‘‘विकसित ग्राम–विकसित देवरिया’’ कार्यक्रम का शुभारंभ, अधिकारियों को दिया गया प्रशिक्षण
#देवरिया, 12 जून।
जनपद के ग्रामों एवं आकांक्षी विकासखंडों के समग्र विकास को गति देने के उद्देश्य से ‘‘विकसित ग्राम–विकसित देवरिया’’ कार्यक्रम का शुभारंभ जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी के नेतृत्व में कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम के साथ किया गया।
जिलाधिकारी ने आकांक्षी विकासखंडों बरहज, भागलपुर, लार, गौरी बाजार और बनकटा में कार्यक्रम के सभी मानकों एवं संकेतकों के प्रभावी क्रियान्वयन तथा सतत अनुश्रवण के लिए क्लस्टरवार पर्यवेक्षणीय अधिकारियों की तैनाती की है। प्रशिक्षण के दौरान इन अधिकारियों को उनकी जिम्मेदारियों और कार्यप्रणाली से अवगत कराया गया।
उन्होंने अधिकारियों को आपसी समन्वय और टीम भावना के साथ कार्य करने के निर्देश देते हुए कहा कि टीमवर्क ग्राम पंचायत स्तर तक पहुंचे और उसके सकारात्मक परिणाम दिखाई दें। अधिकारियों से अपेक्षा की गई कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में पूरी निष्ठा से कार्य करते हुए विकास के निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त करें।
कार्यक्रम के अंतर्गत स्वास्थ्य एवं पोषण, शिक्षा, कृषि एवं जल संसाधन, वित्तीय समावेशन एवं कौशल विकास तथा आधारभूत संरचना से जुड़े विभिन्न मानकों की निगरानी और प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा, जिससे चयनित विकासखंड तय मानकों को पूरा कर आदर्श विकास मॉडल बन सकें।
जिलाधिकारी ने विकासखंडवार पर्यवेक्षणीय अधिकारियों की टीम गठित कर उन्हें ग्राम पंचायतों में नियमित भ्रमण, ग्राम स्तरीय अधिकारियों, कर्मचारियों, ग्राम प्रधानों एवं प्रबुद्धजनों के साथ समन्वय स्थापित करने तथा विकास योजनाओं की संतृप्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में नीति आयोग के डेवलपमेंट पार्टनर MicroSave Consulting की टीम के सदस्य रवि प्रकाश कौशल, सुभी एवं शशांक ने कार्यक्रम की रूपरेखा और विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत जानकारी दी।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी राजेश कुमार सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. ए.के. गुप्ता, परियोजना निदेशक, डीएसओ, डीसी-एनआरएलएम, बीएसए, दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी प्रियंका चौधरी, डीएसटीओ, एडीएसटीओ सहित पांचों विकासखंडों के पर्यवेक्षणीय अधिकारी उपस्थित रहे।
DM Deoria