*शहडोल में गोहपारू पुलिस का 'अंधा कानून'? वारदात के वक्त युवक था 600 किमी दूर वृंदावन में, पुलिस ने बना दिया 'लुटेरा'!*
*👉अकाट्य तकनीकी सबूतों के साथ SP दरबार पहुंचा पीड़ित परिवार; आरोप— पूर्व में कार्यवाही थाना प्रभारी ने निर्दोष को घसीटा, सबूत दिखाने पर दी थी जेल भेजने की धमकी!*
*💥वारदात वृंदावन में, FIR शहडोल में... अंधेर नगरी चौपट राजा!*
*गोहपारू,/शहडोल (म.प्र.)*
*शहडोल जिले के गोहपारू थाने से खाकी को शर्मसार करने और न्याय व्यवस्था का मखौल उड़ाने का एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसे सुनकर किसी का भी कानून पर से भरोसा उठ जाए। गोहपारू पुलिस ने अपराध क्रमांक 334/25 (धारा 309(6), 3(5) बीएनएस) के तहत एक ऐसे युवक को 'लूट' का आरोपी बनाकर जेल ठोक दिया, जो वारदात के समय शहडोल से करीब 600 किलोमीटर दूर वृंदावन धाम में बांके बिहारी के दर्शन कर रहा था!*
*ग्वालियर निवासी प्रार्थी देवीशरण शर्मा ने शहडोल पुलिस अधीक्षक (SP) के समक्ष पुख्ता और अकाट्य दस्तावेजी सबूतों का पुलिंदा टेबल पर रखकर गोहपारू पुलिस के इस 'फर्जी खेल' को चौराहे पर बेनकाब कर दिया है।*
*⏳ क्रोनोलॉजी समझिए: जब शहडोल में हो रही थी लूट, तब उमाशंकर कहाँ था?*
*गोहपारू पुलिस की थ्योरी के अनुसार, फरियादी अनिल कुमार सोनी के साथ दिनांक 05 अगस्त 2025 की शाम 6 से 7 बजे के बीच लूट की वारदात हुई थी। अब देखिए डिजिटल इंडिया में 'मीडिया' के पास मौजूद वो अकाट्य सबूत, जो पुलिसिया कहानी के परखच्चे उड़ा रहे हैं:*
*● 05 अगस्त 2025 (शाम 6:00 बजे): आरोपी बनाया गया उमाशंकर शर्मा मुरैना से बस द्वारा ग्वालियर जा रहा था।*
*● 05 अगस्त 2025 (रात 9:42 बजे): उमाशंकर अपने दोस्तों (हनी, अमन, सोनू, रवि, सुनील) and ड्राइवर सोहेल खान के साथ अर्टिका गाड़ी (MP 07 ZA 5452) से वृंदावन के लिए निकला। रास्ते में 'खाटूश्याम फिलिंग स्टेशन' पर सीएनजी डलवाई, जिसका ऑनलाइन पेमेंट 'फोन पे' से ड्राइवर सोहेल ने किया।*
*● 06 अगस्त 2025 (सुबह 1:40 बजे): पूरा ग्रुप वृंदावन पहुंचा। 'होटल राधा-वृंदा' (S-2, 247 रुक्मणी विहार, रूम नंबर 303) में बकायदा एंट्री हुई, जिसका रजिस्टर रिकॉर्ड और सीसीटीवी फुटेज मौजूद है।*
*● 06 अगस्त 2025 (पूरा दिन): सुबह 8:00 बजे और 10:00 बजे के होटल के फोटोग्राफ्स, दोपहर 12:53 बजे यमुना जी में नौकाविहार का वीडियो, और शाम 5:27 बजे बरसाना के लाडली जी मंदिर के फोटोग्राफ्स चीख-चीखकर उमाशंकर की बेगुनाही बयां कर रहे हैं।*
*बड़ा सवाल: जो लड़का टोल प्लाजा के रिकॉर्ड, होटल के रजिस्टर, गूगल लोकेशन और डिजिटल ट्रांजैक्शन के अनुसार वृंदावन और बरसाना की गलियों में घूम रहा था, वो उसी समय शहडोल के गोहपारू के जंगलों में लूट कैसे कर सकता है? क्या उमाशंकर के पास कोई 'जादुई शक्ति' थी?*
