चित्रकूट अमावस्या मेला: प्रथम द्वार पर मुस्तैद रहे प्रभारी तहसीलदार एवं कार्यपालिक मजिस्ट्रेट डॉ सुदामा प्रसाद
चित्रकूट में अमावस्या मेले के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए मेला व्यवस्था को सुचारु एवं सुरक्षित बनाए रखने के लिए प्रशासन पूरी तरह सक्रिय रहा। प्रभारी तहसीलदार एवं कार्यपालिक मजिस्ट्रेट मझगवां डॉ सुदामा प्रसाद प्रथम द्वार पर स्वयं मौजूद रहकर व्यवस्थाओं का लगातार निरीक्षण करते रहे।
उन्होंने पुलिस एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों-कर्मचारियों के साथ समन्वय स्थापित कर श्रद्धालुओं के आवागमन, सुरक्षा तथा भीड़ प्रबंधन की व्यवस्थाओं पर नजर बनाए रखी। प्रशासन का उद्देश्य श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा से बचाते हुए शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित ढंग से मेले का संचालन सुनिश्चित करना रहा।
प्रथम द्वार पर प्रशासनिक अधिकारियों की लगातार मौजूदगी से मेला क्षेत्र में व्यवस्था बनाए रखने में मदद मिली और श्रद्धालुओं का आवागमन सुचारु रूप से चलता रहा।