रूपवास: भागवत कथा में अनमोल श्री ने कहा, माता-पिता की सेवा सबसे बड़ा धर्म है, उनके चरणों में बसते हैं चारों धाम
रूपवास क्षेत्र के गांव गढ़ी में चल रही सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा महाज्ञान यज्ञ में इन दिनों श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्म का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है। कथा व्यासपीठ से प्रवचन करते हुए कथावाचक अनमोल श्री ने कहा कि माता-पिता की सेवा करना ही सच्चे अर्थों में ईश्वर की आराधना है। उनके चरणों में ही चारों धाम और समस्त तीर्थों का वास माना गया है।