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बदायूं में दिनदहाड़े किसान की गोली मारकर हत्या, इलाके में फैली दहशत बाइक सवार किसान पर अज्ञात हमलावरों का हमला, पुलिस जांच में जुटी ग्रामीणों में आक्रोश, हत्यारों की गिरफ्तारी की उठी मांग ✒️रिपोर्ट नागेंद्र पांडये बदायूं (उत्तर प्रदेश)। उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले में एक किसान की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या किए जाने की घटना ने क्षेत्र में सनसनी फैला दी है। वजीरगंज थाना क्षेत्र के बनकोटा गांव के पास बाइक सवार किसान को अज्ञात हमलावरों ने बुधवार/गुरुवार की रात निशाना बनाया और गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए, जबकि सूचना मिलने पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। इस वारदात के बाद ग्रामीणों में भय और आक्रोश का माहौल है। उत्तर प्रदेश के बदायूं जनपद में कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाली एक सनसनीखेज घटना सामने आई है। वजीरगंज थाना क्षेत्र के बनकोटा गांव के निकट बाइक से जा रहे एक किसान की अज्ञात हमलावरों ने बीति बुधवार और गुरुवार 17/18 की रात गोली मारकर हत्या कर दी। दिनदहाड़े हुई इस वारदात ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, किसान अपने निजी कार्य से बाइक पर जा रहा था, तभी पहले से घात लगाए बैठे अज्ञात हमलावरों ने उस पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। गोली लगने से किसान गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़ा। घटना को अंजाम देने के बाद हमलावर मौके से फरार हो गए। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरने के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। साथ ही घटनास्थल के आसपास मौजूद लोगों से पूछताछ कर महत्वपूर्ण सुराग जुटाने का प्रयास किया जा रहा है। ग्रामीणों में दहशत और आक्रोश दिनदहाड़े हुई इस हत्या से ग्रामीणों में भारी दहशत फैल गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि खुलेआम हुई इस वारदात ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन से जल्द से जल्द हत्यारों की गिरफ्तारी की मांग की है। पुलिस ने गठित की विशेष टीमें पुलिस अधिकारियों के अनुसार, घटना की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज कर दी गई है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है तथा संदिग्ध व्यक्तियों की तलाश के लिए विशेष टीमें गठित की गई हैं। पुलिस का दावा है कि जल्द ही घटना का खुलासा किया जाएगा। सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी घटना घटना की जानकारी सामने आने के बाद यह मामला सोशल मीडिया पर भी तेजी से चर्चा का विषय बन गया है। लोग कानून व्यवस्था और ग्रामीण सुरक्षा को लेकर सवाल उठा रहे हैं तथा दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। बदायूं में किसान की हत्या केवल एक आपराधिक घटना नहीं, बल्कि ग्रामीण सुरक्षा और कानून व्यवस्था से जुड़ा गंभीर मामला बन गई है। अब सभी की निगाहें पुलिस जांच पर टिकी हैं। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जांच एजेंसियां हत्यारों तक कितनी जल्दी पहुंच पाती हैं और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की दिशा में क्या कदम उठाए जाते हैं। अपील ND NEWS एवं दैनिक निष्पक्ष धारा समाज के सभी नागरिकों से अपील करता है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि, आपराधिक घटना या विवाद की सूचना तत्काल पुलिस को दें। कानून को अपने हाथ में लेने के बजाय प्रशासन का सहयोग करें। सुझाव एवं जागरूकता संदेश ✅ संदिग्ध व्यक्तियों और गतिविधियों की सूचना तत्काल पुलिस को दी जाए। ✅ पुलिस प्रशासन संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित गश्त बढ़ाए। ✅ सीसीटीवी कैमरों एवं तकनीकी निगरानी को बढ़ावा दिया जाए। ✅ अपराधियों को शीघ्र गिरफ्तार कर कानून के अनुसार कठोर दंड दिया जाए। ND NEWS प्रशासन और जनता दोनों से अपेक्षा करता है कि कानून व्यवस्था को मजबूत बनाने में सामूहिक सहयोग करें ताकि ऐसी दुखद घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। 👇 @UPGovt @myogiadityanath @CMOfficeUP @dgpup @Uppolice @adgzonebareilly @budaunpolice @dm_badaun @InfoDeptUP @UPPViralCheck 👇👇 #NDNews #दैनिकनिष्पक्षधारा #Badaun #Wazirganj #FarmerMurder #UPCrime #BreakingNews #UPPolice #CrimeNews #RuralSecurity #BadaunNews #LawAndOrder #UPGovernment #NDNewsChannel 👇👇 🟥 ND NEWS | दैनिक निष्पक्ष धारा मुख्य संपादक/संस्थापक: राजन सिंह हाड़ा सह-संपादक: शालिनी सिंह भदौरिया 📍 कार्यालय-3: U158, हीरा स्वीट्स के पास,विकास मार्ग,लक्ष्मी नगर,पूर्वी दिल्ली,110092 (NCR) 📍 कार्यालय-2: विधानसभा रोड,बर्लिंगटन चौराहा,लखनऊ–226001 (UP) 📍 कार्यालय-1: 1/1 अटल बिहारी चौराहा, नियर बर्मा चौराहा, फतेहपुर – 212601 (UP) 📅 दिनांक: 19 जून 2026 📞 मोबाइल: 9696119696

Fatehpur, Fatehpur | Jun 19, 2026

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बदायूं में दिनदहाड़े किसान की गोली मारकर हत्या, इलाके में फैली दहशत

बाइक सवार किसान पर अज्ञात हमलावरों का हमला, पुलिस जांच में जुटी

ग्रामीणों में आक्रोश, हत्यारों की गिरफ्तारी की उठी मांग

✒️रिपोर्ट नागेंद्र पांडये

बदायूं (उत्तर प्रदेश)। उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले में एक किसान की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या किए जाने की घटना ने क्षेत्र में सनसनी फैला दी है। वजीरगंज थाना क्षेत्र के बनकोटा गांव के पास बाइक सवार किसान को अज्ञात हमलावरों ने बुधवार/गुरुवार की रात निशाना बनाया और गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए, जबकि सूचना मिलने पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। इस वारदात के बाद ग्रामीणों में भय और आक्रोश का माहौल है।

