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फिर धर्म पूछ कर मारा: जम्मू कश्मीर के कुलगाम में पहलगाम जैसा आतंकी हमला #shorts #viral #kulgam

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आईटीआई विदिशा द्वारा ओबीसी गर्ल्स हॉस्टल में प्रवेश प्रचार-प्रसार अभियान
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आज आईटीआई विदिशा के स्टाफ सदस्य सुश्री आकांक्षा चौरसिया एवं श्रीमती रीतू तिवारी द्वारा ओबीसी गर्ल्स हॉस्टल में विशेष प्रचार-प्रसार किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्राओं को आईटीआई में प्रवेश एवं तकनीकी शिक्षा के अवसरों के प्रति जागरूक करना था।

तकनीकी शिक्षा का महत्व बताया वर्तमान समय में तकनीकी शिक्षा और कौशल विकास की आवश्यकता से अवगत कराया गया। 
आईटीआई ट्रेड्स की जानकारी: हॉस्टल की छात्राओं को आईटीआई विदिशा में उपलब्ध विभिन्न इंजीनियरिंग और नॉन-इंजीनियरिंग ट्रेड्स, प्रवेश प्रक्रिया तथा पात्रता के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई।

तकनीकी शिक्षा के फायदे बताए कि आईटीआई कोर्स पूरा करने के बाद मिलने वाले त्वरित रोजगार के अवसरों और खुद का व्यवसाय शुरू करने की अपार संभावनाओं की जानकारी दी। छात्राओं को शासन द्वारा दी जाने वाली विभिन्न प्रोत्साहन योजनाओं और छात्रवृत्ति की जानकारी दी गई।

हॉस्टल की छात्राओं ने इस सत्र में बढ़-चढ़कर भाग लिया और आईटीआई में प्रवेश तथा करियर से जुड़े अपने प्रश्नों के उत्तर प्राप्त किए। यह पहल छात्राओं को स्वावलंबी और सशक्त बनाने की दिशा में एक सराहनीय प्रयास रही। #vidisha

आईटीआई विदिशा द्वारा ओबीसी गर्ल्स हॉस्टल में प्रवेश प्रचार-प्रसार अभियान .. आज आईटीआई विदिशा के स्टाफ सदस्य सुश्री आकांक्षा चौरसिया एवं श्रीमती रीतू तिवारी द्वारा ओबीसी गर्ल्स हॉस्टल में विशेष प्रचार-प्रसार किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्राओं को आईटीआई में प्रवेश एवं तकनीकी शिक्षा के अवसरों के प्रति जागरूक करना था। तकनीकी शिक्षा का महत्व बताया वर्तमान समय में तकनीकी शिक्षा और कौशल विकास की आवश्यकता से अवगत कराया गया। आईटीआई ट्रेड्स की जानकारी: हॉस्टल की छात्राओं को आईटीआई विदिशा में उपलब्ध विभिन्न इंजीनियरिंग और नॉन-इंजीनियरिंग ट्रेड्स, प्रवेश प्रक्रिया तथा पात्रता के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई। तकनीकी शिक्षा के फायदे बताए कि आईटीआई कोर्स पूरा करने के बाद मिलने वाले त्वरित रोजगार के अवसरों और खुद का व्यवसाय शुरू करने की अपार संभावनाओं की जानकारी दी। छात्राओं को शासन द्वारा दी जाने वाली विभिन्न प्रोत्साहन योजनाओं और छात्रवृत्ति की जानकारी दी गई। हॉस्टल की छात्राओं ने इस सत्र में बढ़-चढ़कर भाग लिया और आईटीआई में प्रवेश तथा करियर से जुड़े अपने प्रश्नों के उत्तर प्राप्त किए। यह पहल छात्राओं को स्वावलंबी और सशक्त बनाने की दिशा में एक सराहनीय प्रयास रही। #vidisha

