फतेहाबाद में जेल भरो आंदोलन के तहत प्रदर्शन, 833 किसान-मजदूरों और परियोजना वर्करों ने दी गिरफ्तारी
फतेहाबाद, 10 अगस्त।
भाजपा सरकार की जनविरोधी नीतियों और कारपोरेट गद्दी छोड़ो आंदोलन के आह्वान पर फतेहाबाद में सैंकड़ों किसान-मजदूरों, खेत व ग्रामीण मजदूरों, परियोजना वर्करों और सफाई कर्मचारियों ने एकजुट होकर जेल भरो आंदोलन में हिस्सा लिया। स्थानीय सब्जी मंडी के पास एकत्रित होकर सैकड़ों प्रदर्शनकारियों ने जुलूस निकाला और डीसी कार्यालय पहुंचकर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान माहौल उस समय गर्म हो गया जब प्रदर्शनकारियों ने सामूहिक गिरफ्तारी दी। प्रशासन द्वारा करीब 833 लोगों को हिरासत में लेकर पुलिस लाइन भेजा गया। प्रदर्शन की अध्यक्षता संयुक्त रूप से विष्णु दत्त शर्मा, सुनील कुमार, शीला शक्करपुरा, प्यारा राम म्योदं और तजिंदर सिंह थिंद ने की, जबकि मंच का संचालन रामकुमार बहबलपुरिया, ओमप्रकाश अनेजा, राजेंद्र प्रसाद बाटू और सुखविंदर सिंह ने संभाला।
किसान-मजदूर नेता रामकुमार बहबलपुरिया, विष्णु दत्त शर्मा और ओमप्रकाश अनेजा ने सरकार की नीतियों पर तीखे प्रहार किए। नेताओं ने कहा कि देश और प्रदेश का गरीब तथा मेहनतकश वर्ग आज गंभीर संकट के दौर से गुजर रहा है। उन्होंने कहा कि कृषि लागत बढऩे और आमदनी घटने से किसान-मजदूर भारी कर्ज के जाल में फंस रहे हैं। लंबे संघर्षों के बाद हासिल श्रम कानूनों को खत्म कर चार लेबर कोड लागू किए जा रहे हैं, जो मजदूरों को शोषण की तरफ धकेलेंगे। जगतार सिंह, जगीर सिंह, लाभ सिंह, रामस्वरूप ढाणी गोपाल, संदीप महिया ने कहा कि मनरेगा के तहत मिलने वाली रोजगार गारंटी को कमजोर किया जा रहा है तथा खाद्य सुरक्षा कानून पर हमले की नीयत से गुलाबी कार्ड धारकों के राशन में कटौती और डिपो से सरसों तेल बंद करने की तैयारी है। बिजली विभाग के निजीकरण, स्मार्ट मीटर योजना और डीजल-पेट्रोल तथा रसोई गैस के आसमान छूते दामों ने आम जनता की कमर तोड़ दी है।
प्रदर्शनकारियों ने मौके पर चल रही नगरपालिका सफाई कर्मचारियों तथा अग्निशमन कर्मियों की हड़ताल का पुरजोर समर्थन किया। इसके साथ ही, 11, 12 और 13 अगस्त को बिजली कर्मचारियों द्वारा की जाने वाली राष्ट्रव्यापी हड़ताल में भी बढ़-चढक़र हिस्सा लेने और समर्थन देने का ऐलान किया गया। आंदोलनकारी नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जनविरोधी और कॉर्पोरेट समर्थक नीतियों को वापस नहीं लिया, तो आने वाले दिनों में इस जनांदोलन को और अधिक तेज किया जाएगा।