आगामी त्योहारों के दृष्टिगत कलेक्ट्रेट सभागार में समीक्षा बैठक संपन्न: जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक ने अधिकारियों को दिए आवश्यक दिशा-निर्देश
आगामी दुर्गा पूजा त्योहार को शांतिपूर्ण, सुरक्षित एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने हेतु जिलाधिकारी श्री पुलकित गर्ग की अध्यक्षता तथा पुलिस अधीक्षक श्री अरुण कुमार सिंह की गरिमामयी उपस्थिति में कलेक्ट्रेट सभागार में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने समस्त विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि त्योहारों को सकुशल संपन्न कराना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। कहा कि जनपद में कुल 1152 दुर्गा पूजा पंडालों की स्थापना प्रस्तावित है। इस संबंध में जिलाधिकारी द्वारा जारी मुख्य प्रशासनिक दिशा-निर्देश निम्नवत हैं-
सभी पूजा पंडालों में आयोजक द्वारा पूर्व से ही अग्नि सुरक्षा के पर्याप्त उपाय सुनिश्चित किए जाएं।
अधिशासी अभियंता (विद्युत) को निर्देशित किया गया कि विसर्जन के रास्ते में जर्जर व लटके हुए तारों को तत्काल दुरुस्त कराएं। पंडालों के अंदर खुले तार पाए जाने अथवा कोई अप्रिय घटना घटित होने पर संबंधित पंडाल संचालक ज़िम्मेदार होंगे । ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायत सहायकों के माध्यम से सतत निगरानी रखी जाएगी।
जिलाधिकारी ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय व शासन की मंशा के अनुरूप रात्रि 10:00 बजे से प्रातः 06:00 बजे तक डीजे/ध्वनि विस्तारक यंत्रों का प्रयोग पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। अश्लील अथवा भड़काऊ गीतों के प्रसारण पर सख्त रोक रहेगी।
नगर पालिका/नगर पंचायत क्षेत्रों में अधिशासी अधिकारी (कर्वी) तथा ग्रामीण क्षेत्रों में जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित करेंगे। सड़कों पर घूम रहे छुट्टा पशुओं को पकड़ने हेतु 'कैटल कैचर' का उपयोग कर उन्हें गौशालाओं में सुरक्षित पहुंचाया जाए। जिलाधिकारी ने प्रत्येक क्षेत्र पंचायत में एक कैटल कैचर की अनिवार्यता के निर्देश दिए गए हैं।
मूर्ति विसर्जन मार्गों को समय से गड्ढा-मुक्त व सुगम बनाया जाए। जिन स्थलों पर सर्वाधिक प्रतिमाओं का विसर्जन होता है, वहां विशेष व्यवस्थाएं, पेयजल हेतु टैंकर तथा सुरक्षा हेतु गोताखोरों की तैनाती की जाए। विसर्जन स्थल पर तैनात कर्मचारी निर्धारित समय पर अपनी ड्यूटी पर उपस्थित रहेंगे।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी को औषधियों की पर्याप्त उपलब्धता तथा खाद्य सुरक्षा अधिकारी को खाद्य पदार्थों में मिलावट रोकने हेतु निरंतर निरीक्षण अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। एआरटीओ को सड़क सुरक्षा की सभी व्यवस्थाएं सुदृढ़ करने हेतु पाबंद