Vidisha, Madhya Pradesh | Aug 5, 2026

सेंटमेरी हाई सेकेंडरी स्कूल में एसडीईआरएफ का आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण, 400 विद्यार्थियों ने सीखे जीवनरक्षक कौशल
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सीपीआर, बाढ़, अग्निकांड, सर्पदंश व आकाशीय बिजली से बचाव के दिए व्यावहारिक प्रशिक्षण, 'सचेत' और 'दामिनी' ऐप डाउनलोड कराए गए
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आपदा की स्थिति में घबराने के बजाय सतर्कता, सही निर्णय और समय पर की गई कार्रवाई ही जीवन बचाने का सबसे प्रभावी माध्यम है। इसी उद्देश्य के साथ बुधवार को सेंटमेरी हाई सेकेंडरी स्कूल, बंटी नगर, विदिशा में एसडीईआरएफ (स्टेट डिजास्टर इमरजेंसी रिस्पांस फोर्स) द्वारा व्यापक आपदा प्रबंधन जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में लगभग 400 छात्र-छात्राओं, शिक्षकों एवं विद्यालय स्टाफ ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर विभिन्न आपदाओं से बचाव और जीवनरक्षक तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्राप्त किया।
     
यह प्रशिक्षण कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री अंशुल गुप्ता के निर्देशानुसार तथा जिला सेनानी होमगार्ड श्री मयंक कुमार जैन एवं कम्पनी कमांडर होमगार्ड श्री देवीसिंह परते के नेतृत्व में आयोजित किया गया। प्रशिक्षण का उद्देश्य विद्यार्थियों में आपदा के समय स्वयं को सुरक्षित रखने, दूसरों की सहायता करने तथा संकट की घड़ी में त्वरित एवं सही निर्णय लेने की क्षमता विकसित करना था।
     
कार्यक्रम के दौरान एसडीईआरएफ के सैनिक सौरभ पचौरी ने बाढ़, अग्निकांड, सर्पदंश, आकाशीय बिजली तथा अन्य प्राकृतिक आपदाओं से बचाव के प्रभावी उपायों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने स्थानीय स्तर पर उपलब्ध संसाधनों से अस्थायी रेस्क्यू उपकरण तैयार करने का प्रदर्शन कर बताया कि सीमित संसाधनों में भी प्रभावी बचाव कार्य किया जा सकता है। साथ ही सीपीआर (कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन) का सजीव प्रदर्शन करते हुए विद्यार्थियों को बताया कि दुर्घटना के बाद शुरुआती कुछ मिनट किसी भी घायल व्यक्ति का जीवन बचाने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होते हैं। विद्यार्थियों ने स्वयं सीपीआर एवं अन्य तकनीकों का अभ्यास कर प्रशिक्षण को व्यवहारिक रूप से समझा।
      
इस अवसर पर जिला सेनानी होमगार्ड श्री मयंक कुमार जैन ने विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को 'सचेत' और 'दामिनी' मोबाइल ऐप की उपयोगिता के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि दामिनी ऐप वज्रपात की संभावित घटनाओं की समयपूर्व चेतावनी देकर जनहानि रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, जबकि सचेत ऐप मौसम संबंधी अलर्ट, प्राकृतिक आपदाओं की पूर्व सूचना और आवश्यक सुरक्षा दिशा-निर्देश उपलब्ध कराता है। प्रशिक्षण के दौरान विद्यार्थियों एवं शिक्षकों के मोबाइल फोन में दोनों ऐप डाउनलोड कराए गए तथा उनके प्रभावी उपयोग की जानकारी भी दी गई। साथ ही सभी से अपील की गई कि वे अपने परिवार और आसपास के लोगों को भी इन ऐप्स के उपयोग के लिए प्रेरित करें।
     
प्रशिक्षण के समापन पर विद्यार्थियों ने कहा कि इस कार्यक्रम से उन्हें ऐसी महत्वपूर्ण एवं व्यावहारिक जानकारी मिली है, जो किसी भी आपातकालीन परिस्थिति में स्वयं के साथ-साथ दूसरों का जीवन बचाने में भी सहायक सिद्ध होगी। विद्यालय प्रबंधन ने एसडीईआरएफ एवं होमगार्ड की इस जनहितैषी पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे प्रशिक्षण विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, जागरूकता और जिम्मेदारी की भावना विकसित करते हैं तथा भविष्य में भी इस प्रकार के कार्यक्रम आयोजित किए जाने की आवश्यकता है। कार्यक्रम में एसडीईआरएफ टीम के सैनिक सौरभ पचौरी, गौरव रघुवंशी, देवेंद्र किलोरिया एवं ऋषभ सहित विद्यालय के शिक्षकगण एवं स्टाफ उपस्थित रहे। #vidisha

