*हड्डी फ्रैक्चर धाम बना आरोग्यधाम घाट, एक साल में हजारों के टूटे हाथ-पैर*
सतना।
चित्रकूट स्थित आरोग्यधाम घाट सुरक्षा व्यवस्था और रखरखाव में लापरवाही के चलते यह स्थल हड्डी फ्रैक्चर घाट बन चुका है।दीनदयाल शोध संस्थान द्वारा संचालित इस घाट पर स्नान के लिए प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं, लेकिन घाट की सीमेंट-कंक्रीट और पत्थर की सतह पर जमी काई लोगों के लिए खतरा बन गई है। घाट की खतरनाक स्थिति पर न नगर परिषद ध्यान दे रही और न आरोग्य धाम प्रबंधन यही कारण है कि पिछले एक साल में लगभग हजारों लोगों के हांथ- पैर टूट चुके हैं। फिसलन के कारण नियमित रूप से लोग गिरकर घायल भी हो रहे हैं।
स्थानीय सूत्रों के मुताबिक पिछले एक वर्ष में केवल एक प्रमुख चिकित्सालय में ही आरोग्यधाम घाट पर गिरकर घायल हुए करीब 1135 लोगों का प्राथमिक उपचार, टांके और फ्रैक्चर संबंधी इलाज किया गया है। निजी और सरकारी अस्पतालों में उपचार कराने वालों की संख्या इससे कहीं अधिक बताई जा रही है।
नागरिकों का कहना है कि नगर परिषद और आरोग्यधाम प्रबंधन को कई बार शिकायतें दी गईं, लेकिन अब तक प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। लोगों ने घाट की तत्काल सफाई, मरम्मत और सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने की मांग की है।