औरंगाबाद में 196 किमी सीवरेज प्रोजेक्ट पर सवाल, गड्ढे भरने की घटिया तकनीक से सड़कें होंगी बर्बाद: नीलमणि।
औरंगाबाद शहर को जलजमाव और गंदगी से मुक्ति दिलाने के लिए औरंगाबाद में 20 MLD क्षमता का सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट, लगभग 196 किमी लंबा भूमिगत सीवरेज पाइपलाइन नेटवर्क और 8 पंपिंग स्टेशन का बड़ा प्रोजेक्ट चल रहा है।
लेकिन काम की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठने लगे हैं। वार्ड नंबर 8 निवासी और समाजसेवी नीलमणि कुमार ने आरोप लगाया है कि जिस तरह से काम हो रहा है उससे आने वाले 10 साल तक औरंगाबाद की हर सड़क और हर गली बड़े-बड़े गड्ढों में तब्दील हो जाएगी।
नीलमणि कुमार ने कहा, "10 फीट गहरा गड्ढा काटकर फिर उसी गीली मिट्टी से उसे भर दिया जा रहा है। मेरी समझ और प्राप्त जानकारी के हिसाब से कंस्ट्रक्शन लाइन में अब तक ऐसी कोई मेथोडोलॉजी ईजाद नहीं हुई है जो 10 फीट गीली मिट्टी को कंपैक्ट कर सके"।
उन्होंने कहा कि यह पहली बार देख रहे हैं कि किसी ट्रेंच की बैक फिलिंग बालू, डस्ट या फ्लाई ऐश से न होकर सीधे मिट्टी से की जा रही है। इससे सड़कें बैठ जाएंगी और जगह-जगह गड्ढे हो जाएंगे।
समाजसेवी ने सोशल मीडिया पर इसका वीडियो भी पोस्ट किया है। उन्होंने कहा, "अगर अभी से लोग जागरूक होकर इसे नहीं रोकेंगे तो औरंगाबाद गड्ढों का शहर बनकर रह जाएगा"।
फिलहाल विभागीय अधिकारियों से इस मामले में कोई प्रतिक्रिया नहीं मिल पाई है।
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