*🚨 "तुम मुरैना वाले अपराधी होते हो..." — पूर्व थाना प्रभारी की कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप!*
*पीड़ित के भाई देवीशरण शर्मा ने आवेदन में गोहपारू के पूर्व थाना प्रभारी की कार्यप्रणाली पर बेहद गंभीर और संगीन आरोप लगाए हैं। आवेदन के मुताबिक, जब उमाशंकर को उसके पैतृक गाँव डोगरपुर जागीर (थाना जोरा) से गोहपारू पुलिस उठाकर लाई, तो उसका भाई न्याय की आस में शहडोल पहुंचा था।*
*पूर्व थाना प्रभारी से मुलाकात कर जब भाई ने उमाशंकर की बेगुनाही के सारे पुख्ता डिजिटल सबूत दिखाने चाहे, तो आरोपों के मुताबिक खाकी के रौब में चूर थाना प्रभारी ने उनकी एक न सुनी। उल्टा बेगुनाही की गुहार लगा रहे भाई को सीधे लहजे में धमकी चमका दी गई— "तुम मुरैना के आदमी अपराधी होते हो, तुम यहाँ से चले जाओ नहीं तो तुमको भी थाने में बंद कर दूँगा!" शहडोल में कोई जान-पहचान न होने के कारण पीड़ित का भाई उस समय डरकर वापस लौट गया था और अब सीधे एसपी की शरण में पहुंचा है।*
*📱 टावर लोकेशन खोलेगी गोहपारू पुलिस की पोल!*
*पीड़ित परिवार ने एसपी शहडोल से मांग की है कि उमाशंकर शर्मा के मोबाइल नंबर (7828330096) की घटना दिनांक (05.08.2025) से लेकर गिरफ्तारी दिनांक (25.09.2025) तक की CDR और टावर लोकेशन निकाली जाए। उमाशंकर का मोबाइल कभी शहडोल की सीमा में आया ही नहीं; उसका पूरा टावर लोकेशन ग्वालियर और मुरैना के आसपास का है। साफ़ है कि पुलिस ने अपनी पीठ थपथपाने और आनन-फानन में 'केस सुलझाने' के चक्कर में एक सीधे-साधे परिवार के युवक को बलि का बकरा बना दिया।*
*🎯 'शहडोल जिले की जनता' सीधे और तीखे सवाल:*
*शहडोल एसपी महोदय ध्यान दें: जब पीड़ित परिवार गाड़ी की सीएनजी रसीद, होटल राधा-वृंदा का रजिस्टर, टोल प्लाजा की डिटेल और वृंदावन के वीडियो साक्ष्य के रूप में दे रहा है, तो पूर्व थाना प्रभारी द्वारा की गई इस 'अंधी तफ्तीश' पर ताला कब लगेगा?*
*जिम्मेदारों से सवाल: किसी क्षेत्र विशेष (मुरैना) के नाम पर किसी को अपराधी मान लेना और बेगुनाही के डिजिटल सबूत देखने के बजाय जेल भेजने की धमकी देना, क्या यह पद का घोर दुरुपयोग और मानवाधिकारों का हनन नहीं है?*
*👉जांच का ढोंग: क्या असली लुटेरों को बचाने या अपनी नाकामी छुपाने के लिए गोहपारू पुलिस ने 600 किलोमीटर दूर बैठे युवक पर इतना बड़ा केस लाद दिया?*
*अब देखना यह है कि शहडोल के वर्तमान पुलिस कप्तान इस मामले में 'दूध का दूध और पानी का पानी' करने के लिए किसी निष्पक्ष अधिकारी से उच्च स्तरीय जांच कराते हैं या फिर पूर्व में की गई इस त्रुटिपूर्ण कार्रवाई की बदौलत एक बेगुनाह की जिंदगी सलाखों के पीछे तिल-तिल कर दम तोड़ती रहेगी!*
*इस 'अंधे कानून' की हर एक परत और गोहपारू पुलिस के इस पूरे कारनामे पर हमारी नजर लगातार बनी हुई है... परत दर परत खुलासे अभी बाकी हैं!*