जानकारी के अनुसार, फौजी उमेश के माता-पिता हसनपुर से रहरा पहुंचे थे। वे अपने गांव दढ़ियाल जाने के लिए एक टेंपो में बैठे थे। इसी दौरान फौजी उमेश अपनी गाड़ी लेकर उन्हें लेने रहरा पहुंच गए। बेटे को देखकर माता-पिता टेंपो से उतरकर उसकी गाड़ी में बैठ गए। इस बात पर टेंपो चालक नाराज हो गया और उसने फौजी के साथ मारपीट शुरू कर दी। चालक ने अपने कुछ साथियों को भी बुला।