चार साल से गुहार, फिर भी नहीं सुनी गई फरियाद! नई बस्ती सिंगल बस्ती के शासकीय प्राथमिक विद्यालय पर कब्जे और जर्जर भवन का आरोप
मुरैना। शहर के नई बस्ती सिंगल बस्ती स्थित शासकीय प्राथमिक विद्यालय की स्थिति को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। विद्यालय के प्राचार्य ने आरोप लगाया है कि स्कूल की जमीन पर स्थानीय दबंगों द्वारा कब्जा किया जा रहा है, जबकि विद्यालय का भवन जर्जर और डिस्मेंटल की स्थिति में पहुंच चुका है। उनका कहना है कि पिछले चार वर्षों से जिला शिक्षा अधिकारी, डीपीसी कार्यालय सहित संबंधित विभागों को लगातार पत्र लिखकर समस्या से अवगत कराया जा रहा है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
प्राचार्य के अनुसार, हाल ही में दोबारा शिकायत देने पर उन्हें केवल यह निर्देश दिया गया कि जिन भवनों की स्थिति ठीक है, उनमें बच्चों को शिफ्ट कर दिया जाए। उनका कहना है कि इससे मूल समस्या का समाधान नहीं होगा।
प्राचार्य ने बताया कि विद्यालय की चारदीवारी (बाउंड्री वॉल) नहीं होने के कारण असामाजिक और आपराधिक प्रवृत्ति के लोग स्कूल परिसर में आकर शराब पीते हैं तथा अन्य अनुचित गतिविधियां करते हैं। इससे विद्यालय के छोटे-छोटे बच्चों पर गलत प्रभाव पड़ने की आशंका बनी रहती है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विद्यालय में स्वयं सहायता समूह के माध्यम से दिया जाने वाला मध्यान्ह भोजन निर्धारित मेनू के अनुरूप नहीं है और उसकी गुणवत्ता भी खराब है। इस संबंध में भी संबंधित अधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है।
प्राचार्य के मुताबिक, बाउंड्री वॉल निर्माण के लिए नगर निगम से भी संपर्क किया गया था, लेकिन नगर निगम ने यह कहते हुए निर्माण से इनकार कर दिया कि पहले विद्यालय की भूमि का सीमांकन कराया जाए। इसके बाद सीमांकन कराने के लिए भी कई बार जिला शिक्षा अधिकारी और शासन को पत्र भेजे गए, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
विद्यालय परिसर के आसपास रहने वाले कुछ लोगों द्वारा स्कूल के पास कचरा फेंके जाने की शिकायत भी प्राचार्य ने की है। उनका कहना है कि इस मुद्दे को लेकर कई बार स्थानीय लोगों से विवाद की स्थिति बनी और इसकी लिखित शिकायत भी प्रशासन को दी गई, लेकिन समाधान नहीं निकला।
प्राचार्य का कहना है कि लगातार पत्राचार और शिकायतों के बावजूद जिम्मेदार विभागों द्वारा प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है, जिससे विद्यालय की सुरक्षा, बच्चों की पढ़ाई और स्वच्छ वातावरण पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है।
Gwalior Gird, Gwalior | Aug 5, 2026