सतर्कता और संवेदनशीलता ही कई बार जिंदगियां बचा लेती है।
बेनीपट्टी से गुजरने वाले स्टेट हाईवे पर संसाइर पोखर के पास घटी एक घटना ने इस बात को फिर साबित कर दिया है। सड़क निर्माण के दौरान बरती गई एक छोटी सी लापरवाही किस तरह लोगों की जान पर बन सकती थी, इसकी बानगी आज शाम इस मार्ग पर देखने को मिली।
दरअसल आज दिन के समय फोरलेन सड़क निर्माण के लिए मिट्टी ढोने वाली एक हाईवा गाड़ी से सड़क पर भारी मात्रा में मिट्टी गिर गई थी। उस मार्ग पर वाहनों का आवागमन बहुत अधिक रहता है, जिसके चलते कुछ ही देर में वह मिट्टी सड़क पर पूरी तरह से चिपक कर जम गई। शाम के वक्त अचानक बारिश हो गई और यही बारिश उस जमी हुई मिट्टी के लिए अभिशाप बन गई। सड़क पर कीचड़ और फिसलन इतनी खतरनाक हो गई कि एक के बाद एक कई बाइक चालक हादसे का शिकार होने लगे।
घटनास्थल से थोड़ी ही दूर पर एक तीखा मोड़ है। सामान्य दिनों में भी यहां से गुजरने वाले वाहन चालकों को संभलना पड़ता है, लेकिन सड़क पर फैले इस कीचड़ से अनजान लोग जब शाम ढलने के बाद तेज रफ्तार या सामान्य गति से गुजरे, तो उनकी बाइकें अनियंत्रित होकर फिसलने लगी। इस सिलसिले में कई बाइक चालकों के गिरने की सूचना है, जिनमें से कई लोगों को चोटें भी आई हैं।
जब स्थिति लगातार खतरनाक होती जा रही थी और हर गुजरने वाला वाहन दुर्घटना का शिकार हो रहा था, तब अंधेरा गहराने से पहले कुछ स्थानीय युवाओं की नजर इस पर पड़ी। बेनीपट्टी के स्थानीय युवा प्रदीप, विवेक, रौशन, राजा, मनीष इन सभी ने बिना किसी प्रशासनिक मदद का इंतजार किए, आपसी सहयोग और एकजुटता का परिचय दिया। वे तुरंत सड़क पर उतरे और कुदाल व अन्य साधनों की मदद से सड़क पर फैली उस जानलेवा मिट्टी को हटाना शुरू कर दिया।
इन युवाओं का एकमात्र उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि पूरी रात इस फिसलन से अनजान कोई भी राहगीर या बाइक सवार हादसे का शिकार न हो।
गनीमत यह रही कि समय रहते इन युवाओं की पहल से पूरी रात होने वाला संभावित हादसा टल गया। लिहाजा इन युवाओं की सूझबूझ और नेकनीयती के कारण ही उस रास्ते से गुजरने वाले अनगिनत मुसाफिर सुरक्षित अपने घरों तक पहुंच पा रहे हैं।
यह घटना प्रशासन और निर्माण एजेंसियों के लिए भी एक बड़ा सबक है कि लापरवाही किसी की भी जान ले सकती है। वहीं, इन युवाओं का यह प्रयास समाज के लिए एक प्रेरणा है जो यह सिखाता है कि बदलाव की शुरुआत खुद से होती है।