हिम पब्लिक हाई स्कूल सतौन में विज्ञान मेले का भव्य आयोजन, नन्हें वैज्ञानिकों की प्रतिभा देख गदगद हुए अतिथि
क्विज प्रतियोगिता में दिखा बुद्धिमत्ता का संगम, पीटीआई बैठक में तय हुआ शिक्षा की गुणवत्ता का रोडमैप
शिक्षा के क्षेत्र में लगातार नए आयाम स्थापित कर रहे हिम पब्लिक हाई स्कूल सतौन में वीरवार को एक यादगार दिन रहा। स्कूल परिसर में एक दिवसीय विज्ञान मेले का भव्य आयोजन किया गया, जिसने न केवल विद्यार्थियों बल्कि अभिभावकों और अतिथियों में भी विज्ञान के प्रति नई जिज्ञासा पैदा कर दी।
कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती की वंदना और दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई। उसके बाद स्कूल के प्रांगण में साइंस एग्जीबिशन की शुरुआत हुई।
*बच्चों ने पेश किए अद्भुत मॉडल*
स्कूल के कक्षा 3 से लेकर कक्षा 10 तक के विद्यार्थियों ने अपनी कल्पना और मेहनत से एक से बढ़कर एक मॉडल तैयार किए थे।
किसी छात्र ने सौर ऊर्जा से चलने वाला घर बनाया था, तो किसी ने जल संरक्षण का जीवंत मॉडल पेश किया। पर्यावरण प्रदूषण, मानव शरीर के अंगों की कार्यप्रणाली, ज्वालामुखी फटने की प्रक्रिया, चंद्रयान मॉडल और वाटर साइकिल जैसे विषयों पर बच्चों ने जो मॉडल बनाए, उन्हें देखकर हर कोई दंग रह गया। हर मॉडल के साथ बच्चों ने उसकी पूरी वैज्ञानिक व्याख्या भी बड़े आत्मविश्वास के साथ दी।
*क्विज प्रतियोगिता में गरमा-गरम मुकाबला*
विज्ञान मेले के साथ-साथ इंटर-हाउस क्विज प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। इसमें चारों हाउस - टैगोर, गांधी, नेहरू और बोस की टीमों ने हिस्सा लिया। विज्ञान, सामान्य ज्ञान और तकनीक से जुड़े सवालों का बच्चों ने फटाफट जवाब दिया। मुकाबला इतना कड़ा था कि अंत तक विजेता का फैसला करना मुश्किल हो गया था। इस प्रतियोगिता ने बच्चों के आत्मविश्वास और सामान्य ज्ञान को एक नया आयाम दिया।
*मंच पर रहे गणमान्य चेहरे*
इस अवसर पर स्कूल के प्रधानाचार्य, समस्त स्टाफ, ग्राम पंचायत सतौन के गणमान्य लोग, अभिभावकगण और विशेष अतिथि के रूप में *को-ऑपरेटिव बैंक के मैनेजर* उपस्थित रहे।
को-ऑपरेटिव बैंक के मैनेजर ने पूरे प्रदर्शनी स्थल का दौरा किया। उन्होंने एक-एक स्टॉल पर जाकर बच्चों से सवाल-जवाब किए। कैसे बनाया, इसमें कितना समय लगा, इसका क्या उपयोग है - जैसे सवालों से उन्होंने बच्चों की परख की। बच्चों के जवाब सुनकर उन्होंने उनकी पीठ थपथपाई और कहा कि सतौन जैसे ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों में इतनी प्रतिभा देखकर उन्हें बेहद खुशी हो रही है। उन्होंने स्कूल प्रबंधन के प्रयासों की भी सराहना की।
प्रधानाचार्य ने अपने संबोधन में कहा कि हमारा उद्देश्य बच्चों को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं रखना, बल्कि उन्हें प्रैक्टिकल और वैज्ञानिक सोच से जोड़ना है। ऐसे मेले बच्चों में नई खोज करने की ललक पैदा करते हैं।
*पीटीआई बैठक में शिक्षा पर गहन चर्चा*
कार्यक्रम के अंतिम चरण में पीटीआई (पेरेंट-टीचर इंटरेक्शन) बैठक का आयोजन किया गया, जो काफी सार्थक रही।
बैठक में कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा की गई -
स्कूल में शिक्षा के स्तर को और कैसे बेहतर बनाया जाए। बच्चों को नैतिक शिक्षा और संस्कारों से कैसे जोड़ा जाए।घर पर अभिभावक बच्चों को मोबाइल और सोशल मीडिया की लत से कैसे बचाएं और पढ़ाई के लिए कैसे प्रेरित करें।अभिभावक और शिक्षकों के बीच निरंतर संपर्क कैसे बना रहे।
अभिभावकों ने भी खुलकर अपने विचार रखे और स्कूल के विकास के लिए अपने सुझाव दिए। अंत में प्रधानाचार्य ने सभी अतिथियों, विशेषकर को-ऑपरेटिव बैंक के मैनेजर, पंचायत प्रतिनिधियों और अभिभावकों का आभार व्यक्त किया और बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।