➡️ श्रवण एवं वाक् बाधित दिव्यांगजन हेतु राज्यव्यापी ’’अनुगूंज’’ विशेष विधिक साक्षरता शिविर का हुआआयोजन
➡️ दिव्यांगजनों को प्रमाण पत्र प्रदान किये गये
मध्य प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर के निर्देशानुसार एवं प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश व अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, हरदा श्री अरविंद रघुवंशी के मार्गदर्शन में शनिवार को ए.डी.आर भवन, जिला न्यायालय परिसर, हरदा में श्रवण एवं वाक् बाधित व्यक्तियों के अधिकारों, कल्याणकारी योजनाओं, न्याय तक पहुँच तथा मानसिक स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से ’’अनुगूंज’’ विधिक साक्षरता एवं जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया साथ ही उन्हें प्रमाण पत्र प्रदान किये गये।
कार्यक्रम का शुभारंभ ऑनलाईन माध्यम से माननीय कार्यवाहक मुख्य न्यायाधिपति महोदय के करकमलों से किया गया। कार्यक्रम का आयोजन कलेक्टर श्री सिद्धार्थ जैन, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एच. पी. सिंह, जिला परियोजना समन्वयक (डी.पी.सी.) हरदा, जिला शिक्षा अधिकारी हरदा, जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग हरदा, उप संचालक सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग, हरदा तथा जिला मूकबधिर संघ हरदा के समन्वय से किया गया। कार्यक्रम में 35 दिव्यांगजनों एवं उनके परिजनों द्वारा भाग लिया गया।
कार्यक्रम का आयोजन 5 सत्रों में किया गया। कार्यक्रम के प्रथम सत्र में मध्यस्थता के माध्यम से बाधाओं को तोड़ना, विषय पर चर्चा की गई। इस सत्र में श्रवण एवं वाक्-बाधित दिव्यांगजन के लिए सुलभ एवं समावेशी विवाद समाधान व्यवस्था विकसित करने तथा मध्यस्थता की भूमिका पर विस्तार से जानकारी दी गई। साथ ही समुदाय के एक सदस्य द्वारा अपने अनुभव साझा किए गए, जिससे प्रतिभागियों को प्रेरणा एवं व्यावहारिक जानकारी प्राप्त हुई। द्वितीय सत्र अधिकारों से अवसरों तक, विषय पर केंद्रित रहा, जिसमें श्रवण एवं वाक्-बाधित व्यक्तियों के लिए उपलब्ध विभिन्न सरकारी कल्याणकारी योजनाओं, अधिकारों, पात्रताओं एवं संस्थागत सहायता तंत्र की जानकारी प्रदान की गई। वक्ताओं ने बताया कि विभिन्न योजनाओं का लाभ लेकर दिव्यांगजन आत्मनिर्भर एवं सशक्त जीवन की ओर अग्रसर हो सकते हैं। तृतीय सत्र, मन और शरीर को सशक्त बनाना, विषय पर आयोजित किया गया, जिसमें योग एवं मनोविज्ञान के माध्यम से तनाव प्रबंधन, भावनात्मक स्वास्थ्य तथा मानसिक दृढ़ता विकसित करने के उपाय बताए गए। विशेषज्ञों ने नियमित योग एवं सकारात्मक मानसिक दृष्टिकोण के महत्व पर बल दिया। चतुर्थ सत्र में न्याय तक समान पहुँच सुनिश्चित करना विषय पर चर्चा करते हुए दिव्यांगजनों को उपलब्ध निःशुल्क विधिक सहायता, विधिक सेवाओं तथा उनके सशक्तिकरण हेतु संचालित विभिन्न कार्यक्रमों की जानकारी दी गई। प्रतिभागियों को बताया गया कि विधिक सेवा संस्थाएँ समाज के प्रत्येक वर्ग तक न्याय की पहुँच सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। कार्यक्रम के अंतिम चरण में प्रतिभागियों के लिए विभिन्न सहभागितापूर्ण एवं मनोरंजक गतिविधियों का आयोजन किया गया, जिनमें सभी प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इन गतिविधियों का उद्देश्य आत्मविश्वास बढ़ाना, संवाद कौशल विकसित करना तथा सामुदायिक सहभागिता को प्रोत्साहित करना था।
कार्यक्रम का समापन दिव्यांगजनों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए किया गया। उपस्थित दिव्यांगजनों को प्रमाण पत्र प्रदान किये गये। कार्यक्रम में विशेष न्यायाधीश, श्री जयदीप सिंह, प्रथम अतिरिक्त जिला न्यायाधीश, श्री निसार अहमद खान, द्वितीय अतिरिक्त जिला न्यायाधीष, श्री निमिष राजा, न्यायाधीश व सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्री चन्द्रशेखर राठौर, न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, श्री एस.के. भदकारिया, श्री प्रेमदीप शाह, जिला विधिक सहायता अधिकारी श्री सौरभ कुमार दुबे, लीगल एड डिफेंस काउंसिल, सीनियर स्पीच थैरापिस्ट श्री प्रेमनारायण जाट, विशेष शिक्षक श्री मस्तराम वर्मा, प्रशासनिक अधिकारी सामाजिक न्याय एवं निःशक्तजन सशक्तिकरण विभाग श्री मयंक काले, श्रवण एवं वाक् बाधित दिव्यांगजन इत्यादि उपस्थित रहे।
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