर्जापुर में 05,तिलहर में 65, पुवायां में 38,जैतीपुर में 07 व जलालाबाद में 01 फर्जी लाइसेंस है।
#कौन हैं फर्जी लाइसेंस का मास्टरमाइंड #सदानंद शर्मा...
शाहजहांपुर की कोतवाली पुवायां के अनावा गाँव का रहने वाला है और पूर्व प्रधान भी है।
रसूख ये है कि सरकार कोई भी हो मंत्री,विधायक,पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों से भीतरी तालमेल बेहद ही मजबूत रहते हैं।
नेटवर्किंग की बात की जाए तो शाहजहांपुर से यूपी सहित अन्य राज्यों में बड़े स्तर पर जाल फैला है।
#उत्तराखंड में क्या कार्यवाही की गयी...
उत्तराखंड एसटीएफ और साइबर थाना सेल ने फर्जी शस्त्र लाइसेंस बनाकर अवैध हथियारों को वैध दिखाने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के मास्टरमाइंड को गिरफ्तार किया है।
गिरफ्तार आरोपी सतानंद शर्मा उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले के पुवायां थाना क्षेत्र के अनावा गांव का निवासी है।
पूछताछ में फर्जी लाइसेंस तैयार करने के बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है,जिसके तार शाहजहांपुर के जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय तक जुड़े होने की बात सामने आई है।
एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह ने बताया कि काशीपुर में फर्जी शस्त्र लाइसेंस से जुड़े तीन मुकदमों की जांच के दौरान एसटीएफ और साइबर सेल की संयुक्त टीम आरोपी की तलाश कर रही थी,सूचना मिलने पर उसे रुद्रपुर से गिरफ्तार कर लिया गया।
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह फर्जी और कूटरचित तरीके से शस्त्र लाइसेंस तैयार कर मोटी रकम वसूलता था। उधम सिंह नगर में सौरभ अग्रवाल और उसके भाई गौरव अग्रवाल के माध्यम से बड़ी संख्या में लाइसेंस बनवाए गए। उसके बैंक खाते में सौरभ अग्रवाल,मोहित अग्रवाल,करण सिंह,जतिन कांडपाल,शुभम अग्रवाल समेत कई लोगों ने लाइसेंस बनवाने के लिए धनराशि जमा कराई थी।
जांच में यह भी सामने आया कि जिन लोगों के लाइसेंस तैयार किए गए,उनके लिए शाहजहांपुर जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय में कार्यरत कुछ संविदाकर्मियों की मिलीभगत से पुराने (UIN) नंबर,जिनका रिकॉर्ड गायब हो चुका था,उन्हें ऑनलाइन पोर्टल पर फर्जी तरीके से अपलोड कराया गया।
एसटीएफ इस पूरे नेटवर्क की भूमिका की जांच कर रही है।एसटीएफ के मुताबिक आरोपी के बैंक खाते में फर्जी शस्त्र लाइसेंस के कारोबार से करीब 1.70 करोड़ रुपये का लेनदेन मिला है,इसी मामले में वह पहले भी उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद से गैंगस्टर एक्ट के तहत गिरफ्तार होकर जेल जा चुका है।
उसके खिलाफ गाजियाबाद के कविनगर थाने में गैंगस्टर एक्ट समेत अवैध हथियारों की सप्लाई से जुड़े तीन मुकदमे दर्ज हैं। एसएसपी ने बताया कि अब तक इस मामले में तीन मुकदमे दर्ज किए जा चुके हैं।
कार्रवाई के दौरान 9 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है,उनके कब्जे से 14 अवैध हथियार (02 ऑटोमैटिक पंप एक्शन गन,02 रायफल, 09 पिस्टल और 01रिवॉल्वर),355 जिंदा कारतूस तथा कई फर्जी शस्त्र लाइसेंस बरामद किए गए हैं,गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश और पूरे नेटवर्क की जांच जारी है।
बहरहाल शाहजहांपुर का मास्टरमाइंड सदानंद शर्मा आज भी एक्टिव है और शाहजहांपुर जिला मजिस्ट्रेट द्वारा 195 शस्त्र लाइसेंस के निरस्तीकरण के जारी किए आदेश के 10 वर्ष बीत गए,लेकिन न तो शस्त्र जमा किए गए और न ही कार्यवाही,अब ऐसे में इस मास्टरमाइंड,मिले हुए सरकारी लोग और शस्त्र दुकानदारों के तार और दूर तक फैल गए हैं,देखना अब यह है कि अब होगी कार्यवाही ?
Hardoi, Hardoi | Jun 28, 2026