सेंटमेरी हाई सेकेंडरी स्कूल में एसडीईआरएफ का आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण, 400 विद्यार्थियों ने सीखे जीवनरक्षक कौशल .. सीपीआर, बाढ़, अग्निकांड, सर्पदंश व आकाशीय बिजली से बचाव के दिए व्यावहारिक प्रशिक्षण, 'सचेत' और 'दामिनी' ऐप डाउनलोड कराए गए .. आपदा की स्थिति में घबराने के बजाय सतर्कता, सही निर्णय और समय पर की गई कार्रवाई ही जीवन बचाने का सबसे प्रभावी माध्यम है। इसी उद्देश्य के साथ बुधवार को सेंटमेरी हाई सेकेंडरी स्कूल, बंटी नगर, विदिशा में एसडीईआरएफ (स्टेट डिजास्टर इमरजेंसी रिस्पांस फोर्स) द्वारा व्यापक आपदा प्रबंधन जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में लगभग 400 छात्र-छात्राओं, शिक्षकों एवं विद्यालय स्टाफ ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर विभिन्न आपदाओं से बचाव और जीवनरक्षक तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्राप्त किया। यह प्रशिक्षण कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री अंशुल गुप्ता के निर्देशानुसार तथा जिला सेनानी होमगार्ड श्री मयंक कुमार जैन एवं कम्पनी कमांडर होमगार्ड श्री देवीसिंह परते के नेतृत्व में आयोजित किया गया। प्रशिक्षण का उद्देश्य विद्यार्थियों में आपदा के समय स्वयं को सुरक्षित रखने, दूसरों की सहायता करने तथा संकट की घड़ी में त्वरित एवं सही निर्णय लेने की क्षमता विकसित करना था। कार्यक्रम के दौरान एसडीईआरएफ के सैनिक सौरभ पचौरी ने बाढ़, अग्निकांड, सर्पदंश, आकाशीय बिजली तथा अन्य प्राकृतिक आपदाओं से बचाव के प्रभावी उपायों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने स्थानीय स्तर पर उपलब्ध संसाधनों से अस्थायी रेस्क्यू उपकरण तैयार करने का प्रदर्शन कर बताया कि सीमित संसाधनों में भी प्रभावी बचाव कार्य किया जा सकता है। साथ ही सीपीआर (कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन) का सजीव प्रदर्शन करते हुए विद्यार्थियों को बताया कि दुर्घटना के बाद शुरुआती कुछ मिनट किसी भी घायल व्यक्ति का जीवन बचाने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होते हैं। विद्यार्थियों ने स्वयं सीपीआर एवं अन्य तकनीकों का अभ्यास कर प्रशिक्षण को व्यवहारिक रूप से समझा। इस अवसर पर जिला सेनानी होमगार्ड श्री मयंक कुमार जैन ने विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को 'सचेत' और 'दामिनी' मोबाइल ऐप की उपयोगिता के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि दामिनी ऐप वज्रपात की संभावित घटनाओं की समयपूर्व चेतावनी देकर जनहानि रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, जबकि सचेत ऐप मौसम संबंधी अलर्ट, प्राकृतिक आपदाओं की पूर्व सूचना और आवश्यक सुरक्षा दिशा-निर्देश उपलब्ध कराता है। प्रशिक्षण के दौरान विद्यार्थियों एवं शिक्षकों के मोबाइल फोन में दोनों ऐप डाउनलोड कराए गए तथा उनके प्रभावी उपयोग की जानकारी भी दी गई। साथ ही सभी से अपील की गई कि वे अपने परिवार और आसपास के लोगों को भी इन ऐप्स के उपयोग के लिए प्रेरित करें। प्रशिक्षण के समापन पर विद्यार्थियों ने कहा कि इस कार्यक्रम से उन्हें ऐसी महत्वपूर्ण एवं व्यावहारिक जानकारी मिली है, जो किसी भी आपातकालीन परिस्थिति में स्वयं के साथ-साथ दूसरों का जीवन बचाने में भी सहायक सिद्ध होगी। विद्यालय प्रबंधन ने एसडीईआरएफ एवं होमगार्ड की इस जनहितैषी पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे प्रशिक्षण विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, जागरूकता और जिम्मेदारी की भावना विकसित करते हैं तथा भविष्य में भी इस प्रकार के कार्यक्रम आयोजित किए जाने की आवश्यकता है। कार्यक्रम में एसडीईआरएफ टीम के सैनिक सौरभ पचौरी, गौरव रघुवंशी, देवेंद्र किलोरिया एवं ऋषभ सहित विद्यालय के शिक्षकगण एवं स्टाफ उपस्थित रहे। #vidisha

