योगी आदित्यनाथ सरकार सामाजिक न्याय, सांस्कृतिक सम्मान और अवसरों की समानता को शासन का आधार बनाते हुए अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग को मुख्यधारा में प्रतिष्ठित करने की दिशा में निर्णायक कदम उठा रही है। इसी का परिणाम है कि जनजातीय गांवों में संतृप्ति आधारित विकास, महिलाओं की सुरक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण, युवाओं की शिक्षा शामिल है।