श्री रामलीला में लक्ष्मण मूर्छित प्रसंग का सुंदर मंचन, आकाश बतरा ने मुख्य अतिथि के रूप में की शिरकत
कलाकारों की शानदार प्रस्तुति ने दर्शकों का मोहा मन, श्री राम के जयकारों से भक्तिमय हुआ माहौल
जगाधरी (बुढ़िया) श्री शंकर रामलीला ड्रामेटिक क्लब बुढ़िया द्वारा आयोजित श्री रामलीला में धार्मिक आस्था, भक्ति और संस्कृति का अनूठा संगम देखने को मिला। रामलीला के दौरान कलाकारों ने लक्ष्मण मूर्छित प्रसंग का भावपूर्ण एवं शानदार मंचन कर उपस्थित दर्शकों का मन मोह लिया। इस अवसर पर पूर्व सचिव यूथ कांग्रेस हरियाणा एवं जिला परिषद सदस्य, वार्ड नंबर 7 के प्रतिनिधि आकाश बतरा ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। आयोजन के दौरान भगवान श्री राम के जयकारों और गुणगान से पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा।
रामलीला के मंच पर कलाकारों ने अपनी अभिनय कला के माध्यम से रामायण के महत्वपूर्ण प्रसंगों को जीवंत करने का प्रयास किया। विशेष रूप से लक्ष्मण मूर्छित प्रसंग ने दर्शकों को भावुक कर दिया। कलाकारों ने अपने संवादों, अभिनय और भाव-भंगिमाओं के माध्यम से इस प्रसंग की गंभीरता और भावनात्मक पक्ष को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। मंचन के दौरान दर्शक पूरी तन्मयता के साथ रामलीला का आनंद लेते नजर आए और कलाकारों की प्रस्तुति की सराहना की।
लक्ष्मण मूर्छित प्रसंग रामायण के उन महत्वपूर्ण प्रसंगों में से एक है, जो भाई के प्रति प्रेम, त्याग, समर्पण और कर्तव्य की भावना को दर्शाता है। इस प्रसंग के माध्यम से कलाकारों ने दर्शकों के सामने भगवान श्री राम और लक्ष्मण के बीच अटूट प्रेम तथा संकट के समय धैर्य और साहस बनाए रखने का संदेश प्रस्तुत किया। कलाकारों की मेहनत और प्रस्तुति ने रामलीला के इस दृश्य को विशेष बना दिया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे आकाश बतरा ने रामलीला के आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि रामलीला हमारी धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं का महत्वपूर्ण हिस्सा है। ऐसे आयोजनों से समाज में भगवान श्री राम के आदर्शों, मर्यादा, सत्य, त्याग और भाईचारे का संदेश पहुंचता है। रामलीला केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं है, बल्कि यह हमें जीवन में अच्छे संस्कार अपनाने और अपने कर्तव्यों का पालन करने की प्रेरणा भी देती है।
आकाश बतरा ने कलाकारों की सराहना करते हुए कहा कि रामलीला में कलाकारों ने शानदार अभिनय किया और अपनी प्रस्तुति से सभी का मन मोह लिया। लक्ष्मण मूर्छित प्रसंग को जिस भावपूर्ण तरीके से प्रस्तुत किया गया, वह सराहनीय है। कलाकार अपनी मेहनत और प्रतिभा के माध्यम से हमारी धार्मिक परंपराओं को आगे बढ़ाने का महत्वपूर्ण कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन होते रहना चाहिए, ताकि आने वाली पीढ़ियां भी अपनी संस्कृति और मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम के आदर्शों से परिचित हो सकें।
उन्होंने आयोजकों और कलाकारों के प्रयासों की प्रशंसा करते हुए कहा कि स्थानीय स्तर पर रामलीला जैसे आयोजन समाज को एकजुट करने और लोगों को अपनी संस्कृति से जोड़ने में अहम भूमिका निभाते हैं। ऐसे कार्यक्रमों में लोगों की भागीदारी धार्मिक आस्था के साथ-साथ सामाजिक एकता को भी मजबूत करती है।
श्री शंकर रामलीला ड्रामेटिक क्लब बुढ़िया द्वारा आयोजित इस रामलीला में कलाकारों की प्रस्तुति और भगवान श्री राम के गुणगान ने दर्शकों को भाव-विभोर कर दिया। लक्ष्मण मूर्छित प्रसंग के सुंदर मंचन के साथ कार्यक्रम ने एक बार फिर भगवान श्री राम के आदर्शों और भारतीय संस्कृति की महत्ता को उजागर किया। इस दौरान अभी गाबा, आशीष सैनी, अभी वालिया खारवन, रोहित, सरबजीत,साहिल,विपन व आशीष गाबा मौजूद रहे