लो डीएम साहब… एक और गुहार!
अपने जिले की दो बेटियों की आवाज भी सुनिए…!
मऊ में सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा एक वीडियो इन दिनों लोगों का ध्यान खींच रहा है। वीडियो में एक बच्ची स्कूल जाती नजर आ रही है, जबकि उसके पीछे दूसरी बच्ची मोबाइल कैमरा लेकर अपनी मासूम और तोतली भाषा में कुछ कहती हुई वीडियो बना रही है।
वीडियो को गौर से सुनिए…
शब्द भले ही मासूम हैं, लेकिन उनमें छिपी गुहार और समस्या की गंभीरता शायद बड़े-बड़े सवाल खड़े कर देती है।
आखिर ऐसी नौबत क्यों आ रही है कि जिले की छोटी-छोटी बेटियों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए वीडियो बनाकर अधिकारियों तक अपनी आवाज पहुंचानी पड़ रही है?
क्या जनप्रतिनिधियों और स्थानीय जिम्मेदारों तक इनकी आवाज नहीं पहुंच रही?
क्या प्रशासन तक पहुंचने के लिए अब मासूम बेटियों को सोशल मीडिया का सहारा लेना पड़ेगा?
गौरतलब है कि कुछ दिन पहले एक बुनकर समाज की बच्ची भी अपनी समस्या लेकर जिलाधिकारी कार्यालय पहुंची थी। जिलाधिकारी आनंद वर्धन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। नगर पालिका के ईओ को बच्ची के घर तक रास्ते का निर्माण कराने की जिम्मेदारी दी गई और देखते ही देखते रास्ता तैयार हो गया। इतना ही नहीं, जिलाधिकारी स्वयं बच्ची के घर पहुंचे, रास्ते का निरीक्षण किया और बच्ची को साइकिल व चॉकलेट भी भेंट की।
अब सवाल यह है कि सोशल मीडिया के जरिए सामने आई इन दो बेटियों की गुहार डीएम साहब के कानों तक पहुंचती है या नहीं?
और अगर पहुंचती है…
तो क्या इनकी समस्या का भी उसी तत्परता से समाधान होगा?
अब नजर प्रशासन की अगली कार्रवाई पर है…!
वीडियो सुनिए और खुद तय कीजिए—इन मासूम आवाजों में छिपी गुहार कितनी बड़ी है।
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