संस्कारों से सुशोभित बालक ही बनाते हैं उज्जवल भविष्य
जोन स्तरीय निरंकारी बाल समागम में बच्चों ने दिया प्रेम व भाईचारे का संदेश
यमुनानगर (जगाधरी)। संत निरंकारी सत्संग भवन, सेक्टर-18 जगाधरी में सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज के दिव्य आशीर्वाद से 'जोन स्तरीय निरंकारी बाल समागम' का श्रद्धापूर्वक आयोजन किया गया। इस समागम में जिलेभर से निरंकारी मिशन की विभिन्न शाखाओं के सैकड़ों बच्चों ने बड़े उत्साह के साथ भाग लिया और अपनी कला व भक्ति का प्रदर्शन किया।बच्चों ने भजन, कविताओं, पंजाबी भांगड़ा, कव्वाली, स्किट, गीत और भाषणों के माध्यम से निरंकारी मिशन की शिक्षाओं को अत्यंत सुंदर ढंग से प्रस्तुत किया। इस भव्य कार्यक्रम का मंच संचालन महात्मा कुशल, सम्मानित व नीलम द्वारा बखूबी किया गया। समागम की अध्यक्षता पंजाब के पठानकोट से आए प्रचारक महात्मा अमनदीप सिंह ने की। उन्होंने अपने प्रवचनों में बच्चों के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि बच्चे समाज का अभिन्न अंग हैं और इन्हीं बच्चों को भविष्य में एक सुंदर व आदर्श समाज का निर्माण करना है। निरंकारी सत्संग से जुड़कर बच्चे बड़ों का आदर-सत्कार, सभी से प्रेम और भाईचारे जैसे अनेक सद्गुणों से सुशोभित होते हैं। संस्कारों से सुशोभित बालक ही देश और समाज का उज्जवल भविष्य बनाते हैं। संत निरंकारी मिशन ब्रांच जगाधरी द्वारा समागम के लिए बेहद उत्कृष्ट प्रबंध किए गए थे। इस अवसर पर बच्चों द्वारा बनाई गई एक शिक्षाप्रद और सुंदर प्रदर्शनी भी लगाई गई। प्रदर्शनी में बच्चों ने नैतिक मूल्यों और मानवीय संवेदनाओं की प्रेरणा देने वाले शानदार वर्किंग मॉडल और खेल चार्ट प्रदर्शित किए, जिसे उपस्थित संगत ने खूब सराहा। समागम के दौरान बच्चों के साथ-साथ उनके माता-पिता में भी सतगुरु के प्रति कृतज्ञता और धन्यवाद का भाव साफ दिखाई दे रहा था। समागम के अंत में विभिन्न सांस्कृतिक व आध्यात्मिक प्रस्तुतियां देने वाले बच्चों और परीक्षाओं में अव्वल अंक हासिल करने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। यह पुरस्कार महात्मा अमनदीप सिंह, संयोजक महात्मा बलराज मित्तल, संयोजक महात्मा बलदेव सिंह और ज्ञान प्रचारक महात्मा गुरनाम सिंह, डिंपल बहन आदि गणमान्य महात्माओं द्वारा वितरित किए गए। संयोजक महात्मा बलराज मित्तल ने विभिन्न शाखाओं से आई संगत का धन्यवाद किया।
फोटो - जोन स्तरीय निरंकारी बाल समागम में प्रस्तुति देते बच्चे।
बच्चों को सम्मानित करते संत निरंकारी मिशन के प्रचारक महात्मा व अन्य।
निरंकारी बाल समागम में उपस्थित संगत।