उत्तर प्रदेश के बदायूं जनपद में कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाली एक सनसनीखेज घटना सामने आई है। वजीरगंज थाना क्षेत्र के बनकोटा गांव के निकट बाइक से जा रहे एक किसान की अज्ञात हमलावरों ने बीति बुधवार और गुरुवार 17/18 की रात गोली मारकर हत्या कर दी। दिनदहाड़े हुई इस वारदात ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है।

प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, किसान अपने निजी कार्य से बाइक पर जा रहा था, तभी पहले से घात लगाए बैठे अज्ञात हमलावरों ने उस पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। गोली लगने से किसान गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़ा। घटना को अंजाम देने के बाद हमलावर मौके से फरार हो गए।

घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरने के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। साथ ही घटनास्थल के आसपास मौजूद लोगों से पूछताछ कर महत्वपूर्ण सुराग जुटाने का प्रयास किया जा रहा है।

ग्रामीणों में दहशत और आक्रोश

दिनदहाड़े हुई इस हत्या से ग्रामीणों में भारी दहशत फैल गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि खुलेआम हुई इस वारदात ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन से जल्द से जल्द हत्यारों की गिरफ्तारी की मांग की है।

पुलिस ने गठित की विशेष टीमें

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, घटना की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज कर दी गई है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है तथा संदिग्ध व्यक्तियों की तलाश के लिए विशेष टीमें गठित की गई हैं। पुलिस का दावा है कि जल्द ही घटना का खुलासा किया जाएगा।

सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी घटना

घटना की जानकारी सामने आने के बाद यह मामला सोशल मीडिया पर भी तेजी से चर्चा का विषय बन गया है। लोग कानून व्यवस्था और ग्रामीण सुरक्षा को लेकर सवाल उठा रहे हैं तथा दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

बदायूं में किसान की हत्या केवल एक आपराधिक घटना नहीं, बल्कि ग्रामीण सुरक्षा और कानून व्यवस्था से जुड़ा गंभीर मामला बन गई है। अब सभी की निगाहें पुलिस जांच पर टिकी हैं। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जांच एजेंसियां हत्यारों तक कितनी जल्दी पहुंच पाती हैं और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की दिशा में क्या कदम उठाए जाते हैं।

अपील

ND NEWS एवं दैनिक निष्पक्ष धारा समाज के सभी नागरिकों से अपील करता है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि, आपराधिक घटना या विवाद की सूचना तत्काल पुलिस को दें। कानून को अपने हाथ में लेने के बजाय प्रशासन का सहयोग करें।

सुझाव एवं जागरूकता संदेश

✅ संदिग्ध व्यक्तियों और गतिविधियों की सूचना तत्काल पुलिस को दी जाए।
✅ पुलिस प्रशासन संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित गश्त बढ़ाए।
✅ सीसीटीवी कैमरों एवं तकनीकी निगरानी को बढ़ावा दिया जाए।
✅ अपराधियों को शीघ्र गिरफ्तार कर कानून के अनुसार कठोर दंड दिया जाए।

ND NEWS प्रशासन और जनता दोनों से अपेक्षा करता है कि कानून व्यवस्था को मजबूत बनाने में सामूहिक सहयोग करें ताकि ऐसी दुखद घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
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🟥 ND NEWS | दैनिक निष्पक्ष धारा
मुख्य संपादक/संस्थापक: राजन सिंह हाड़ा
सह-संपादक: शालिनी सिंह भदौरिया
📍 कार्यालय-3: U158, हीरा स्वीट्स के पास,विकास मार्ग,लक्ष्मी नगर,पूर्वी दिल्ली,110092 (NCR)
📍 कार्यालय-2: विधानसभा रोड,बर्लिंगटन चौराहा,लखनऊ–226001 (UP)
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📅 दिनांक: 19 जून 2026
📞 मोबाइल: 9696119696

