पीएमएसएमए डे पर 105 हाई रिस्क गर्भवतियां चिन्हित, जिलेभर में उत्सव की तरह मनाया गया अभियान
#देवरिया, 9 जून 2026।
गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं के बेहतर स्वास्थ्य तथा सुरक्षित प्रसव को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आयोजित प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (पीएमएसएमए) डे के 10 वर्ष पूर्ण होने पर देवरिया जिले के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और आयुष्मान आरोग्य मंदिरों पर विशेष शिविर लगाए गए। इस दौरान जिलेभर में 105 हाई रिस्क प्रेगनेंसी (एचआरपी) वाली गर्भवती महिलाओं की पहचान की गई।
तरकुलवा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अनिल कुमार गुप्ता ने बताया कि भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय तथा राज्य स्वास्थ्य समिति के निर्देश पर जिलेभर में व्यापक स्तर पर गर्भवती महिलाओं की निःशुल्क जांच एवं स्वास्थ्य परामर्श की व्यवस्था की गई। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान की शुरुआत वर्ष 2016 में गर्भवती महिलाओं को प्रत्येक माह की 9 तारीख को गुणवत्तापूर्ण प्रसव पूर्व जांच सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से की गई थी।
विशेष शिविरों में गर्भवती महिलाओं का रक्तचाप, वजन, हीमोग्लोबिन, मूत्र जांच सहित अन्य आवश्यक पैथोलॉजिकल परीक्षण निःशुल्क किए गए। साथ ही चिकित्सा अधिकारियों और सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों द्वारा उच्च जोखिम वाली गर्भवतियों की पहचान कर आवश्यकतानुसार उन्हें उच्च स्वास्थ्य संस्थानों के लिए रेफर किया गया।
जिला मातृ स्वास्थ्य परामर्शदाता विश्वनाथ मल्ल ने बताया कि कार्यक्रम की सफलता सुनिश्चित करने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाया गया। आयुष्मान आरोग्य मंदिरों पर तैनात सीएचओ, एएनएम और आशा कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी सौंपी गई। आशा कार्यकर्ताओं ने घर-घर जाकर गर्भवती महिलाओं से संपर्क किया और विशेष रूप से उन महिलाओं को जांच के लिए प्रेरित किया जो अब तक किसी कारणवश स्वास्थ्य जांच से वंचित थीं या उच्च जोखिम श्रेणी में आती थीं।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, अभियान का उद्देश्य समय रहते जोखिम वाली गर्भावस्थाओं की पहचान कर मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाना और सुरक्षित प्रसव सुनिश्चित करना है।