भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ी सरकारी योजनाः पिपरा देवस में निर्माण के एक महीने के अंदर ही टूटने लगी नई पीसीसी सड़क
संवाददाता मुकेश कुमार
ग्राम पंचायत: पिपरा देवस, प्रखंड: बरौनी (बेगूसराय) योजनाः षष्टम वित्त आयोग कार्य का नाम: अवध त्रिभुज सड़क से रामदेव यादव डेरा की तरफ जाने वाली सड़क में पीसीसी ढलाई
प्राक्कलन राशि: ₹6,69,527/-
जिम्मेदारः पंचायत सचिव एवं मुखिया
क्या है पूरा मामला?
बरौनी प्रखंड के ग्राम पंचायत पिपरा देवस में सरकारी पैसों की बंदरबांट और घटिया निर्माण कार्य का एक गंभीर मामला सामने आया है। षष्टम वित्त आयोग के तहत लगभग 6.69 लाख रुपये की लागत से अवध त्रिभुज सड़क से रामदेव यादव डेरा तम् ढलाई कार्य बीते 6 पीसी सड़क का को कराया गया थास्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण के मात्र एक महीने के भीतर ही सड़क जगह-जगह से उखड़ने और टूटने लगी है। सड़क की यह दुर्दशा देखकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है।
मानकों की उड़ाई गईं धज्जियां: पुरानी सड़क पर ढाल दी महज आधे इंच की परत ग्रामीणों द्वारा साझा की गई तस्वीरों और बयानों से साफ उजागर होता है कि सड़क निर्माण में भारी अनियमितता बरती गई है:
आधे इंच की ढलाईः पुरानी जर्जर सड़क को बिना ठीक किए, उसके ऊपर महज आधे इंच (1/2 inch) की पतली कंक्रीट परत ढालकर खानापूर्ति कर दी गई।
मानकों की अनदेखी: पीसीसी सड़क के लिए निर्धारित मोटाई और गुणवत्ता के मानकों का जरा भी ध्यान नहीं रखा गया।
गुणवत्ताहीन सामग्रीः घटिया सीमेंट, बालू और गिट्टी के मि ही महीने में दर ↓ के कारण सड़क एक 1 गी है"यह पिपरा देवस पंचायत का दुर्भाग्य ही है कि जिस सड़क पर लाखों रुपये खर्च दिखाए गए, वह एक महीना भी सही सलामत नहीं टिक सकी। यह पूरी तरह से जनता के पैसे की खुली लूट है।" - आक्रोशित ग्रामीण
वरिष्ठ अधिकारियों से कार्रवाई की मांग, आंदोलन की चेतावनी
स्थानीय निवासियों ने जिला प्रशासन और पंचायती राज विभाग के वरिष्ठ पदाधिकारियों से इस पूरे मामले पर तुरंत संज्ञान लेने की अपील की है।
ग्रामीणों की मांगें:
निष्पक्ष जांच: जिला स्तरीय तकनीकी टीम भेजकर सड़क की मोटाई और सामग्री की गुणवत्ता की जांच कराई जाए।
. दोषियों पर कार्रवाई: घटिया निर्माण कार्य कराने वाले संबंधित पंचायत सचिव, मुखिया और ठेकेदार/एजेंसी पर सख्तनिष्पक्ष जांच: जिला स्तरीय त५.
टीम भेजकर सड़क की मोटाई और सामग्री की गुणवत्ता की जांच कराई जाए।
दोषियों पर कार्रवाई: घटिया निर्माण कार्य
कराने वाले संबंधित पंचायत सचिव, मुखिया और ठेकेदार/एजेंसी पर सख्त कानूनी व प्रशासनिक कार्रवाई की जाए।
पुनर्निर्माणः पुरानी ढलाई को हटवाकर मानकों के अनुसार दोबारा मजबूत सड़क का निर्माण कराया जाए।
ग्रामीणों की चेतावनी: यदि जिला प्रशासन और
संबंधित विभाग जल्द ही इस घटिया निर्माण की जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई नहीं करता है, तो पिपरा देवस पंचायत के ग्रामीण उग्र आंदोलन और धरना-प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी स्थानीय प्रशासन की होगी। ग्रामीण मुकेश कुमार आदित्य कुमार उर्फ बाबू साहब