गोरखपुर: जिले में कोई भी व्यक्ति टीबी मरीज को गोद लेकर बन सकता है निक्षय मित्र, सीएमओ ने दी जानकारी
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ आशुतोष कुमार दूबे ने बताया कि कोई भी व्यक्ति या संस्था स्वेच्छा से निक्षय मित्र बन सकते हैं। निक्षय मित्र बनने के बाद गोद लिये गये टीबी मरीज को यथा सामर्थ्य पोषक सामग्री देनी होती है। समय समय पर मरीज का फॉलो अप करना होता है ताकि बीच में दवा बंद न हो। टीबी मरीज की दवा बंद होने से जटिलताएं बढ़ जाती हैं।