गया जी में डुमरिया प्रखण्ड प्रमुख आशा देवी के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव के आवेदन ख़ारिज
गया: डुमरिया प्रखण्ड प्रमुख आशा देवी के खिलाफ पंचायत समिति सदस्यों ने अविश्वास प्रस्ताव के लिए 10 सदस्यों ने आवेदन दिया था, जिसके बाद 10 जून को प्रखण्ड कार्यलय मे एक विशेष बैठक आयोजन किया गया था, लेकिन बैठक के दौरान विरोधी खेमे को अपेक्षित समर्थन नहीं मिला निर्धारित समय तक केवल विपक्ष खेमा के 2 सदस्य ही बैठक मे उपस्थित हुए, नियम के अनुसार अविश्वास प्रस्ताव पारित करने के लिए दो तिहाई बहुमत आवश्यकता होता है सदस्यों की कम उपस्थिति के कारण अविश्वास प्रस्ताव स्वत निष्पराभावी हो गया..
किसी भी सदस्य ने आशा देवी के खिलाफ मतदान नहीं किया
बैठक की अध्यक्षता प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) राजु कुमार ने की, और DCLR प्रियंका कौसिक के देखरेख मे बैठक संपन्न हुआ,उन्होंने बताया कि किसी भी सदस्य ने आशा देवी के खिलाफ मतदान नहीं किया। समय समाप्ति की घोषणा के बाद आशा देवी को पुनः डुमरिया प्रखंड प्रमुख बने रहने की आधिकारिक घोषणा कर दी गई।
इस घोषणा के बाद आशा देवी के समर्थकों में उत्साह देखा गया। समर्थकों ने प्रखंड कार्यालय परिसर में खुशी जाहिर की। वहीं, प्रखंड प्रमुख आशा देवी ने इस पूरे मामले को राजनीतिक साजिश करार दिया।
सड़क-नाली, पेयजल और अन्य जनहित की योजनाओं पर ध्यान
उन्होंने कहा कि कुछ लोगों द्वारा उनके खिलाफ सुनियोजित तरीके से साजिश रची गई थी, लेकिन वह नाकाम साबित हुई। आशा देवी ने डुमरिया प्रखंड के ग्रामीण क्षेत्रों में अधूरी विकास योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने का आश्वासन दिया। उन्होंने सड़क, नाली, पेयजल और अन्य जनहित से जुड़ी योजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाने की बात कही।
बीडीओ राजु कुमार ने कहा कि पूरी प्रक्रिया नियमानुसार और पारदर्शिता के साथ संपन्न कराई गई। उन्होंने स्पष्ट किया कि पर्याप्त संख्या में सदस्य उपस्थित नहीं होने के कारण अविश्वास प्रस्ताव स्वतः समाप्त माना गया और आशा देवी को पद पर बने रहने की घोषणा की गई।
प्रमुख आशा देवी के पक्ष मे समिति अजय कुमार, रविंद्र सिंह, पूर्व प्रमुख सह समिति रामचंद्र सिंह, नीतू देवी, हसीबूल निशा, अर्जुन प्रसाद, जितेंद्र दास,उप प्रमुख सुनैना देवी, समर्थक पवन चंद्रवंशी, गोविन्द साव,पूर्व समिति मोलन खान, सतेंद्र यादव ने बधाई दिया है.....