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बंडा: बंडा मंडल के ग्राम छापरी , हनोता_पटकुई, केथोरा, पिपरिया_चमारी, बमूराभेड़ा, सिमरिया , चंदोख, गडर में विकास यात्रा में भाज
Banda, Sagar
| Feb 28, 2023
#politics
MORE NEWS
#bandapolice थाना तिन्दवारी क्षेत्रान्तर्गत एक अज्ञात व्यक्ति की शिनाख्त सुनिश्चित की गयी है पुलिस द्वारा शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम हेतु भेज दिया गया है । अऩ्य आवश्यक विधिक कार्यवाही की जा रही है । इस सम्बन्ध में विडियों बाइट क्षेत्राधिकारी सदर श्री सौरभ सिंह । https://t.co/m35IpBtWBJ
Banda, Uttar Pradesh | Jun 27, 2026
सपा बैठक में सांसद कृष्णा पटेल और विधायक विशम्भर सिंह यादव के बीच नोकझोंक, वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल बांदा। समाजवादी पार्टी के जिला कार्यालय में आयोजित बैठक के दौरान उस समय माहौल गरमा गया, जब सांसद कृष्णा पटेल और बबेरू विधायक विशम्भर सिंह यादव के बीच किसी मुद्दे को लेकर तीखी नोकझोंक हो गई। दोनों नेताओं के बीच कुछ देर तक बहस चलती रही, जिससे बैठक में मौजूद कार्यकर्ताओं के बीच भी हलचल मच गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मामला बढ़ने से पहले सपा जिलाध्यक्ष ने हस्तक्षेप करते हुए दोनों नेताओं को शांत कराया। इसके बाद बैठक की कार्यवाही सामान्य रूप से आगे बढ़ी। बैठक के दौरान हुई इस नोकझोंक का वीडियो किसी ने अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड कर लिया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। हालांकि, दोनों नेताओं के बीच विवाद किस मुद्दे को लेकर हुआ, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है। वहीं, समाजवादी पार्टी की ओर से भी इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। #Banda #SamajwadiParty #KrishnaPatel #VishambharSinghYadav #ViralVideo
Banda, Banda | Jun 27, 2026
बाँदा का ऐतिहासिक मोहर्रम: 10वीं मोहर्रम (यौमे आशूरा) पर अकीदत, ग़म और भाईचारे का संगम बाँदा शहर का मोहर्रम पूरे बुंदेलखंड में अपनी अनूठी परंपराओं और ऐतिहासिक विरासत के लिए प्रसिद्ध है। दसवीं मोहर्रम, जिसे यौमे आशूरा कहा जाता है, इस्लामिक इतिहास की सबसे महत्वपूर्ण तारीखों में से एक है। इसी दिन कर्बला के मैदान में हज़रत इमाम हुसैन (अ.स.) और उनके 72 साथियों ने सत्य, न्याय और इंसानियत की रक्षा के लिए अपनी शहादत पेश की थी। बाँदा में 10वीं मोहर्रम की सुबह से ही विभिन्न इमामबाड़ों में मजलिसें और मातम का सिलसिला शुरू हो जाता है। अज़ादार काले वस्त्र पहनकर इमाम हुसैन (अ.स.) को ख़िराज-ए-अकीदत पेश करते हैं। शहर के अलग-अलग मोहल्लों से ताज़िए, अलम, ज़ुलजनाह और पारंपरिक ढालों के साथ जुलूस निकलते हैं। 