"पुलिस महकमे में भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने वाले सिपाही सुनील कुमार शुक्ला नौकरी से बर्खास्त।"
कहा जाता है कि क्रांति आसान नहीं होती, उसकी कीमत चुकानी पड़ती है। दावा किया जा रहा है कि सिपाही सुनील कुमार शुक्ला ने भी ऐसी ही कीमत चुकाई,,,,,,मगर उनकी जंग जारी है।इससे पहले बिहार के भरत तिवारी का मामला भी चर्चा में रहा था।
लखनऊ कमिश्नरेट में तैनात सिपाही सुनील कुमार शुक्ला को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। उन्होंने पुलिस लाइन में ड्यूटी लगाने की प्रक्रिया में भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए थे।
अब सवाल यह है कि भ्रष्टाचार के आरोप उठाने वालों की आवाज सुनी जाएगी या उन्हें ही कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा?
पुलिस ने एक प्रेस नोट जारी बताया कि विभागीय जांच में सोशल मीडिया/मीडिया मंचों के दुरुपयोग, विभागीय अनुशासनहीनता और नियमों के लगातार उल्लंघन के दोषी पाए जाने पर आरक्षी श्री सुनील कुमार शुक्ला को पुलिस सेवा से बर्खास्त किया गया।
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