नदी में कूदकर 5 बच्चों की जान बचाने वाले 14 वर्षीय सौरभ की बहादुरी को मिला सम्मान*
केन्द्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने वीडियो कॉल पर की सौरभ से बातचीत, बढ़ाया हौसला और हरसंभव मदद का दिया भरोसा
धौलपुर:-कहते हैं कि बहादुरी उम्र की मोहताज नहीं होती। जब सामने किसी की जिंदगी बचाने का सवाल हो तो हौसला और मानवीय संवेदना इंसान को असाधारण कदम उठाने की ताकत देती है। ऐसी ही अदम्य साहस और मानवता की मिसाल पेश की है धौलपुर जिले के मनियां क्षेत्र के गडाईच गांव निवासी 14 वर्षीय सौरभ कुशवाह ने। अप्रैल 2026 में पार्वती नदी में नहाते समय अचानक गहरे पानी में डूबने लगे आठ बच्चों को देखकर सौरभ ने एक पल भी अपनी जान की परवाह नहीं की और बच्चों को बचाने के लिए नदी में छलांग लगा दी। सौरभ ने गहरे पानी में पहुंचकर डूब रहे बच्चों को एक-दूसरे का हाथ पकड़कर बाहर निकालना शुरू किया। उसने अपने साहस और सूझबूझ से पांच बच्चों की जान बचाने में सफलता हासिल की। हालांकि इस दर्दनाक हादसे में सौरभ की बहन सहित तीन बच्चों की जान नहीं बच सकी। सौरभ नदी किनारे अपनी भैंसों को चरा रहा था। इसी दौरान उसकी बहन सोनम सहित आठ बच्चे पार्वती नदी में नहा रहे थे। नदी में एक टापू के पास गहरा गड्ढा होने के कारण बच्चे अचानक उसमें गिरने लगे। बच्चों को डूबता देखकर सौरभ ने तुरंत कपड़े उतारे और बिना किसी भय के नदी में छलांग लगा दी। सौरभ ने पानी में डूब रहे बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। देखते ही देखते उसने पांच बच्चों को नदी से बाहर निकालकर उनकी जान बचाई। इस दौरान उसकी अपनी बहन सोनम सहित तीन बच्चे गहरे पानी में समा गए। महज 14 वर्ष की उम्र में अपनी जान की परवाह किए बिना पांच बच्चों को बचाने का यह साहसिक प्रयास क्षेत्र में चर्चा का विषय बना और सौरभ की बहादुरी की हर ओर सराहना होने लगी।
केन्द्रीय मंत्री ने वीडियो कॉल पर की बातचीत
सौरभ की इस बहादुरी और साहस को सम्मान देते हुए केन्द्रीय मंत्री श्री गजेन्द्र सिंह शेखावत के जन्मदिन के अवसर पर भाजपा नेता श्री नागवेन्द्र सिंह ने अपने कार्यालय पर सौरभ कुशवाह का सम्मान किया। इस दौरान सौरभ को कपड़े, जूते एवं नगद राशि से सम्मानित करते हुए उसकी बहादुरी की सराहना की गई और उसका हौसला बढ़ाया गया।
इसी अवसर पर केन्द्रीय मंत्री श्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने वीडियो कॉल के माध्यम से 14 वर्षीय सौरभ कुशवाह से सीधे बातचीत की। उन्होंने सौरभ से घटना के बारे में जानकारी ली और उसके साहस की सराहना करते हुए उसका हौसला बढ़ाया। केन्द्रीय मंत्री ने सौरभ से कहा कि जिस तरह उसने अपनी जान की परवाह किए बिना पांच बच्चों की जिंदगी बचाने के लिए नदी में छलांग लगाई, वह साहस और मानवता की प्रेरणादायी मिसाल है। उन्होंने सौरभ को भरोसा दिलाया कि उसकी बहादुरी को देखते हुए सरकार एवं प्रशासन के स्तर पर हरसंभव मदद और सहयोग उपलब्ध कराने के लिए प्रयास किए जाएंगे।
सौरभ की बहादुरी बनी क्षेत्र के लिए प्रेरणा
सौरभ की कहानी इस बात का उदाहरण है कि विपरीत परिस्थितियों में सही समय पर लिया गया एक साहसिक फैसला किसी की जिंदगी बचा सकता है। जहां एक ओर हादसे ने तीन परिवारों को गहरा दुख दिया, वहीं दूसरी ओर सौरभ ने अपनी जान जोखिम में डालकर पांच बच्चों को नया जीवन दिया।
गडाईच गांव के इस 14 वर्षीय बहादुर सौरभ ने जिस साहस, तत्परता और मानवीय संवेदना का परिचय दिया है, वह निश्चित रूप से पूरे जिले के लिए गर्व और प्रेरणा का विषय है। उसका सम्मान न केवल उसके साहस को प्रोत्साहित करता है, बल्कि समाज के अन्य लोगों को भी संकट की घड़ी में मानवता और साहस के साथ आगे आने की प्रेरणा देता है। इस अवसर पर मोहन प्रकाश, लोकेंद्र सिंह चौहान, रूपसिंह, सेजवार, विनोद दीक्षित ,राजकुमार, रब्बी, मनिंदर, रुपेश, धर्मेंद्र चौरसिया, नाहर सिंह, मोनू आदि उपस्थित रहें।