महाराष्ट्र से निकले राष्ट्रभक्त पदयात्री त्र्यंबकम नाइक का मदनपुर में भव्य स्वागत, सनातन एकता का दिया संदेश
विश्व हिंदू परिषद परिवार ने महाराष्ट्र से राष्ट्र जागरण और सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार के उद्देश्य से पदयात्रा पर निकले राष्ट्रभक्त त्र्यंबकम नाइक का मदनपुर में भव्य स्वागत एवं अभिनंदन किया।
त्र्यंबकम नाइक ने छत्रपति शिवाजी महाराज के हिंदू स्वराज के धर्म ध्वज को देश की अंतिम सीमा तक पहुंचाने तथा 12 ज्योतिर्लिंगों के दर्शन का संकल्प लेकर घर-परिवार का त्याग किया है। जीवन के उस पड़ाव में, जब अधिकांश लोग विश्राम का चयन करते हैं, उन्होंने राष्ट्र सेवा और सनातन धर्म के प्रचार को अपना जीवन समर्पित कर दिया है।
महाराष्ट्र से विभिन्न तीर्थों की यात्रा करते हुए वे मदनपुर पहुंचे, जहां विश्व हिंदू परिषद के जिला सहमंत्री नवीन पाठक, दिलीप कुमार, मनजीश कुमार सहित संगठन के कार्यकर्ताओं ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। रात्रि विश्राम की व्यवस्था एकल ग्राम उत्थान फाउंडेशन (सीटीएल) कार्यालय में की गई।
इस अवसर पर विश्व हिंदू परिषद के आजीवन हितचिंतक एवं डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी राष्ट्रीय विचार मंच के राष्ट्रीय संरक्षक मंडल सदस्य जितेंद्र सिंह परमार ने कहा कि ऐसे राष्ट्रभक्त समाज के लिए प्रेरणास्रोत हैं और सनातन संस्कृति के संरक्षण में उनकी भूमिका अनुकरणीय है।
प्रस्थान से पूर्व त्र्यंबकम नाइक ने सनातन समाज से जाति-पांति और छुआछूत जैसी सामाजिक बुराइयों से ऊपर उठकर एकजुट होने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि "जिसके माथे पर श्री तिलक और शिखा है, वह हमारा अपना है। सभी सनातनियों को एकजुट होकर राष्ट्र और संस्कृति की रक्षा के लिए आगे आना चाहिए।"
इसके बाद उन्होंने उमगेश्वरी स्थित सूर्य भगवान मंदिर में दर्शन-पूजन किया और मदनपुर के सनातन परिवार को शुभकामनाएं देते हुए अपनी पदयात्रा के अगले पड़ाव के लिए रवाना हो गए।
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