सुपर स्पेशियलिटी चमियाना में सोमवार को 16वां राष्ट्रीय अंगदान दिवस मनाया गया, मरीजों एवं तीमारदारों को किया जागरूक
राज्य अंग एवं ऊतक प्रत्यारोपण संगठन (सोटो) हिमाचल प्रदेश द्वारा 16वां राष्ट्रीय अंगदान दिवस अटल आयुर्विज्ञान संस्थान, चमियाना में उत्साहपूर्वक मनाया गया। इस अवसर पर सोटो के संयुक्त निदेशक डॉ. निशांत नड्डा ने संस्थान के प्रधानाचार्य डॉ. बृज तथा चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सुधीर शर्मा से शिष्टाचार भेंट कर अंगदान जागरूकता गतिविधियों पर चर्चा की।
इसके उपरांत नेफ्रोलॉजी एवं न्यूरोलॉजी विभाग की ओपीडी के बाहर आयोजित जागरूकता कार्यक्रम में सैकड़ों मरीजों एवं उनके तीमारदारों को अंगदान के महत्व, इसकी प्रक्रिया तथा इससे जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम के दौरान नेफ्रोलॉजी विभाग की रीनल डायलिसिस टीम की साक्षी ने जीवित रहते किए जाने वाले अंगदान तथा मृत्यु के पश्चात अंगदान के विषय में विस्तृत जानकारी प्रदान की। वहीं कोमल ने अंगदान पर एक भावपूर्ण कविता प्रस्तुत कर उपस्थित लोगों को भावुक कर दिया और अंगदान के लिए प्रेरित किया।
सोटो की मीडिया कंसल्टेंट रामेश्वरी ने उपस्थित लोगों को अंगदान की शपथ लेने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि अंगदान एक ऐसा महादान है, जो मृत्यु के बाद भी कई लोगों को नया जीवन प्रदान कर सकता है। उन्होंने सभी से अंगदान के प्रति जागरूकता फैलाने और इस पुनीत कार्य में सहभागी बनने का आह्वान किया।
इस अवसर पर सोटो की प्रोग्राम असिस्टेंट भारती कश्यप सहित अन्य सदस्य भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में बड़ी संख्या में लोगों ने अंगदान के प्रति सकारात्मक सोच अपनाने तथा अधिक से अधिक लोगों को इसके लिए प्रेरित करने का संकल्प लिया।
सोटो ने मौजूदा समय तक प्रदेश भर में अंगदान जन जागरूकता अभियान के तहत करीब 350 शिविर लगाए। अंगदान महीना यानि जुलाई माह से लेकर 3 अगस्त तक अंगदान जीवन संजीवनी अभियान के तहत प्रदेश भर के मेडिकल कालेजों सहित शिक्षण संस्थानों में जागरूकता शिविर लगाए गए।
हिमाचल में अभी तक मरने के बाद दो अंगदाताओं ने अंगदान किए हैं वहीं 45 लाइव किडनी ट्रांसप्लांट हुए हैं। वहीं अभी तक 4174 लोगों ने अंगदान के शपथ पत्र भरे हैं।
अंगदान जीवन बचाने का जरिया: डॉ राव
आईजीएमसी में वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डॉ राहुल राव से भी सोटो की टीम ने शिष्टाचार भेंट की और अंगदान अभियान संबंधित चर्चा की। उन्होंने कहा कि मृत्यु के बाद अंगदान जीवन बचाने का जरिया है। अंगदान करने वाला व्यक्ति एक साथ आठ लोगों का जीवन बचा सकता है। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि अंगदान की मुहीम में अपना योगदान देने आगे आएं।