चीलवहाल-लाहड़-मसीयाणा हादसे में गृह रक्षक दल ने अदम्य साहस दिखाकर बचाई मजदूरों की जान — राजीव राणा
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से सम्मानित करने की मांग
हमीरपुर: चीलवहाल-लाहड़-मसीयाणा में निर्माणाधीन ब्रिज हादसे के दौरान राहत एवं बचाव कार्य में हिमाचल प्रदेश गृह रक्षक दल के कमांडर अशोक रांगड़ा एवं उनकी टीम ने अदम्य साहस, तत्परता और मानवीय संवेदना का परिचय देते हुए अपनी जान की परवाह किए बिना पाँच मजदूरों की जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
हादसे की गंभीरता के बीच गृह रक्षक दल के जवानों ने जिस साहस और कर्तव्यनिष्ठा के साथ रेस्क्यू अभियान में हिस्सा लिया, वह सराहनीय है। विपरीत परिस्थितियों में अपनी सुरक्षा की चिंता किए बिना मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकालना उनके सेवा-भाव, बहादुरी और कर्तव्य के प्रति समर्पण को दर्शाता है।
घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पहुँचकर राहत एवं बचाव कार्यों का जायजा लेने वाले राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य एवं सचिव रैंक, हिमाचल प्रदेश सरकार, राजीव राणा ने कहा कि संकट की घड़ी में गृह रक्षक दल के कमांडर अशोक रांगड़ा एवं उनकी टीम ने जिस साहस का परिचय दिया, वह समाज और प्रदेश के लिए प्रेरणादायक है।
उन्होंने कहा कि ऐसे कर्मठ और साहसी अधिकारियों एवं जवानों का मनोबल बढ़ाना आवश्यक है। उन्होंने मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू से मांग की कि गृह रक्षक दल के कमांडर अशोक रांगड़ा एवं रेस्क्यू अभियान में शामिल उनकी टीम को राज्य स्तर पर उचित सम्मान देकर सम्मानित किया जाए, ताकि उनके साहस, सेवा-भाव और कर्तव्यनिष्ठा को प्रोत्साहन मिल सके।
राजीव राणा ने कहा कि एक ओर इस हादसे में एक मजदूर की मृत्यु का दुःख है, वहीं दूसरी ओर राहत एवं बचाव दलों की तत्परता से कई अनमोल जिंदगियां बचाई जा सकीं। उन्होंने दिवंगत मजदूर के परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति और परिजनों को यह अपूरणीय दुःख सहने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।
उन्होंने कहा कि जनसेवा का वास्तविक अर्थ संकट की घड़ी में जरूरतमंद के साथ खड़ा होना है, और गृह रक्षक दल के जवानों ने अपने साहस एवं सेवा-भाव से इस भावना को साकार किया है।