हरियाणा के 10 शिक्षकों ने सीसीआरटी उदयपुर प्रशिक्षण में किया प्रदेश की लोक संस्कृति का प्रतिनिधित्व
राजस्थान के उदयपुर में केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय के तहत सीसीआरटी (CCRT) द्वारा आयोजित दस दिवसीय ‘हमारी सांस्कृतिक विविधता’ राष्ट्रीय प्रशिक्षण शिविर में हरियाणा राज्य का गौरव बढ़ाने के लिए प्रदेश के विभिन्न जिलों से 10 शिक्षकों के प्रतिनिधिमंडल ने सहभागिता की। इस टीम ने राष्ट्रीय स्तर पर हरियाणा की समृद्ध लोक संस्कृति, परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत का अत्यंत प्रभावी प्रतिनिधित्व किया।
हरियाणा प्रतिनिधिमंडल के प्रमुख सदस्यों में कुरुक्षेत्र से डॉ. अंकिता, फरीदाबाद से सुनील कुमार, कैथल से विजेंद्र सिंह और विजय कुमार, भिवानी से सतीश कुमार और बजरंग सिंह, रेवाड़ी से विक्रम सिंह, पानीपत से बोधराज, करनाल से यतिंदर कुमार तथा हिसार से वीरेंद्र कुमार शामिल रहे।
शिक्षा से जुड़ा लोक संस्कृति का अनूठा संगम
इस दस दिवसीय प्रशिक्षण शिविर में देश भर से आए शिक्षकों ने लोककला, लोकसंगीत, लोकनृत्य, हस्तशिल्प, लोककथाओं और पारंपरिक ज्ञान को आधुनिक शिक्षा प्रणाली व पाठ्यक्रम से जोड़ने के तौर-तरीके सीखे।
कुरुक्षेत्र से प्रतिनिधिमंडल की सदस्य डॉ. अंकिता ने साझा किया कि इस प्रशिक्षण से प्राप्त अमूल्य अनुभव और जानकारियों को वे अपने-अपने विद्यालयों में विद्यार्थियों तक पहुंचाएंगी, जिससे छात्र-छात्राओं में सांस्कृतिक समझ और राष्ट्रीय एकता की भावना और अधिक मजबूत होगी।
प्रशिक्षण सफलतापूर्वक संपन्न होने पर सभी शिक्षकों ने अपने संबंधित जिलों के डाइट (DIET) प्राचार्यों और विद्यालय प्रमुखों का आभार व्यक्त किया।