बदायूं में दिनदहाड़े किसान की गोली मारकर हत्या, इलाके में फैली दहशत बाइक सवार किसान पर अज्ञात हमलावरों का हमला, पुलिस जांच में जुटी ग्रामीणों में आक्रोश, हत्यारों की गिरफ्तारी की उठी मांग ✒️रिपोर्ट नागेंद्र पांडये बदायूं (उत्तर प्रदेश)। उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले में एक किसान की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या किए जाने की घटना ने क्षेत्र में सनसनी फैला दी है। वजीरगंज थाना क्षेत्र के बनकोटा गांव के पास बाइक सवार किसान को अज्ञात हमलावरों ने बुधवार/गुरुवार की रात निशाना बनाया और गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए, जबकि सूचना मिलने पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। इस वारदात के बाद ग्रामीणों में भय और आक्रोश का माहौल है। उत्तर प्रदेश के बदायूं जनपद में कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाली एक सनसनीखेज घटना सामने आई है। वजीरगंज थाना क्षेत्र के बनकोटा गांव के निकट बाइक से जा रहे एक किसान की अज्ञात हमलावरों ने बीति बुधवार और गुरुवार 17/18 की रात गोली मारकर हत्या कर दी। दिनदहाड़े हुई इस वारदात ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, किसान अपने निजी कार्य से बाइक पर जा रहा था, तभी पहले से घात लगाए बैठे अज्ञात हमलावरों ने उस पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। गोली लगने से किसान गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़ा। घटना को अंजाम देने के बाद हमलावर मौके से फरार हो गए। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरने के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। साथ ही घटनास्थल के आसपास मौजूद लोगों से पूछताछ कर महत्वपूर्ण सुराग जुटाने का प्रयास किया जा रहा है। ग्रामीणों में दहशत और आक्रोश दिनदहाड़े हुई इस हत्या से ग्रामीणों में भारी दहशत फैल गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि खुलेआम हुई इस वारदात ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन से जल्द से जल्द हत्यारों की गिरफ्तारी की मांग की है। पुलिस ने गठित की विशेष टीमें पुलिस अधिकारियों के अनुसार, घटना की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज कर दी गई है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है तथा संदिग्ध व्यक्तियों की तलाश के लिए विशेष टीमें गठित की गई हैं। पुलिस का दावा है कि जल्द ही घटना का खुलासा किया जाएगा। सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी घटना घटना की जानकारी सामने आने के बाद यह मामला सोशल मीडिया पर भी तेजी से चर्चा का विषय बन गया है। लोग कानून व्यवस्था और ग्रामीण सुरक्षा को लेकर सवाल उठा रहे हैं तथा दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। बदायूं में किसान की हत्या केवल एक आपराधिक घटना नहीं, बल्कि ग्रामीण सुरक्षा और कानून व्यवस्था से जुड़ा गंभीर मामला बन गई है। अब सभी की निगाहें पुलिस जांच पर टिकी हैं। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जांच एजेंसियां हत्यारों तक कितनी जल्दी पहुंच पाती हैं और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की दिशा में क्या कदम उठाए जाते हैं। अपील ND NEWS एवं दैनिक निष्पक्ष धारा समाज के सभी नागरिकों से अपील करता है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि, आपराधिक घटना या विवाद की सूचना तत्काल पुलिस को दें। कानून को अपने हाथ में लेने के बजाय प्रशासन का सहयोग करें। सुझाव एवं जागरूकता संदेश ✅ संदिग्ध व्यक्तियों और गतिविधियों की सूचना तत्काल पुलिस को दी जाए। ✅ पुलिस प्रशासन संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित गश्त बढ़ाए। ✅ सीसीटीवी कैमरों एवं तकनीकी निगरानी को बढ़ावा दिया जाए। ✅ अपराधियों को शीघ्र गिरफ्तार कर कानून के अनुसार कठोर दंड दिया जाए। ND NEWS प्रशासन और जनता दोनों से अपेक्षा करता है कि कानून व्यवस्था को मजबूत बनाने में सामूहिक सहयोग करें ताकि ऐसी दुखद घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। 👇 @UPGovt @myogiadityanath @CMOfficeUP @dgpup @Uppolice @adgzonebareilly @budaunpolice @dm_badaun @InfoDeptUP @UPPViralCheck 👇👇 #NDNews #दैनिकनिष्पक्षधारा #Badaun #Wazirganj #FarmerMurder #UPCrime #BreakingNews #UPPolice #CrimeNews #RuralSecurity #BadaunNews #LawAndOrder #UPGovernment #NDNewsChannel 👇👇 🟥 ND NEWS | दैनिक निष्पक्ष धारा मुख्य संपादक/संस्थापक: राजन सिंह हाड़ा सह-संपादक: शालिनी सिंह भदौरिया 📍 कार्यालय-3: U158, हीरा स्वीट्स के पास,विकास मार्ग,लक्ष्मी नगर,पूर्वी दिल्ली,110092 (NCR) 📍 कार्यालय-2: विधानसभा रोड,बर्लिंगटन चौराहा,लखनऊ–226001 (UP) 📍 कार्यालय-1: 1/1 अटल बिहारी चौराहा, नियर बर्मा चौराहा, फतेहपुर – 212601 (UP) 📅 दिनांक: 19 जून 2026 📞 मोबाइल: 9696119696

Fatehpur, Fatehpur | Jun 19, 2026

टीईटी अनिवार्यता के विरोध में शिक्षकों का प्रदर्शन

राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा

सेवारत शिक्षकों ने कहा- नियुक्ति के वर्षों बाद नई पात्रता थोपना न्यायसंगत नहीं

✒️रिपोर्ट अजय श्रीवास्तव

फतेहपुर। उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में टीईटी (शिक्षक पात्रता परीक्षा) की अनिवार्यता को लेकर शिक्षकों का विरोध तेज होता दिखाई दे रहा है। राष्ट्रीय एवं प्रांतीय नेतृत्व के आह्वान पर राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ उत्तर प्रदेश की फतेहपुर इकाई ने जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर प्रदर्शन किया और प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा। शिक्षकों का कहना है कि टीईटी लागू होने से पहले नियुक्त हुए शिक्षकों पर इसे अनिवार्य करना उनके अधिकारों और सेवा शर्तों के विपरीत है।

फतेहपुर में गुरुवार को राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के बैनर तले बड़ी संख्या में शिक्षक जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और टीईटी अनिवार्यता के विरोध में प्रदर्शन किया। शिक्षकों ने प्रधानमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपते हुए मांग की कि टीईटी लागू होने से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को इस अनिवार्यता से मुक्त रखा जाए।

प्रदर्शन के दौरान शिक्षकों ने कहा कि उनकी नियुक्तियां उस समय की वैधानिक चयन प्रक्रिया और पात्रता मानकों के अनुरूप हुई थीं। उन्होंने वर्षों तक विद्यालयों में सेवा प्रदान की है और अब 15 से 20 वर्ष बाद नई पात्रता परीक्षा की अनिवार्यता लागू करना न्यायोचित नहीं माना जा सकता।

महासंघ के पदाधिकारियों का कहना था कि जब उनकी भर्ती हुई थी, तब निर्धारित चयन प्रक्रिया और पात्रता मानकों का पालन कर ही उन्हें नियुक्ति मिली थी। ऐसे में वर्षों की सेवा के बाद पुनः परीक्षा की बाध्यता शिक्षकों के आत्मसम्मान और सेवा सुरक्षा पर प्रश्नचिह्न खड़ा करती है।

महिला शिक्षकों ने भी उठाई आवाज

महिला शिक्षक एवं ब्लॉक अध्यक्ष संगीता सचान ने कहा कि वर्षों से शिक्षा सेवा में कार्यरत शिक्षकों की दोबारा परीक्षा लेना उनके अनुभव और योगदान का अपमान है। उन्होंने कहा कि यदि पुराने नियुक्त शिक्षकों से पुनः परीक्षा की अपेक्षा की जाती है तो समान सिद्धांत अन्य विभागों पर भी लागू होने चाहिए।

आंदोलन तेज करने की चेतावनी

महासंघ के जिला पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार और संबंधित विभाग उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं करते हैं तो प्रदेशव्यापी आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा। शिक्षकों ने कहा कि यह केवल नौकरी का मुद्दा नहीं बल्कि लाखों शिक्षकों की सेवा सुरक्षा और सम्मान से जुड़ा विषय है।

सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना मुद्दा

टीईटी अनिवार्यता को लेकर चल रहा विवाद सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बना हुआ है। शिक्षक संगठनों का कहना है कि इस फैसले से देशभर के लाखों शिक्षक प्रभावित हो सकते हैं, जबकि सरकार और न्यायिक प्रक्रिया के समर्थक इसे शिक्षा की गुणवत्ता से जोड़कर देख रहे हैं।

फतेहपुर में हुआ यह प्रदर्शन शिक्षा व्यवस्था और शिक्षक सेवा शर्तों से जुड़े एक महत्वपूर्ण मुद्दे को सामने लाता है। अब निगाहें केंद्र और राज्य सरकार की प्रतिक्रिया पर टिकी हैं। आने वाले समय में इस विषय पर प्रशासनिक, विधायी अथवा न्यायिक स्तर पर क्या निर्णय लिया जाता है, यह लाखों शिक्षकों के भविष्य को प्रभावित कर सकता है।

🟥 ND NEWS की जनहित अपील

ND NEWS एवं दैनिक निष्पक्ष धारा सभी संबंधित पक्षों से अपील करता है कि शिक्षा और शिक्षकों से जुड़े संवेदनशील मुद्दों का समाधान संवाद, संवैधानिक प्रक्रिया और पारदर्शी नीति के माध्यम से किया जाए। शिक्षकों का सम्मान और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दोनों लोकतांत्रिक समाज की आधारशिला हैं।
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📅 दिनांक: 18 जून 2026
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टीईटी अनिवार्यता के विरोध में शिक्षकों का प्रदर्शन राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा सेवारत शिक्षकों ने कहा- नियुक्ति के वर्षों बाद नई पात्रता थोपना न्यायसंगत नहीं ✒️रिपोर्ट अजय श्रीवास्तव फतेहपुर। उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में टीईटी (शिक्षक पात्रता परीक्षा) की अनिवार्यता को लेकर शिक्षकों का विरोध तेज होता दिखाई दे रहा है। राष्ट्रीय एवं प्रांतीय नेतृत्व के आह्वान पर राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ उत्तर प्रदेश की फतेहपुर इकाई ने जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर प्रदर्शन किया और प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा। शिक्षकों का कहना है कि टीईटी लागू होने से पहले नियुक्त हुए शिक्षकों पर इसे अनिवार्य करना उनके अधिकारों और सेवा शर्तों के विपरीत है। फतेहपुर में गुरुवार को राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के बैनर तले बड़ी संख्या में शिक्षक जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और टीईटी अनिवार्यता के विरोध में प्रदर्शन किया। शिक्षकों ने प्रधानमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपते हुए मांग की कि टीईटी लागू होने से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को इस अनिवार्यता से मुक्त रखा जाए। प्रदर्शन के दौरान शिक्षकों ने कहा कि उनकी नियुक्तियां उस समय की वैधानिक चयन प्रक्रिया और पात्रता मानकों के अनुरूप हुई थीं। उन्होंने वर्षों तक विद्यालयों में सेवा प्रदान की है और अब 15 से 20 वर्ष बाद नई पात्रता परीक्षा की अनिवार्यता लागू करना न्यायोचित नहीं माना जा सकता। महासंघ के पदाधिकारियों का कहना था कि जब उनकी भर्ती हुई थी, तब निर्धारित चयन प्रक्रिया और पात्रता मानकों का पालन कर ही उन्हें नियुक्ति मिली थी। ऐसे में वर्षों की सेवा के बाद पुनः परीक्षा की बाध्यता शिक्षकों के आत्मसम्मान और सेवा सुरक्षा पर प्रश्नचिह्न खड़ा करती है। महिला शिक्षकों ने भी उठाई आवाज महिला शिक्षक एवं ब्लॉक अध्यक्ष संगीता सचान ने कहा कि वर्षों से शिक्षा सेवा में कार्यरत शिक्षकों की दोबारा परीक्षा लेना उनके अनुभव और योगदान का अपमान है। उन्होंने कहा कि यदि पुराने नियुक्त शिक्षकों से पुनः परीक्षा की अपेक्षा की जाती है तो समान सिद्धांत अन्य विभागों पर भी लागू होने चाहिए। आंदोलन तेज करने की चेतावनी महासंघ के जिला पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार और संबंधित विभाग उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं करते हैं तो प्रदेशव्यापी आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा। शिक्षकों ने कहा कि यह केवल नौकरी का मुद्दा नहीं बल्कि लाखों शिक्षकों की सेवा सुरक्षा और सम्मान से जुड़ा विषय है। सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना मुद्दा टीईटी अनिवार्यता को लेकर चल रहा विवाद सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बना हुआ है। शिक्षक संगठनों का कहना है कि इस फैसले से देशभर के लाखों शिक्षक प्रभावित हो सकते हैं, जबकि सरकार और न्यायिक प्रक्रिया के समर्थक इसे शिक्षा की गुणवत्ता से जोड़कर देख रहे हैं। फतेहपुर में हुआ यह प्रदर्शन शिक्षा व्यवस्था और शिक्षक सेवा शर्तों से जुड़े एक महत्वपूर्ण मुद्दे को सामने लाता है। अब निगाहें केंद्र और राज्य सरकार की प्रतिक्रिया पर टिकी हैं। आने वाले समय में इस विषय पर प्रशासनिक, विधायी अथवा न्यायिक स्तर पर क्या निर्णय लिया जाता है, यह लाखों शिक्षकों के भविष्य को प्रभावित कर सकता है। 🟥 ND NEWS की जनहित अपील ND NEWS एवं दैनिक निष्पक्ष धारा सभी संबंधित पक्षों से अपील करता है कि शिक्षा और शिक्षकों से जुड़े संवेदनशील मुद्दों का समाधान संवाद, संवैधानिक प्रक्रिया और पारदर्शी नीति के माध्यम से किया जाए। शिक्षकों का सम्मान और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दोनों लोकतांत्रिक समाज की आधारशिला हैं। 👇👇 @dgpup @RSSorg @UPGovt @wpl1090 @RSSgeet @Uppolice @MIB_India @PMOIndia @HMOIndia @abmanglik @VHPDigital @igrangealld @myogioffice @InfoDeptUP @dmfatehpur @sdmsadarftp @CMOfficeUP @CMOUP_RC @ChiefSecyUP @ChiefSecyUP @MahantYogiG @FatehpurSdm @fatehpurpolice @BajrangDalOrg @112UttarPradesh @myogiadityanath @CommissionerPrg @ADGZonPrayagraj 👇👇 #NDNews #दैनिकनिष्पक्षधारा #Fatehpur #TET #TeacherNews #NationalEducationalFederation #EducationNews #UPTeachers #ShikshakAndolan #UPNews #BreakingNews #EducationPolicy #PMOIndia #UPGovt 👇👇 🟥 ND NEWS | दैनिक निष्पक्ष धारा मुख्य संपादक/संस्थापक: राजन सिंह हाड़ा 📍 कार्यालय-3: U158, हीरा स्वीट्स के पास, विकास मार्ग, लक्ष्मी नगर, पूर्वी दिल्ली, पिन कोड –110092 (NCR) 📍 कार्यालय-2: विधानसभा रोड, बर्लिंगटन चौराहा, लखनऊ – 226001 (UP) 📍 कार्यालय-1: 1/1 अटल बिहारी चौराहा, नियर बर्मा चौराहा, फतेहपुर – 212601 (UP) 📅 दिनांक: 18 जून 2026 📞 मोबाइल: 9696119696

Fatehpur, Fatehpur | Jun 18, 2026

टीईटी अनिवार्यता के विरोध में शिक्षकों का प्रदर्शन

राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा

सेवारत शिक्षकों ने कहा- नियुक्ति के वर्षों बाद नई पात्रता थोपना न्यायसंगत नहीं

✒️रिपोर्ट अजय श्रीवास्तव

फतेहपुर। उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में टीईटी (शिक्षक पात्रता परीक्षा) की अनिवार्यता को लेकर शिक्षकों का विरोध तेज होता दिखाई दे रहा है। राष्ट्रीय एवं प्रांतीय नेतृत्व के आह्वान पर राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ उत्तर प्रदेश की फतेहपुर इकाई ने जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर प्रदर्शन किया और प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा। शिक्षकों का कहना है कि टीईटी लागू होने से पहले नियुक्त हुए शिक्षकों पर इसे अनिवार्य करना उनके अधिकारों और सेवा शर्तों के विपरीत है।

फतेहपुर में गुरुवार को राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के बैनर तले बड़ी संख्या में शिक्षक जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और टीईटी अनिवार्यता के विरोध में प्रदर्शन किया। शिक्षकों ने प्रधानमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपते हुए मांग की कि टीईटी लागू होने से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को इस अनिवार्यता से मुक्त रखा जाए।

प्रदर्शन के दौरान शिक्षकों ने कहा कि उनकी नियुक्तियां उस समय की वैधानिक चयन प्रक्रिया और पात्रता मानकों के अनुरूप हुई थीं। उन्होंने वर्षों तक विद्यालयों में सेवा प्रदान की है और अब 15 से 20 वर्ष बाद नई पात्रता परीक्षा की अनिवार्यता लागू करना न्यायोचित नहीं माना जा सकता।

महासंघ के पदाधिकारियों का कहना था कि जब उनकी भर्ती हुई थी, तब निर्धारित चयन प्रक्रिया और पात्रता मानकों का पालन कर ही उन्हें नियुक्ति मिली थी। ऐसे में वर्षों की सेवा के बाद पुनः परीक्षा की बाध्यता शिक्षकों के आत्मसम्मान और सेवा सुरक्षा पर प्रश्नचिह्न खड़ा करती है।

महिला शिक्षकों ने भी उठाई आवाज

महिला शिक्षक एवं ब्लॉक अध्यक्ष संगीता सचान ने कहा कि वर्षों से शिक्षा सेवा में कार्यरत शिक्षकों की दोबारा परीक्षा लेना उनके अनुभव और योगदान का अपमान है। उन्होंने कहा कि यदि पुराने नियुक्त शिक्षकों से पुनः परीक्षा की अपेक्षा की जाती है तो समान सिद्धांत अन्य विभागों पर भी लागू होने चाहिए।

आंदोलन तेज करने की चेतावनी

महासंघ के जिला पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार और संबंधित विभाग उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं करते हैं तो प्रदेशव्यापी आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा। शिक्षकों ने कहा कि यह केवल नौकरी का मुद्दा नहीं बल्कि लाखों शिक्षकों की सेवा सुरक्षा और सम्मान से जुड़ा विषय है।

सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना मुद्दा

टीईटी अनिवार्यता को लेकर चल रहा विवाद सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बना हुआ है। शिक्षक संगठनों का कहना है कि इस फैसले से देशभर के लाखों शिक्षक प्रभावित हो सकते हैं, जबकि सरकार और न्यायिक प्रक्रिया के समर्थक इसे शिक्षा की गुणवत्ता से जोड़कर देख रहे हैं।

फतेहपुर में हुआ यह प्रदर्शन शिक्षा व्यवस्था और शिक्षक सेवा शर्तों से जुड़े एक महत्वपूर्ण मुद्दे को सामने लाता है। अब निगाहें केंद्र और राज्य सरकार की प्रतिक्रिया पर टिकी हैं। आने वाले समय में इस विषय पर प्रशासनिक, विधायी अथवा न्यायिक स्तर पर क्या निर्णय लिया जाता है, यह लाखों शिक्षकों के भविष्य को प्रभावित कर सकता है।

🟥 ND NEWS की जनहित अपील

ND NEWS एवं दैनिक निष्पक्ष धारा सभी संबंधित पक्षों से अपील करता है कि शिक्षा और शिक्षकों से जुड़े संवेदनशील मुद्दों का समाधान संवाद, संवैधानिक प्रक्रिया और पारदर्शी नीति के माध्यम से किया जाए। शिक्षकों का सम्मान और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दोनों लोकतांत्रिक समाज की आधारशिला हैं।
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मुख्य संपादक/संस्थापक: राजन सिंह हाड़ा
📍 कार्यालय-3: U158, हीरा स्वीट्स के पास, विकास मार्ग, लक्ष्मी नगर, पूर्वी दिल्ली, पिन कोड –110092 (NCR)
📍 कार्यालय-2: विधानसभा रोड, बर्लिंगटन चौराहा, लखनऊ – 226001 (UP)
📍 कार्यालय-1: 1/1 अटल बिहारी चौराहा, नियर बर्मा चौराहा, फतेहपुर – 212601 (UP)
📅 दिनांक: 18 जून 2026
📞 मोबाइल: 9696119696

टीईटी अनिवार्यता के विरोध में शिक्षकों का प्रदर्शन राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा सेवारत शिक्षकों ने कहा- नियुक्ति के वर्षों बाद नई पात्रता थोपना न्यायसंगत नहीं ✒️रिपोर्ट अजय श्रीवास्तव फतेहपुर। उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में टीईटी (शिक्षक पात्रता परीक्षा) की अनिवार्यता को लेकर शिक्षकों का विरोध तेज होता दिखाई दे रहा है। राष्ट्रीय एवं प्रांतीय नेतृत्व के आह्वान पर राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ उत्तर प्रदेश की फतेहपुर इकाई ने जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर प्रदर्शन किया और प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा। शिक्षकों का कहना है कि टीईटी लागू होने से पहले नियुक्त हुए शिक्षकों पर इसे अनिवार्य करना उनके अधिकारों और सेवा शर्तों के विपरीत है। फतेहपुर में गुरुवार को राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के बैनर तले बड़ी संख्या में शिक्षक जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और टीईटी अनिवार्यता के विरोध में प्रदर्शन किया। शिक्षकों ने प्रधानमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपते हुए मांग की कि टीईटी लागू होने से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को इस अनिवार्यता से मुक्त रखा जाए। प्रदर्शन के दौरान शिक्षकों ने कहा कि उनकी नियुक्तियां उस समय की वैधानिक चयन प्रक्रिया और पात्रता मानकों के अनुरूप हुई थीं। उन्होंने वर्षों तक विद्यालयों में सेवा प्रदान की है और अब 15 से 20 वर्ष बाद नई पात्रता परीक्षा की अनिवार्यता लागू करना न्यायोचित नहीं माना जा सकता। महासंघ के पदाधिकारियों का कहना था कि जब उनकी भर्ती हुई थी, तब निर्धारित चयन प्रक्रिया और पात्रता मानकों का पालन कर ही उन्हें नियुक्ति मिली थी। ऐसे में वर्षों की सेवा के बाद पुनः परीक्षा की बाध्यता शिक्षकों के आत्मसम्मान और सेवा सुरक्षा पर प्रश्नचिह्न खड़ा करती है। महिला शिक्षकों ने भी उठाई आवाज महिला शिक्षक एवं ब्लॉक अध्यक्ष संगीता सचान ने कहा कि वर्षों से शिक्षा सेवा में कार्यरत शिक्षकों की दोबारा परीक्षा लेना उनके अनुभव और योगदान का अपमान है। उन्होंने कहा कि यदि पुराने नियुक्त शिक्षकों से पुनः परीक्षा की अपेक्षा की जाती है तो समान सिद्धांत अन्य विभागों पर भी लागू होने चाहिए। आंदोलन तेज करने की चेतावनी महासंघ के जिला पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार और संबंधित विभाग उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं करते हैं तो प्रदेशव्यापी आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा। शिक्षकों ने कहा कि यह केवल नौकरी का मुद्दा नहीं बल्कि लाखों शिक्षकों की सेवा सुरक्षा और सम्मान से जुड़ा विषय है। सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना मुद्दा टीईटी अनिवार्यता को लेकर चल रहा विवाद सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बना हुआ है। शिक्षक संगठनों का कहना है कि इस फैसले से देशभर के लाखों शिक्षक प्रभावित हो सकते हैं, जबकि सरकार और न्यायिक प्रक्रिया के समर्थक इसे शिक्षा की गुणवत्ता से जोड़कर देख रहे हैं। फतेहपुर में हुआ यह प्रदर्शन शिक्षा व्यवस्था और शिक्षक सेवा शर्तों से जुड़े एक महत्वपूर्ण मुद्दे को सामने लाता है। अब निगाहें केंद्र और राज्य सरकार की प्रतिक्रिया पर टिकी हैं। आने वाले समय में इस विषय पर प्रशासनिक, विधायी अथवा न्यायिक स्तर पर क्या निर्णय लिया जाता है, यह लाखों शिक्षकों के भविष्य को प्रभावित कर सकता है। 🟥 ND NEWS की जनहित अपील ND NEWS एवं दैनिक निष्पक्ष धारा सभी संबंधित पक्षों से अपील करता है कि शिक्षा और शिक्षकों से जुड़े संवेदनशील मुद्दों का समाधान संवाद, संवैधानिक प्रक्रिया और पारदर्शी नीति के माध्यम से किया जाए। शिक्षकों का सम्मान और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दोनों लोकतांत्रिक समाज की आधारशिला हैं। 👇👇 @dgpup @RSSorg @UPGovt @wpl1090 @RSSgeet @Uppolice @MIB_India @PMOIndia @HMOIndia @abmanglik @VHPDigital @igrangealld @myogioffice @InfoDeptUP @dmfatehpur @sdmsadarftp @CMOfficeUP @CMOUP_RC @ChiefSecyUP @ChiefSecyUP @MahantYogiG @FatehpurSdm @fatehpurpolice @BajrangDalOrg @112UttarPradesh @myogiadityanath @CommissionerPrg @ADGZonPrayagraj 👇👇 #NDNews #दैनिकनिष्पक्षधारा #Fatehpur #TET #TeacherNews #NationalEducationalFederation #EducationNews #UPTeachers #ShikshakAndolan #UPNews #BreakingNews #EducationPolicy #PMOIndia #UPGovt 👇👇 🟥 ND NEWS | दैनिक निष्पक्ष धारा मुख्य संपादक/संस्थापक: राजन सिंह हाड़ा 📍 कार्यालय-3: U158, हीरा स्वीट्स के पास, विकास मार्ग, लक्ष्मी नगर, पूर्वी दिल्ली, पिन कोड –110092 (NCR) 📍 कार्यालय-2: विधानसभा रोड, बर्लिंगटन चौराहा, लखनऊ – 226001 (UP) 📍 कार्यालय-1: 1/1 अटल बिहारी चौराहा, नियर बर्मा चौराहा, फतेहपुर – 212601 (UP) 📅 दिनांक: 18 जून 2026 📞 मोबाइल: 9696119696

Fatehpur, Fatehpur | Jun 18, 2026

टीईटी अनिवार्यता के विरोध में शिक्षकों का प्रदर्शन

राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा

सेवारत शिक्षकों ने कहा- नियुक्ति के वर्षों बाद नई पात्रता थोपना न्यायसंगत नहीं

✒️रिपोर्ट अजय श्रीवास्तव

फतेहपुर। उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में टीईटी (शिक्षक पात्रता परीक्षा) की अनिवार्यता को लेकर शिक्षकों का विरोध तेज होता दिखाई दे रहा है। राष्ट्रीय एवं प्रांतीय नेतृत्व के आह्वान पर राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ उत्तर प्रदेश की फतेहपुर इकाई ने जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर प्रदर्शन किया और प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा। शिक्षकों का कहना है कि टीईटी लागू होने से पहले नियुक्त हुए शिक्षकों पर इसे अनिवार्य करना उनके अधिकारों और सेवा शर्तों के विपरीत है।

फतेहपुर में गुरुवार को राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के बैनर तले बड़ी संख्या में शिक्षक जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और टीईटी अनिवार्यता के विरोध में प्रदर्शन किया। शिक्षकों ने प्रधानमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपते हुए मांग की कि टीईटी लागू होने से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को इस अनिवार्यता से मुक्त रखा जाए।

प्रदर्शन के दौरान शिक्षकों ने कहा कि उनकी नियुक्तियां उस समय की वैधानिक चयन प्रक्रिया और पात्रता मानकों के अनुरूप हुई थीं। उन्होंने वर्षों तक विद्यालयों में सेवा प्रदान की है और अब 15 से 20 वर्ष बाद नई पात्रता परीक्षा की अनिवार्यता लागू करना न्यायोचित नहीं माना जा सकता।

महासंघ के पदाधिकारियों का कहना था कि जब उनकी भर्ती हुई थी, तब निर्धारित चयन प्रक्रिया और पात्रता मानकों का पालन कर ही उन्हें नियुक्ति मिली थी। ऐसे में वर्षों की सेवा के बाद पुनः परीक्षा की बाध्यता शिक्षकों के आत्मसम्मान और सेवा सुरक्षा पर प्रश्नचिह्न खड़ा करती है।

महिला शिक्षकों ने भी उठाई आवाज

महिला शिक्षक एवं ब्लॉक अध्यक्ष संगीता सचान ने कहा कि वर्षों से शिक्षा सेवा में कार्यरत शिक्षकों की दोबारा परीक्षा लेना उनके अनुभव और योगदान का अपमान है। उन्होंने कहा कि यदि पुराने नियुक्त शिक्षकों से पुनः परीक्षा की अपेक्षा की जाती है तो समान सिद्धांत अन्य विभागों पर भी लागू होने चाहिए।

आंदोलन तेज करने की चेतावनी

महासंघ के जिला पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार और संबंधित विभाग उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं करते हैं तो प्रदेशव्यापी आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा। शिक्षकों ने कहा कि यह केवल नौकरी का मुद्दा नहीं बल्कि लाखों शिक्षकों की सेवा सुरक्षा और सम्मान से जुड़ा विषय है।

सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना मुद्दा

टीईटी अनिवार्यता को लेकर चल रहा विवाद सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बना हुआ है। शिक्षक संगठनों का कहना है कि इस फैसले से देशभर के लाखों शिक्षक प्रभावित हो सकते हैं, जबकि सरकार और न्यायिक प्रक्रिया के समर्थक इसे शिक्षा की गुणवत्ता से जोड़कर देख रहे हैं।

फतेहपुर में हुआ यह प्रदर्शन शिक्षा व्यवस्था और शिक्षक सेवा शर्तों से जुड़े एक महत्वपूर्ण मुद्दे को सामने लाता है। अब निगाहें केंद्र और राज्य सरकार की प्रतिक्रिया पर टिकी हैं। आने वाले समय में इस विषय पर प्रशासनिक, विधायी अथवा न्यायिक स्तर पर क्या निर्णय लिया जाता है, यह लाखों शिक्षकों के भविष्य को प्रभावित कर सकता है।

🟥 ND NEWS की जनहित अपील

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टीईटी अनिवार्यता के विरोध में शिक्षकों का प्रदर्शन राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा सेवारत शिक्षकों ने कहा- नियुक्ति के वर्षों बाद नई पात्रता थोपना न्यायसंगत नहीं ✒️रिपोर्ट अजय श्रीवास्तव फतेहपुर। उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में टीईटी (शिक्षक पात्रता परीक्षा) की अनिवार्यता को लेकर शिक्षकों का विरोध तेज होता दिखाई दे रहा है। राष्ट्रीय एवं प्रांतीय नेतृत्व के आह्वान पर राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ उत्तर प्रदेश की फतेहपुर इकाई ने जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर प्रदर्शन किया और प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा। शिक्षकों का कहना है कि टीईटी लागू होने से पहले नियुक्त हुए शिक्षकों पर इसे अनिवार्य करना उनके अधिकारों और सेवा शर्तों के विपरीत है। फतेहपुर में गुरुवार को राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के बैनर तले बड़ी संख्या में शिक्षक जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और टीईटी अनिवार्यता के विरोध में प्रदर्शन किया। शिक्षकों ने प्रधानमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपते हुए मांग की कि टीईटी लागू होने से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को इस अनिवार्यता से मुक्त रखा जाए। प्रदर्शन के दौरान शिक्षकों ने कहा कि उनकी नियुक्तियां उस समय की वैधानिक चयन प्रक्रिया और पात्रता मानकों के अनुरूप हुई थीं। उन्होंने वर्षों तक विद्यालयों में सेवा प्रदान की है और अब 15 से 20 वर्ष बाद नई पात्रता परीक्षा की अनिवार्यता लागू करना न्यायोचित नहीं माना जा सकता। महासंघ के पदाधिकारियों का कहना था कि जब उनकी भर्ती हुई थी, तब निर्धारित चयन प्रक्रिया और पात्रता मानकों का पालन कर ही उन्हें नियुक्ति मिली थी। ऐसे में वर्षों की सेवा के बाद पुनः परीक्षा की बाध्यता शिक्षकों के आत्मसम्मान और सेवा सुरक्षा पर प्रश्नचिह्न खड़ा करती है। महिला शिक्षकों ने भी उठाई आवाज महिला शिक्षक एवं ब्लॉक अध्यक्ष संगीता सचान ने कहा कि वर्षों से शिक्षा सेवा में कार्यरत शिक्षकों की दोबारा परीक्षा लेना उनके अनुभव और योगदान का अपमान है। उन्होंने कहा कि यदि पुराने नियुक्त शिक्षकों से पुनः परीक्षा की अपेक्षा की जाती है तो समान सिद्धांत अन्य विभागों पर भी लागू होने चाहिए। आंदोलन तेज करने की चेतावनी महासंघ के जिला पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार और संबंधित विभाग उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं करते हैं तो प्रदेशव्यापी आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा। शिक्षकों ने कहा कि यह केवल नौकरी का मुद्दा नहीं बल्कि लाखों शिक्षकों की सेवा सुरक्षा और सम्मान से जुड़ा विषय है। सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना मुद्दा टीईटी अनिवार्यता को लेकर चल रहा विवाद सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बना हुआ है। शिक्षक संगठनों का कहना है कि इस फैसले से देशभर के लाखों शिक्षक प्रभावित हो सकते हैं, जबकि सरकार और न्यायिक प्रक्रिया के समर्थक इसे शिक्षा की गुणवत्ता से जोड़कर देख रहे हैं। फतेहपुर में हुआ यह प्रदर्शन शिक्षा व्यवस्था और शिक्षक सेवा शर्तों से जुड़े एक महत्वपूर्ण मुद्दे को सामने लाता है। अब निगाहें केंद्र और राज्य सरकार की प्रतिक्रिया पर टिकी हैं। आने वाले समय में इस विषय पर प्रशासनिक, विधायी अथवा न्यायिक स्तर पर क्या निर्णय लिया जाता है, यह लाखों शिक्षकों के भविष्य को प्रभावित कर सकता है। 🟥 ND NEWS की जनहित अपील ND NEWS एवं दैनिक निष्पक्ष धारा सभी संबंधित पक्षों से अपील करता है कि शिक्षा और शिक्षकों से जुड़े संवेदनशील मुद्दों का समाधान संवाद, संवैधानिक प्रक्रिया और पारदर्शी नीति के माध्यम से किया जाए। शिक्षकों का सम्मान और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दोनों लोकतांत्रिक समाज की आधारशिला हैं। 👇👇 @dgpup @RSSorg @UPGovt @wpl1090 @RSSgeet @Uppolice @MIB_India @PMOIndia @HMOIndia @abmanglik @VHPDigital @igrangealld @myogioffice @InfoDeptUP @dmfatehpur @sdmsadarftp @CMOfficeUP @CMOUP_RC @ChiefSecyUP @ChiefSecyUP @MahantYogiG @FatehpurSdm @fatehpurpolice @BajrangDalOrg @112UttarPradesh @myogiadityanath @CommissionerPrg @ADGZonPrayagraj 👇👇 #NDNews #दैनिकनिष्पक्षधारा #Fatehpur #TET #TeacherNews #NationalEducationalFederation #EducationNews #UPTeachers #ShikshakAndolan #UPNews #BreakingNews #EducationPolicy #PMOIndia #UPGovt 👇👇 🟥 ND NEWS | दैनिक निष्पक्ष धारा मुख्य संपादक/संस्थापक: राजन सिंह हाड़ा 📍 कार्यालय-3: U158, हीरा स्वीट्स के पास, विकास मार्ग, लक्ष्मी नगर, पूर्वी दिल्ली, पिन कोड –110092 (NCR) 📍 कार्यालय-2: विधानसभा रोड, बर्लिंगटन चौराहा, लखनऊ – 226001 (UP) 📍 कार्यालय-1: 1/1 अटल बिहारी चौराहा, नियर बर्मा चौराहा, फतेहपुर – 212601 (UP) 📅 दिनांक: 18 जून 2026 📞 मोबाइल: 9696119696

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