24 घंटे के पड़ाव के दूसरे दिन पेंशनरों का जोरदार प्रदर्शन, मांगों को लेकर एसडीएम को सौंपा ज्ञापन
फतेहाबाद, 30 सितंबर।
आठवें वेतन आयोग का लाभ सभी सेवानिवृत्त कर्मचारी पर लागू करने सहित अन्य मांगों को लेकर रिटायर्ड कर्मचारियों द्वारा अखिल भारतीय राज्य सरकारी पेंशनर्स फेडरेशन के आह्वान पर उपायुक्त कार्यालय फतेहाबाद पर शुरू हुआ 24 घंटे का पड़ाव बुधवार को प्रदर्शन और ज्ञापन सौंपने के साथ संपन्न हो गया। पड़ाव के दूसरे दिन भारी संख्या में जुटे सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और प्रदर्शन करते हुए एसडीएम को अपना मांग पत्र सौंपा।
रिटायर्ड कर्मचारी संघ फतेहाबाद के जिला प्रधान भोला सिंह, कोषाध्यक्ष रघुनाथ मेहता और जिला सचिव बेगराज के नेतृत्व में आयोजित इस प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने केंद्र व राज्य सरकार की नीतियों पर जमकर भड़ास निकाली। संघ के पदाधिकारियों ने टोहाना, जाखल, भूना, भट्टू व फतेहाबाद क्षेत्र से पहुंचे पेंशनरों को संबोधित करते हुए कहा कि आठवें वेतन आयोग के लाभों को लेकर सरकार का रवैया बेहद निराशाजनक है। जिला प्रधान भोला सिंह और जिला सचिव बेगराज ने आरोप लगाया कि 31 दिसंबर 2025 से पहले और उसके बाद सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों के बीच अंतर पैदा किया जा रहा है। वित्त विधेयक 2025 के जरिए वरिष्ठ नागरिकों के प्रति अपनाए गए रुख से देशभर के पेंशनभोगियों में गहरा असंतोष है। उन्होंने कहा कि सातवें वेतन आयोग तक पेंशनरों को स्वत: लाभ मिलता रहा है, लेकिन इतिहास में पहली बार आठवें वेतन आयोग का लाभ देने का फैसला सरकार की मर्जी पर छोड़ दिया गया है, जो पेंशनरों के अधिकारों पर सीधा हमला है।
एसडीएम को सौंपे ज्ञापन में मांग की गई है कि कोरोना काल के दौरान रोके गए 18 महीने के महंगाई भत्ते का बकाया भुगतान तुरंत जारी हो। 65 वर्ष की आयु पर 5 प्रतिशत, 70 वर्ष पर 10 प्रतिशत, 75 वर्ष पर 15 प्रतिशत और 80 वर्ष की उम्र पूरी होने पर 20 प्रतिशत अतिरिक्त पेंशन दी जाए। पेंशन की कम्यूट की गई राशि की कटौती 15 साल की बजाय 11 साल में पूरी मानकर बंद की जाए। पेंशनरों को बिना किसी कागजी अड़चन के वास्तविक कैशलेस इलाज मिले तथा गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए सूचीबद्ध अस्पतालों में एडवांस पेमेंट की शर्त खत्म हो। फैमिली पेंशनर्स को एलटीसी का लाभ मिले और वरिष्ठ नागरिकों को रेल व हवाई यात्रा में पहले की तरह छूट तुरंत बहाल की जाए। संघ के नेताओं ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि सरकार ने अब भी उनकी जायज मांगों पर ध्यान नहीं दिया, तो आने वाले दिनों में जिलेभर में व्यापक सदस्