गैरसैण से गूंजा पूर्व सैनिकों का संकल्प: 2027 में उक्रांद को मजबूत करेंगे पूर्व सैनिक...
जागो ब्यूरो रिपोर्ट:
उत्तराखंड क्रांति दल पूर्व सैनिक प्रकोष्ठ के अध्यक्ष सूबेदार मेजर महिपाल सिंह पुंडीर की अध्यक्षता में आज उत्तराखंड की प्रस्तावित राजधानी गैरसैण में विशाल पूर्व सैनिक महा सम्मेलन आयोजित किया गया। सम्मेलन में कुमाऊँ, गढ़वाल एवं तराई सहित प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से हजारों पूर्व सैनिकों ने सहभागिता कर उत्तराखंड के भविष्य, राज्य आंदोलन की मूल भावना तथा वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर व्यापक मंथन किया।कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्रीय गान के साथ हुआ। इसके उपरांत अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलित कर उत्तराखंड राज्य आंदोलन एवं देश की रक्षा में अपने प्राण न्योछावर करने वाले शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। उपस्थित सभी पूर्व सैनिकों एवं अतिथियों ने दो मिनट का मौन रखकर शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि दी।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उत्तराखंड क्रांति दल के उपाध्यक्ष कर्नल सुनील कोटनाला रहे। अन्य अतिथियों में पूर्व कुलपति यू. एस. रावत, उत्तराखंड क्रांति दल के केन्द्रीय महामंत्री कर्नल कैलाश देवरानी,कर्नल सुनील चौहान,कर्नल विनोद नेगी, कैप्टन सी. एम. गढ़िया, कैप्टन खुशहाल सिंह गढ़िया,सूबेदार मेजर देवचंद उत्तराखंडी,राजेंद्र रावत,हरेंद्र भंडारी,कप्तान वीरेंद्र बिष्ट, सूबेदार मेजर भरत राणा,हीरा सिंह फर्स्वाण,अब्बल सिंह नेगी सहित अनेक वरिष्ठ पूर्व सैनिक,सामाजिक कार्यकर्ता एवं संगठन के पदाधिकारी उपस्थित रहे।सम्मेलन में वक्ताओं ने कहा कि उत्तराखंड राज्य का गठन जिन उद्देश्यों और जनभावनाओं को लेकर हुआ था, वे आज भी अधूरे हैं। स्थायी राजधानी गैरसैण, पलायन, बेरोजगारी, सैनिक एवं पूर्व सैनिकों के सम्मान, सीमांत क्षेत्रों के विकास तथा राज्य के प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण जैसे मुद्दों पर गंभीरता से कार्य करने की आवश्यकता है।सम्मेलन में उपस्थित हजारों पूर्व सैनिकों ने एक स्वर में संकल्प लिया कि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में उत्तराखंड क्रांति दल को मजबूत करने के लिए गांव-गांव और घर-घर तक पहुंचकर जनजागरण अभियान चलाया जाएगा तथा राज्यहित के मुद्दों को जनता के बीच प्रमुखता से रखा जाएगा। वक्ताओं ने विश्वास व्यक्त किया कि उत्तराखंड की अस्मिता, स्वाभिमान और राज्य आंदोलन की मूल भावना को साकार करने में उत्तराखंड क्रांति दल ही प्रदेश का सशक्त और वास्तविक राजनीतिक विकल्प है।कार्यक्रम का समापन राज्यहित, जनहित एवं उत्तराखंड के सर्वांगीण विकास के लिए एकजुट होकर कार्य करने तथा वर्ष 2027 में उत्तराखंड क्रांति दल को मजबूत जनसमर्थन दिलाने के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ।