पूरे जिले में बड़ा राशन घोटाला हुआ है। जांच के नाम पर खानापूर्ति हो रही है। पहले अपने चहेतों के खरीद केंद्र बनाए जाते हैं फिर गोदामों में अनाज पहुंचने पर रेत, मिट्टी मिलाई जाती है फिर गरीबों को यही राशन बांटा जाता है। यानि गरीबों को सरकार इतना घटिया क्वालिटी का राशन सप्लाई कर रही है। ये फैलुअर, मप्र सरकार का है या फिर प्रशासन का।