बाढ़ के पानी में बह गई 100 फीट सड़क, 15 गांवों का प्रखंड मुख्यालय से संपर्क टूटा… ग्रामीणों की बढ़ी परेशानी
औरंगाबाद के मदनपुर प्रखंड में बारिश और बाढ़ ने ग्रामीण इलाकों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। अंबेडकर नगर पथ पर झरही नदी में आई तेज बाढ़ के कारण बनिया बलुईखांड़ के समीप करीब 100 फीट सड़क पानी के तेज बहाव में बह गई। सड़क टूटने से करीब 15 गांवों के लोगों का प्रखंड मुख्यालय से सीधा संपर्क बाधित हो गया है। हालात ऐसे हैं कि ग्रामीणों को अब करीब 5 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय कर रानी कुआं होकर आवागमन करना पड़ रहा है। सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली छात्र-छात्राओं और रोजमर्रा के काम से आने-जाने वाले ग्रामीणों को हो रही है।
मदनपुर प्रखंड में लगातार हो रही बारिश और झरही नदी में आई अत्यधिक बाढ़ ने ग्रामीणों के लिए बड़ी समस्या खड़ी कर दी है। ग्रामीण कार्य विभाग से निर्मित अंबेडकर नगर पथ में बनिया बलुईखांड़ के समीप लगभग 100 फीट सड़क पानी के तेज बहाव में पूरी तरह बह गई है।
सड़क के टूट जाने से आसपास के करीब 15 गांवों के लोगों का प्रखंड मुख्यालय से सीधा संपर्क टूट गया है। इस सड़क से सैलवा अंबेडकर नगर, थवई, कोइरी बिगहा, बेलहर चट्टी, महुआवा, प्राणपुर, जमुआईन सहित कई गांवों के लोग आवागमन करते हैं।
सड़क बह जाने के बाद ग्रामीणों के सामने आवागमन का संकट खड़ा हो गया है। प्रखंड मुख्यालय या अन्य जरूरी कामों के लिए लोगों को अब करीब 5 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय कर रानी कुआं के रास्ते जाना पड़ रहा है। इससे ग्रामीणों का समय और खर्च दोनों बढ़ गया है।
छात्र-छात्राओं की पढ़ाई पर भी असर
सड़क टूटने का असर सबसे ज्यादा स्कूली बच्चों पर पड़ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, इस रास्ते से बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं विद्यालय आते-जाते हैं। सड़क के बह जाने के कारण उन्हें आवागमन में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। बारिश के मौसम में वैकल्पिक रास्ते की स्थिति भी चुनौतीपूर्ण बनी हुई है।
पिछले साल भी टूटी थी सड़क, फिर भी नहीं हुआ स्थायी समाधान
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह समस्या नई नहीं है।पिछले साल भी इसी स्थान पर सड़क टूट गई थी। उस समय ग्रामीण कार्य विभाग की ओर से सड़क की मरम्मत कराई गई थी, लेकिन ग्रामीणों का आरोप है कि मरम्मत महज खानापूर्ति तक सीमित रही।
ग्रामीणों का कहना है कि नदी के तेज बहाव को देखते हुए यहां सिर्फ मिट्टी भरकर सड़क की मरम्मत करना स्थायी समाधान नहीं है। हर साल बारिश और बाढ़ के दौरान सड़क के बहने का खतरा बना रहता है।
अब आरसीसी पुलिया निर्माण की मांग
इसी समस्या को देखते हुए मदनपुर प्रखंड कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष संजीव कुमार सिंह ने जिला प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।
संजीव कुमार सिंह ने बताया कि उन्होंने जिलाधिकारी, औरंगाबाद तथा कार्यपालक अभियंता, ग्रामीण कार्य विभाग, औरंगाबाद को ईमेल के माध्यम से आवेदन भेजकर टूटे हुए सड़क मार्ग को अविलंब दुरुस्त कराने की मांग की है।
साथ ही उन्होंने झरही नदी के इस संवेदनशील स्थान पर स्थायी समाधान के तौर पर आरसीसी पुलिया का निर्माण कराने की मांग की है, ताकि प्रत्येक वर्ष बाढ़ और तेज बारिश के दौरान सड़क टूटने की समस्या से ग्रामीणों को निजात मिल सके।
जनता की प्रशासन से अपील
ग्रामीणों की मांग है कि प्रशासन इस मामले को महज सड़क मरम्मत तक सीमित न रखे, बल्कि मौके का स्थलीय निरीक्षण कर बाढ़ के पानी के बहाव और सड़क की स्थिति का तकनीकी आकलन कराए।क्योंकि अगर समय रहते सड़क को दुरुस्त नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में बारिश और बाढ़ की स्थिति और गंभीर होने पर ग्रामीणों की परेशानी और बढ़ सकती है। अब देखना होगा कि करीब 15 गांवों के लोगों की इस गंभीर समस्या पर प्रशासन कितनी जल्दी संज्ञान लेता है और टूटे हुए सड़क मार्ग की मरम्मत के साथ-साथ आरसीसी पुलिया निर्माण की दिशा में क्या कदम उठाता है।
जनता की मांग साफ है कि सड़क की सिर्फ खानापूर्ति वाली मरम्मत नहीं, बल्कि ऐसा स्थायी समाधान चाहिए, जिससे हर साल बाढ़ के समय ग्रामीणों का संपर्क बाधित न हो।
Deo, Aurangabad | Aug 31, 2026