सामरी कुसमी: ‘शुद्ध पानी’ सपना, 30 घरों की जिंदगी चूआ के सहारे, आदिवासी समाज के अध्यक्ष का बयान आया सामने
कुसमी सामरी मंगलवार ग्राम पंचायत सबाग के झलबासा गांव आज भी मूलभूत सुविधाओं से वंचित है यहां के करीब 30 से 35 घरों में रहने वाले लगभग 200 ग्रामीण—जिनमें पहाड़ी कोरवा और बृजिया समाज के लोग शामिल हैं वहीं छत्तीसगढ़ सर्व आदिवासी समाज के जिला अध्यक्ष का बयान आया सामने वही अध्यक्ष ने प्रशासन की लापरवाही बताया है