फर्जी ड्रग इंस्पेक्टरों का गिरोह बेनकाब,मेडिकल स्टोर संचालक से ऐंठे रुपये
माइक और फर्जी प्रेस आईडी लेकर पहुंचते थे अधिकारी कार्रवाई का डर दिखाकर करते थे वसूली अमेठी पुलिस ने चार को दबोचा
अमेठी। जिले में मेडिकल स्टोर संचालकों को ड्रग इंस्पेक्टर बनकर धमकाने और चेकिंग के नाम पर रुपये ऐंठने वाले कथित गिरोह का गौरीगंज पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया। पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से दो इलेक्ट्रॉनिक मीडिया माइक, चार प्रेस आईडी,एक कूटरचित फर्जी पहचान पत्र, ठगी के तीन हजार रुपये और घटना में प्रयुक्त स्विफ्ट डिजायर कार बरामद की है।
पुलिस के मुताबिक, 12 अगस्त की शाम करीब 4:30 बजे गौरीगंज क्षेत्र के सराय भागमानी-पाण्डेयपुर स्थित श्री बालाजी मेडिकल स्टोर पर चार लोग स्विफ्ट डिजायर कार से पहुंचे। आरोप है कि इन लोगों ने खुद को ड्रग इंस्पेक्टर बताते हुए मेडिकल स्टोर संचालक पर गलत दवाएं बेचने का आरोप लगाया और दुकान बंद कराने की धमकी दी।
कार्रवाई से बचाने के नाम पर मांगे पांच हजार
आरोप है कि गिरोह के एक सदस्य ने फर्जी पहचान पत्र दिखाकर कार्रवाई से बचने के नाम पर मेडिकल स्टोर संचालक से पांच हजार रुपये मांगे। भय के चलते संचालक ने तीन हजार रुपये नकद और दो हजार रुपये यूपीआई के जरिए सुशील नामक व्यक्ति को भेज दिए।
बाद में जब संचालक ने मामले की जानकारी की तो कथित फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। इसके बाद लोगों ने कार सवारों की तलाश शुरू की और चारों को मुंशीगंज चौराहे के पास पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया।
कभी ड्रग इंस्पेक्टर, कभी पत्रकार बनकर करते थे वसूली
पूछताछ में पुलिस के अनुसार आरोपियों ने कथित तौर पर बताया कि वे ग्रामीण इलाकों में स्थित छोटे मेडिकल स्टोरों को निशाना बनाते थे। फर्जी पहचान पत्र बनवाकर कभी ड्रग इंस्पेक्टर तो कभी पत्रकार बनकर माइक लेकर मेडिकल स्टोर पहुंचते थे। इसके बाद चेकिंग और कानूनी कार्रवाई का भय दिखाकर संचालकों से रुपये वसूलते थे और रकम आपस में बांट लेते थे।
रायबरेली में भी दर्ज हैं कई मुकदमे
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान वसीम खान निवासी आजाद नगर, कोतवाली नगर रायबरेली, अशोक कुमार शर्मा निवासी गढ़ी खास हरचंदपुर, बृजेश कुमार पासवान निवासी खोर मिल एरिया और रत्नेश शर्मा निवासी डिडौली हरचंदपुर के रूप में हुई है।
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों का आपराधिक इतिहास भी सामने आया है। वसीम खान के खिलाफ मारपीट समेत दो मुकदमे, बृजेश कुमार पासवान के खिलाफ चोरी, मारपीट व दहेज संबंधी दो मुकदमे तथा रत्नेश शर्मा के खिलाफ मारपीट और बलात्कार समेत दो मुकदमे दर्ज बताए गए हैं।
फर्जी आईडी और मीडिया माइक ने खोली पोल
पुलिस की बरामदगी में मिले चार प्रेस आईडी, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया माइक और फर्जी पहचान पत्र ने पूरे खेल की तस्वीर साफ कर दी। आरोपियों द्वारा पत्रकारिता और सरकारी अधिकारी की पहचान का कथित दुरुपयोग कर वसूली किए जाने से मामले ने गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
गौरीगंज थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर अग्रिम विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
इन पुलिसकर्मियों ने खोला गिरोह का खेल
कार्रवाई करने वाली टीम में प्रभारी निरीक्षक रवि सिंह, उपनिरीक्षक कृपाशंकर यादव, हेड कांस्टेबल अनिल कुमार गुप्ता, कांस्टेबल आनन्द कुमार वर्मा, जितेन्द्र कुमार यादव, अमित प्रताप सिंह, देवेन्द्र दूबे और प्रीतम कुमार शर्मा शामिल रहे।
बरामदगी में स्विफ्ट डिजायर कार भी शामिल है। पुलिस की इस कार्रवाई से फर्जी अधिकारी और पत्रकार बनकर मेडिकल स्टोर संचालकों से वसूली करने वालों में हड़कंप मचा हुआ है।
Rae Bareli, Raebareli | Aug 13, 2026