Vidisha, Madhya Pradesh | Aug 5, 2026

शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मानौरा में आयोजित पोक्सो एक्ट जागरूकता कार्यशाला 
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गुड टच बेड टच चाइल्ड हेल्पलाइन पोक्सो एक्ट के प्रावधान एवं किशोर न्याय बालकों की देखरेख संरक्षण अधिनियम की दी गई जानकारी
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शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मानौरा में आज छात्राओं की सुरक्षा एवं जागरूकता हेतु बाल यौन शोषण से संरक्षण अधिनियम पोक्सो एक्ट पर एक विशेष जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में छात्राओं को बताया गया कि 18 वर्ष से कम आयु के सभी बच्चे POCSO अधिनियम के अंतर्गत आते हैं। उन्हें गुड टच बेड टच की पहचान , अंतर, निजी अंगों की सुरक्षा और किसी भी गलत व्यवहार पर नो बोलो गो वहाँ से जाओ टेल किसी विश्वसनीय व्यक्ति को बताओ का नियम समझाया गया।
    
यदि किसी छात्रा के साथ कोई अनुचित व्यवहार होता है तो वह डरे नहीं। तुरंत 1098 चाइल्डलाइन, 112 या विद्यालय की शिक्षिका को सूचित करें। POCSO के तहत शिकायतकर्ता की पहचान गोपनीय रखी जाती है और दोषी को कड़ी सजा  से दंडित किए जाने का प्रावधान है। कार्यक्रम को सफल बनाने में समस्त शिक्षक शिक्षकों का  सराहनीय योगदान रहा। कार्यक्रम में श्री मुकेश ताम्रकार महिला बाल विकास विभाग विदिशा श्री शिवराज सिंह सूर्यवंशी संस्था प्राचार्य, श्रीमती प्रभा देवीसिकर, श्री मोहन कुशवाह, श्री अरविंद रघुवंशी एवं योगेंद्र साहू उपस्थित रहे। #vidisha

शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मानौरा में आयोजित पोक्सो एक्ट जागरूकता कार्यशाला .. गुड टच बेड टच चाइल्ड हेल्पलाइन पोक्सो एक्ट के प्रावधान एवं किशोर न्याय बालकों की देखरेख संरक्षण अधिनियम की दी गई जानकारी .. शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मानौरा में आज छात्राओं की सुरक्षा एवं जागरूकता हेतु बाल यौन शोषण से संरक्षण अधिनियम पोक्सो एक्ट पर एक विशेष जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में छात्राओं को बताया गया कि 18 वर्ष से कम आयु के सभी बच्चे POCSO अधिनियम के अंतर्गत आते हैं। उन्हें गुड टच बेड टच की पहचान , अंतर, निजी अंगों की सुरक्षा और किसी भी गलत व्यवहार पर नो बोलो गो वहाँ से जाओ टेल किसी विश्वसनीय व्यक्ति को बताओ का नियम समझाया गया। यदि किसी छात्रा के साथ कोई अनुचित व्यवहार होता है तो वह डरे नहीं। तुरंत 1098 चाइल्डलाइन, 112 या विद्यालय की शिक्षिका को सूचित करें। POCSO के तहत शिकायतकर्ता की पहचान गोपनीय रखी जाती है और दोषी को कड़ी सजा से दंडित किए जाने का प्रावधान है। कार्यक्रम को सफल बनाने में समस्त शिक्षक शिक्षकों का सराहनीय योगदान रहा। कार्यक्रम में श्री मुकेश ताम्रकार महिला बाल विकास विभाग विदिशा श्री शिवराज सिंह सूर्यवंशी संस्था प्राचार्य, श्रीमती प्रभा देवीसिकर, श्री मोहन कुशवाह, श्री अरविंद रघुवंशी एवं योगेंद्र साहू उपस्थित रहे। #vidisha

Vidisha, Madhya Pradesh | Aug 5, 2026