रेलवे सुरंग निर्माण के बाद सूखे प्राकृतिक जलस्रोत, बूंद-बूंद पानी को तरसे ग्रामीण, आंदोलन की चेतावनी
शिवानंदी गांव में पेयजल संकट गंभीर होता जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि रेलवे सुरंग निर्माण के बाद गांव के वर्षों पुराने प्राकृतिक जलस्रोत पूरी तरह सूख गए हैं। इसके चलते लोगों को रोजाना करीब आधा किलोमीटर दूर अलकनंदा नदी से पानी ढोकर लाना पड़ रहा है।
पानी की समस्या से नाराज ग्रामीणों ने बर्तन लेकर पेयजल टैंकों पर प्रदर्शन किया और प्रशासन व निर्माण एजेंसी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। महिलाओं ने बताया कि रोजाना पानी की व्यवस्था करना बड़ी चुनौती बन गया है।
ग्रामीणों का यह भी कहना है कि सुरंग निर्माण के बाद कई मकानों में दरारें आने लगी हैं, जिससे लोगों में भय का माहौल है।
ग्रामीणों की प्रमुख मांगें:
🔹 वैकल्पिक पेयजल व्यवस्था तत्काल उपलब्ध कराई जाए।
🔹 सूख चुके प्राकृतिक जलस्रोतों की वैज्ञानिक जांच कराई जाए।
🔹 क्षतिग्रस्त मकानों का सर्वे कर उचित मुआवजा दिया जाए।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे बड़े जनआंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे।
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