बिहार की शराबबंदी नीति पर तब बड़ा सवाल खड़ा हो गया जब भाजपा विधायक विनय बिहारी के बयान “मिलता तबे नु हिलता” ने पीरो की सियासत में जबरदस्त हलचल पैदा कर दी। विधायक के इस बयान को स्थानीय स्तर पर शराबबंदी की जमीनी हकीकत की खुली स्वीकारोक्ति के तौर पर देखा जा रहा है। बयान सामने आते ही पीरो के राजनीतिक गलियारों में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है।