गुरु-शिष्य परंपरा भारतीय संस्कृति की आत्मा है : भारत विकास परिषद
भारत विकास परिषद शाखा ओसियां द्वारा शहिद मेघसिंह राजकीय माध्यमिक विद्यालय गिंगाला में "गुरु वंदन–छात्र अभिनंदन" कार्यक्रम किया गया।
कार्यक्रम में विद्यालय में लगभग 300 विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस अवसर पर विद्यालयों के 11 आचार्यों का श्रीमद्भगवद्गीता भेंट कर सम्मान किया गया। वहीं विद्यालयों के 10मेधावी एवं प्रतिभावान विद्यार्थियों को प्रशस्ति-पत्र एवं मिल्टन वाटर बोतल प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया गया।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि भारतीय गुरु-शिष्य परंपरा विश्व की सबसे प्राचीन एवं गौरवशाली परंपराओं में से एक है। महर्षि वेदव्यास, गुरु संदीपनि, आचार्य चाणक्य, समर्थ रामदास और स्वामी विवेकानंद जैसे महान गुरुओं ने अपने ज्ञान, संस्कार और मार्गदर्शन से भारत के इतिहास को नई दिशा दी। गुरु केवल शिक्षा ही नहीं देते, बल्कि व्यक्ति के चरित्र का निर्माण कर उसके जीवन के अंधकार को दूर करते हुए विवेक का प्रकाश फैलाते हैं।
विद्यालय परिवार की ओर से प्रधानाचार्य रतनाराम जी सहित समस्त स्टाफ उपस्थित रहा। भारत विकास परिषद की ओर से शाखा अध्यक्ष नंद किशोर चांडक, जिला समन्वयक रूपेश ओझा, कोषाध्यक्ष मनीष कड़वासरा, प्रकल्प प्रभारी बने सिंह, संगठन सचिव योगराज सिंह राजपुरोहित, सदस्य कमल माहेश्वरी अनेक सदस्यों की गरिमामयी उपस्थिति रही।
रूपेश ओझा ने अपने उद्बोधन में कहा कि गुरु-शिष्य परंपरा वैदिक काल से भारतीय संस्कृति की आधारशिला रही है। गुरु केवल ज्ञान का संचार नहीं करते, बल्कि जीवन के मूल्यों, अनुशासन, सेवा और राष्ट्रभक्ति का संस्कार भी प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों का उद्देश्य विद्यार्थियों में गुरु के प्रति श्रद्धा, भारतीय संस्कृति के प्रति गौरव तथा राष्ट्रनिर्माण के प्रति उत्तरदायित्व की भावना जागृत करना है।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने अपने गुरुजनों का तिलक कर चरण स्पर्श करते हुए गुरु वंदन किया। परिषद के सदस्यों ने प्रेरक उद्बोधनों के माध्यम से विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों और गुरु-शिष्य परंपरा के निर्वहन का संदेश दिया।
अंत में प्रांतीय प्रकल्प प्रभारी श्रवण माहेश्वरी ने सभी अतिथियों, गुरुजनों, विद्यालय परिवार एवं विद्यार्थियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि भारत विकास परिषद ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से भारतीय संस्कृति के पुनर्जागरण और संस्कारवान पीढ़ी के निर्माण के लिए निरंतर कार्य करती हैं। उन्होंने राष्ट्र निर्माण में गुरु की भूमिका को सर्वोपरि बताते हुए सभी से गुरुजनों के आदर्शों को जीवन में आत्मसात करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के समापन पर विद्यालय परिवार द्वारा भारत विकास परिषद द्वारा पूर्व में दिए गए वाटर कूलर एवं 240 बच्चों को सर्दी में किए गए स्वेटर वितरण के लिए आभार व्यक्त कर भामाशाहों का सम्मान किया गया और उपस्थित ग्रामीणों ने भारत विकास परिषद के कार्यों की प्रशंसा की। ग्रामीणों की ओर से हरिकिशन सारण, राकेश, लुंबाराम, प्रकाश भाकर, बने सिंह और अन्य ग्रामीणों की गरिमा मय उपस्थिति रही।
Osian, Jodhpur | Aug 24, 2026