मनरेगा मज़दूरों ने सरकाघाट में घेरा श्रमिक कल्याण बोर्ड ऑफिस,भूपेंद्र सिंह ने किया नेतृत्व
हैड ऑफिस में सेंक्शन ऑर्डर लगने के बाद पांच साल पुराने फार्म वापिस करने करने का किया ज़ोरदार विरोध
सरकाघाट:सीटू से सबंधित मनरेगा एवं निर्माण मज़दूर यूनियन ने आज सरकाघाट में राज्य श्रमिक कल्याण बोर्ड के सब ऑफिस का घेराव किया जिसका नेतृत्व ज़िला प्रधान भूपेंद्र सिंह, सचिव मॉन सिंह खण्ड अध्यक्ष करतार सिंह चौहान, प्रकाश वर्मा, सुखराम ठाकुर इत्यादि ने किया।इस दौरान भूपेंद्र सिंह ने कहा कि मनरेगा मज़दूरों के 16 हज़ार से ज़्यादा क्लेम सरकाघाट ऑफिस में लंबित हैं जिन्हें 31 अक्टूबर तक सहायता राशी जारी करने का बोर्ड में फैसला लिया गया था लेकिन मंडी ज़िला के श्रम कल्याण अधिकारी और कर्मचारी वर्ष 2021-22 में मनरेगा मज़दूरों द्धारा जमा किये बच्चों की छात्रवृति, विवाह-शादी,चिक्तिसा और अन्य सहायता के फार्मों को मज़दूरों को वापिस लौटा रहे हैं और उनके साथ जो दस्तावेज उस समय लगाये गए थे उन्हें दोबारा मांगा जा रहा है।यही नहीं ये सभी फार्म बोर्ड ऑफिस शिमला व हमीरपुर से सेंक्शन ऑर्डर लगने के बाद वापिस किये जा रहे हैं जो नियमों के विपरीत है और ये सब बोर्ड के अध्यक्ष के इशारे पर किया जा रहा है ताकि धर्मपुर और सरकाघाट के हज़ारों मनरेगा मज़दूरों के लाभ रोके जा सकें।इस बारे यूनियन उनके खीलाफ़ हाईकोर्ट में भी केस दर्ज कर रही है और उन्होंने अपना रवैया नहीं बदला तो उनके ख़िलाफ़ यूनियन आंदोलन तेज़ करेगी और बोर्ड में की जा रही धांधलियों का पर्दाफ़ाश करेगी।भूपेंद्र सिंह ने बताया कि जब ये फार्म भरे थे तब उनके साथ रोज़गार प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, परिवार रजिस्टर की नकल, बैंक खाते इत्यादि सभी ज़रूरी दस्तावेज़ लगाये गए थे और उन्हें चैक करके उस समय श्रम विभाग के अधिकारियों ने आगे भेजा था और अब पांच साल बाद वापस लौटाया जा रहा है औऱ उनके साथ लगे सभी दस्तावेज़ भी वफाड़ दिए हैं औऱ उसी का बहाना बना कर वापिस लौटा जा रहा है ताकि अब मज़दूरों की सहायता रद्द की जा सके। मजदूरों से पांच साल पुराने रोज़गार प्रमाण पत्र,परिवार रजिस्टर की नकल, शिक्षण संस्थानों के सबन्धता प्रमाण पत्र इत्यादि फ़िर से मांगे जा रहे हैं जो आज देना संभव नहीं है।
Dharmpur, Mandi | Oct 23, 2026