आर एल महतो बीएड कॉलेज में हुआ पौधरोपण, हरियाली बढ़ाने का लिया संकल्प।फलदार एवं छायादार पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश, शिक्षकों ने वृक्षों के महत्व पर डाला प्रकाश
#दलसिंहसराय। स्थानीय आर एल महतो इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशन के परिसर में पर्यावरण संरक्षण एवं हरियाली को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पौधरोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान कॉलेज परिसर में नींबू, जामुन, कटहल, लीची सहित विभिन्न प्रकार के फलदार एवं छायादार पौधे लगाए गए। इस दौरान प्राचार्य डॉ. धर्मेंद्र कुमार ने वृक्षों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति में प्राचीन काल से ही वृक्षों को देवतुल्य स्थान दिया गया है। आंवला, पीपल, केला, बरगद, बेल और तुलसी जैसे पौधों की पूजा की परंपरा इसका प्रमाण है। उन्होंने कहा कि पेड़-पौधे न केवल पर्यावरण को संतुलित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, बल्कि मानव जीवन के लिए उपयोगी फल, औषधियां और जड़ी-बूटियां भी प्रदान करते हैं। गर्मी के दिनों में वृक्षों की शीतल छाया राहगीरों को राहत देती है।लेक्चरर रूपम कुमारी ने कहा कि मानव जीवन की अनेक आवश्यकताओं की पूर्ति भी प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष रूप से पेड़ों से होती है। ईंधन के लिए लकड़ी, गृह निर्माण की सामग्री तथा फर्नीचर आदि में लकड़ी का उपयोग किया जाता है। इसके अलावा पेड़-पौधे वातावरण में ऑक्सीजन की मात्रा बढ़ाने और वायु को शुद्ध रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि स्वस्थ जीवन के लिए स्वच्छ एवं ताजी हवा बेहद आवश्यक है, इसलिए पौधरोपण के साथ-साथ लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल भी जरूरी है।
व्याख्याता आकांक्षा कुमारी ने कहा कि पौधे, फूल और हरे-भरे पेड़ कॉलेज परिसर की सुंदरता बढ़ाने के साथ-साथ यहां खुशनुमा वातावरण का निर्माण करते हैं। हरियाली से मानसिक तनाव कम होता है और सकारात्मक वातावरण बनता है, जिसका शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। उन्होंने कॉलेज परिसर को अधिक से अधिक हरा-भरा बनाने पर जोर दिया।लेक्चरर सर्वेश सुमन ने वृक्षों के पर्यावरणीय महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि पेड़-पौधे मानसूनी हवाओं एवं जलचक्र को प्रभावित करने के साथ वर्षा के लिए अनुकूल वातावरण बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वृक्ष धरती को सूखने और मरुस्थलीकरण की ओर बढ़ने से रोकने में भी सहायक हैं। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण आज केवल जिम्मेदारी नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य की आवश्यकता है।
इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने पौधरोपण के साथ उनके संरक्षण का संकल्प लिया। कार्यक्रम के दौरान पर्यावरण जागरूकता से जुड़े नारे भी लगाए गए। “पेड़ लगाओ, जीवन बचाओ, इस धरा को स्वर्ग बनाओ”, “कहते हैं सब वेद-पुराण, एक वृक्ष दस पुत्र समान” तथा “कड़ी धूप में जलते पांव, होते पेड़ तो मिलते छांव” जैसे नारों से परिसर गूंज उठा।वृक्षारोपण कार्यक्रम में फैकल्टी सदस्य डॉ. निर्मल कुमार चंचल, केशव कुमार चौधरी, उमाशंकर चंदन, मनोज कुमार, मो. इमामुद्दीन, योगेश कुमार, नीलम कुमारी, प्राची अग्रवाल, पल्लव पारस, रूपक कौशल, रश्मि रोजी, श्वेता कर्ण, दिनेश मिश्रा, अजय शर्मा, संतोष सुमन, किरण चौधरी, शेफाली दीक्षिता, प्रकाश मिश्रा, सुनील कुमार सहित अन्य शिक्षक एवं कर्मी उपस्थित रहे।