9वीं मोहर्रम की रात भर विभिन्न इमामबाड़ों की ढालों का मिलाप होता है, जिसके बाद 10वीं तारीख़ को सभी ताज़िए और जुलूस निर्धारित मार्गों से गुजरते हुए कर्बला पहुँचते हैं। यहाँ धार्मिक रस्मों के साथ ताज़ियों को सुपुर्द-ए-ख़ाक (दफन) किया जाता है। पूरे मार्ग में जगह-जगह शर्बत, ठंडा पानी और लंगर की व्यवस्था की जाती है, जो इंसानियत और सेवा की मिसाल पेश करती है। बाँदा का मोहर्रम केवल मुस्लिम समाज तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें सभी धर्मों के लोग बढ़-चढ़कर सहयोग करते हैं। यही गंगा-जमुनी तहज़ीब इस ऐतिहासिक आयोजन की सबसे बड़ी पहचान है। प्रशासन और पुलिस भी सुरक्षा एवं व्यवस्था के लिए विशेष इंतज़ाम करते हैं, जिससे लाखों श्रद्धालु शांतिपूर्वक इस धार्मिक परंपरा में शामिल हो सकें। यौमे आशूरा हमें यह संदेश देता है कि अन्याय के सामने कभी झुकना नहीं चाहिए और सत्य, न्याय, इंसानियत तथा भाईचारे के लिए हर परिस्थिति में डटे रहना चाहिए। यही कर्बला की सबसे बड़ी सीख है और यही बाँदा के ऐतिहासिक मोहर्रम की आत्मा भी है। UP 90 Creator #Moharram2026 #BandaMuharram #YaumEAshura
Banda, Banda | Jun 27, 2026
बाँदा का ऐतिहासिक मोहर्रम: 10वीं मोहर्रम (यौमे आशूरा) पर अकीदत, ग़म और भाईचारे का संगम बाँदा शहर का मोहर्रम पूरे बुंदेलखंड में अपनी अनूठी परंपराओं और ऐतिहासिक विरासत के लिए प्रसिद्ध है। दसवीं मोहर्रम, जिसे यौमे आशूरा कहा जाता है, इस्लामिक इतिहास की सबसे महत्वपूर्ण तारीखों में से एक है। इसी दिन कर्बला के मैदान में हज़रत इमाम हुसैन (अ.स.) और उनके 72 साथियों ने सत्य, न्याय और इंसानियत की रक्षा के लिए अपनी शहादत पेश की थी। बाँदा में 10वीं मोहर्रम की सुबह से ही विभिन्न इमामबाड़ों में मजलिसें और मातम का सिलसिला शुरू हो जाता है। अज़ादार काले वस्त्र पहनकर इमाम हुसैन (अ.स.) को ख़िराज-ए-अकीदत पेश करते हैं। शहर के अलग-अलग मोहल्लों से ताज़िए, अलम, ज़ुलजनाह और पारंपरिक ढालों के साथ जुलूस निकलते हैं। 9वीं मोहर्रम की रात भर विभिन्न इमामबाड़ों की ढालों का मिलाप होता है, जिसके बाद 10वीं तारीख़ को सभी ताज़िए और जुलूस निर्धारित मार्गों से गुजरते हुए कर्बला पहुँचते हैं। यहाँ धार्मिक रस्मों के साथ ताज़ियों को सुपुर्द-ए-ख़ाक (दफन) किया जाता है। पूरे मार्ग में जगह-जगह शर्बत, ठंडा पानी और लंगर की व्यवस्था की जाती है, जो इंसानियत और सेवा की मिसाल पेश करती है। बाँदा का मोहर्रम केवल मुस्लिम समाज तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें सभी धर्मों के लोग बढ़-चढ़कर सहयोग करते हैं। यही गंगा-जमुनी तहज़ीब इस ऐतिहासिक आयोजन की सबसे बड़ी पहचान है। प्रशासन और पुलिस भी सुरक्षा एवं व्यवस्था के लिए विशेष इंतज़ाम करते हैं, जिससे लाखों श्रद्धालु शांतिपूर्वक इस धार्मिक परंपरा में शामिल हो सकें। यौमे आशूरा हमें यह संदेश देता है कि अन्याय के सामने कभी झुकना नहीं चाहिए और सत्य, न्याय, इंसानियत तथा भाईचारे के लिए हर परिस्थिति में डटे रहना चाहिए। यही कर्बला की सबसे बड़ी सीख है और यही बाँदा के ऐतिहासिक मोहर्रम की आत्मा भी है। #Moharram2026 #BandaMuharram #YaumEAshura
Banda, Banda | Jun 27, 2026
#bandapolice जनपद में शांति एवं कानून व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने हेतु अपर पुलिस अधीक्षक बांदा श्री शिवराज एवं क्षेत्राधिकारी बबेरु श्री कृष्णकांत त्रिपाठी के नेतृत्व में थाना बबेरु पुलिस बल के साथ थाना क्षेत्र में किया गया पैदल गश्त। #UPPolice https://t.co/evrrurm95d
Banda, Uttar Pradesh | Jun 27, 2026