माँ कालिका का पड़ा कदम,
काँप उठा ये रण।
कई लोगों का सवाल था—रुद्रास के लोगो में चरणों के नीचे त्रिशूल क्यों है?
अब जवाब भी साथ में हाज़िर है।
रुद्रास का यह लोगो केवल एक डिजाइन नहीं, बल्कि शिव और शक्ति के उस रौद्र स्वरूप का प्रतीकात्मक चित्रण है, जहाँ माँ कालिका का प्रचंड रूप और भगवान शिव की शक्ति एक ही भाव में दिखाई देती है।
पौराणिक कथा के अनुसार, जब माँ कालिका का रौद्र रूप चरम पर था और उनका क्रोध शांत नहीं हो रहा था, तब भगवान शिव उनके मार्ग में लेट गए। माँ का चरण शिव के वक्ष पर पड़ा और उसी क्षण उन्हें अपनी स्थिति का बोध हुआ। रौद्रता शांत हुई और शिव-शक्ति के मिलन का भाव प्रकट हुआ।
रुद्रास के लोगो में चरण शक्ति का प्रतीक हैं, जबकि नीचे स्थित त्रिशूल भगवान शिव के रुद्र स्वरूप और शक्ति-संतुलन का प्रतीक है।
यही है RUDRARAAS की मूल भावना—
रुद्र की ऊर्जा, शक्ति का स्वरूप और दोनों का संतुलन।
जहाँ हर कदम शक्ति का है,
हर ध्वनि रुद्र की है,
और हर वृत्त शिव-शक्ति के मिलन का।
यही है RUDRARAAS.
Where Every Circle Begins with Shakti.