ग्राम प्रतापपुरा में नौ दिनों से चल रही संगीत मय श्रीरामकथा का समापन रावण वध एवं भगवान श्रीराम के राजतिलक प्रसंग के साथ श्रद्धा और उल्लासपूर्वक संपन्न हुआ। प्रसिद्ध रामकथा वाचक हंस दास मठ सीहोर के महंत 1008 पंडित हरिराम दास जी के ओजस्वी एवं भावपूर्ण मुखारविंद से प्रतापपुरा सहित आसपास के ग्रामीण अंचलों के हजारों श्रद्धालुओं ने कथा का रसपान किया।