*प्रेस विज्ञप्ति*
*राजकीय महाविद्यालय भादरा में SFI की सांकेतिक भूख हड़ताल; सोनम वांगचुक के समर्थन और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की उठी गूंज**
**भादरा।**
स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) तहसील कमेटी भादरा द्वारा राजकीय महाविद्यालय भादरा में एक दिवसीय सांकेतिक भूख हड़ताल का आयोजन किया गया। यह सांकेतिक अनशन दिल्ली के जंतर-मंतर पर NEET-UG पेपर लीक मामले को लेकर चल रहे देशव्यापी आंदोलन के समर्थन में किया गया। छात्र कार्यकर्ताओं ने जंतर-मंतर पर पिछले कई दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे विख्यात शिक्षाविद व पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक और आंदोलनकारी छात्रों के प्रति अपनी एकजुटता प्रकट की।
*सोनम वांगचुक के आंदोलन को मिला स्थानीय समर्थन*
उल्लेखनीय है कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर NEET-UG परीक्षा में हुई धांधली और पेपर लीक के विरोध में विभिन्न छात्र संगठनों (SFI, AISA, KYS) द्वारा व्यापक आंदोलन चलाया जा रहा है। इस आंदोलन में सोनम वांगचुक परीक्षा प्रणाली में सुधार और देश की शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता तथा जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए अनशन पर बैठे हैं। भादरा में आयोजित इस सांकेतिक भूख हड़ताल के जरिए स्थानीय SFI कार्यकर्ताओं ने स्पष्ट किया कि देश के युवाओं और छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
शिक्षा बचाओ' के नारे के साथ राज्य उपाध्यक्ष रोहताश लोर का प्रहार
सांकेतिक भूख हड़ताल के दौरान उपस्थित छात्रों को संबोधित करते हुए SFI के राज्य उपाध्यक्ष रोहताश लोर ने तीखे तेवर अपनाए। उन्होंने "शिक्षा बचाओ" विषय पर कड़ा भाषण देते हुए कहा कि आज देश की शिक्षा व्यवस्था गंभीर संकट से गुजर रही है। NEET-UG जैसी देश की सबसे प्रतिष्ठित चिकित्सा प्रवेश परीक्षा का पेपर लीक होना संपूर्ण परीक्षा प्रणाली और सरकार की नाकामी को दर्शाता है।
रोहताश लोर ने कहा, "जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपने पद से इस्तीफा देकर इसकी नैतिक जिम्मेदारी नहीं लेते, तब तक छात्रों का यह संघर्ष थमेगा नहीं। देश के ईमानदार छात्रों का भविष्य दांव पर लगा है और हम इसके खिलाफ चुप नहीं बैठ सकते।" इसके साथ ही उन्होंने कॉलेज की स्थानीय समस्याओं, जैसे कि राजकीय महाविद्यालय भादरा में लंबे समय से रिक्त चल रहे स्थाई प्राचार्य के पद को शीघ्र भरने की मांग को भी पुरजोर तरीके से उठाया।
जिला अध्यक्ष अभिजीत पूनिया ने दिया युवा एकजुटता का संदेश*
कार्यक्रम में SFI के जिला अध्यक्ष अभिजीत पूनिया ने भी छात्रों और युवाओं को संबोधित किया। युवाओं को एकजुट होने का आह्वान करते हुए पूनिया ने कहा कि आज देश का युवा रोजगार और निष्पक्ष परीक्षाओं के लिए सड़कों पर संघर्ष करने को मजबूर है। उन्होंने कहा,जब तक युवा संगठित होकर अन्याय के खिलाफ खड़े नहीं होंगे, तब तक व्यवस्था में बदलाव लाना असंभव है। सरकारों की तानाशाही नीतियों का जवाब केवल छात्रों और युवाओं की मजबूत एकजुटता से ही दिया जा सकता है उन्होंने सभी छात्र-छात्राओं से अपील की कि वे अपने अधिकारों और बेहतर शैक्षणिक माहौल के लिए संगठित होकर इस लड़ाई को आगे बढ़ाएं।
उग्र आंदोलन की दी चेतावनी
सांकेतिक भूख हड़ताल के अंत में SFI भादरा तहसील कमेटी के छात्र नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जंतर-मंतर पर अनशन कर रहे सोनम वांगचुक और देश के करोड़ों छात्रों की मांगों पर शीघ्र ध्यान नहीं दिया, तो यह इस अवसर पर SFI राज्य उपाध्यक्ष रोहतास लोर, तहसील अध्यक्ष इस्पाक राणा, पूर्व तहसील सचिव कुलदीप माकड़, आर्यन भांभू, अभिषेक, लोकेश, अमित थालौड़,लवली, सोमवीर, नरेंद्र, सुनील, साहिल, सतवीर, योगेश, समीर, मोनू, सुमित, अंकित, प्रियांशी कसवा, सुमन, पूजा, रिंकी, मनीषा, मोनू सहित अनेक छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
आंदोलन केवल सांकेतिक नहीं रहेगा। आने वाले समय में इसे ब्लॉक और जिला स्तर पर और अधिक उग्र रूप दिया जाएगा, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी प्रशासन और सरकार की होगी भूख हड़ताल पर बैठे SFI राज्य उपाध्यक्ष रोहतास लोर, तहसील अध्यक्ष इस्पाक राणा, पूर्व तहसील सचिव कुलदीप माकड़, आर्यन भांभू, अभिषेक, लोकेश, अमित थालौड़,लवली, सोमवीर, नरेंद्र, सुनील, साहिल, सतवीर, योगेश, समीर, मोनू, सुमित, अंकित, प्रियांशी कसवा, सुमन, पूजा, रिंकी, मनीषा, मोनू सहित अनेक छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।