निठारी कांड का आरोपी रहा सुरेंद्र कोली हरिद्वार में मृत मिला, आत्महत्या की आशंका; चर्चित मामले पर फिर उठे सवाल
2006 के बहुचर्चित निठारी कांड से लेकर 2026 तक की कहानी ने फिर खींचा देश का ध्यान
कमजोर साक्ष्य, लंबी कानूनी प्रक्रिया और अधूरी न्यायिक बहस के बीच कोली की मौत ने कई सवाल फिर किए जीवित
✒️ रिपोर्ट यूपी हेड नागेंद्र पांडये
हरिद्वार। देश के सबसे चर्चित आपराधिक मामलों में शामिल निठारी कांड का आरोपी रहे सुरेंद्र कोली की हरिद्वार में संदिग्ध परिस्थितियों में फंदे से लटकी हुई लाश मिलने की खबर सामने आई है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, इसे आत्महत्या का मामला माना जा रहा है, हालांकि मृत्यु के वास्तविक कारणों की पुष्टि पुलिस जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही होगी।
सुरेंद्र कोली वर्ष 2006 के बहुचर्चित निठारी कांड के प्रमुख आरोपियों में शामिल रहा था। यह मामला नोएडा के निठारी गांव से बच्चों के लापता होने और बाद में मानव अवशेष मिलने के बाद राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियों में आया था। इस मामले ने पूरे देश को झकझोर दिया था और जांच की जिम्मेदारी बाद में सीबीआई को सौंपी गई थी।
बीते वर्षों में इस मामले की सुनवाई विभिन्न अदालतों में चली। इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा कई मामलों में सुरेंद्र कोली और मोनिंदर सिंह पंधेर को साक्ष्यों के अभाव में राहत दी गई थी। बाद में शेष मामले में भी वर्ष 2025 में सर्वोच्च न्यायालय से सुरेंद्र कोली को राहत मिली। न्यायालयों के निर्णयों में उपलब्ध साक्ष्यों और अभियोजन पक्ष की प्रस्तुति को महत्वपूर्ण आधार माना गया।
जेल से रिहा होने के बाद सुरेंद्र कोली हरिद्वार में रह रहा था। अब उसकी संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने एक बार फिर निठारी कांड को राष्ट्रीय चर्चा के केंद्र में ला दिया है। इस घटना के बाद उन परिवारों की पीड़ा भी फिर चर्चा में है, जिन्होंने वर्षों तक न्याय की उम्मीद में लंबी कानूनी लड़ाई लड़ी।
इस पूरे घटनाक्रम ने गंभीर आपराधिक मामलों की जांच, वैज्ञानिक साक्ष्यों के संरक्षण, अभियोजन की प्रभावशीलता तथा न्यायिक प्रक्रिया की गुणवत्ता को लेकर भी कई महत्वपूर्ण प्रश्न खड़े किए हैं। हालांकि इन सभी पहलुओं पर अंतिम निष्कर्ष न्यायालयों के निर्णयों और आधिकारिक जांच के आधार पर ही निकाला जा सकता है।
एनडी न्यूज़ की अपील
किसी भी संवेदनशील आपराधिक मामले में अपुष्ट दावों और अफवाहों से बचें। न्यायिक निर्णयों, पुलिस जांच और आधिकारिक तथ्यों के आधार पर ही निष्कर्ष निकालें। गंभीर अपराधों की निष्पक्ष जांच, वैज्ञानिक साक्ष्यों का संरक्षण और पीड़ित परिवारों को समयबद्ध न्याय सुनिश्चित करना लोकतांत्रिक व्यवस्था की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।
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✒️ रिपोर्ट यूपी हेड नागेंद्र पांडये
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📅 दिनांक: 18 सितंबर 2026
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डिस्क्लेमर: यह समाचार प्रारंभिक मीडिया रिपोर्टों और उपलब्ध सार्वजनिक जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। सुरेंद्र कोली की मृत्यु के कारणों की अंतिम पुष्टि पुलिस जांच, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और संबंधित अधिकारियों के आधिकारिक बयान के बाद ही होगी। एनडी न्यूज़ किसी भी अपुष्ट दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं करता।