भारत के तेल उत्पादन में 50% से अधिक योगदान का लक्ष्य वेदांता ऑयल एंड गैस आज शेयर बाजार में होगी सूचीबद्घ
बाड़मेर। भारत के तेल उत्पादन में 50 प्रतिशत से अधिक योगदान देने के दीर्घकालिक लक्ष्य के साथ वेदांता ऑयल एंड गैस सोमवार को शेयर बाजार में अपनी स्वतंत्र शुरुआत करेगी। कंपनी के शेयर आज से नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर ‘VOGL’ नाम से कारोबार के लिए उपलब्ध होंगे। डिमर्जर के बाद यह कंपनी की पहली स्वतंत्र लिस्टिंग है, जो एक स्वतंत्र ऊर्जा कंपनी के रूप में उसकी यात्रा में महत्वपूर्ण पड़ाव है और देश के सबसे बड़े तेल एवं गैस संसाधनों में से एक से दीर्घकालिक विकास एवं मूल्य सृजन का अवसर प्रदान करेगी।
भारत वर्तमान में अपनी कच्चे तेल की जरूरतों का लगभग 88 प्रतिशत आयात करता है और आने वाले वर्षों में मांग बढ़ने की संभावना है। ऐसे में घरेलू तेल एवं गैस उत्पादन बढ़ाना देश की ऊर्जा सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। वेदांता ऑयल एंड गैस, जो ‘केयर्न’ ब्रांड के तहत परिचालन करती है, अन्वेषण, उत्पादन और तकनीक आधारित संसाधन विकास में निवेश के माध्यम से इस दिशा में योगदान दे रही है।
कंपनी के पास 44 तेल एवं गैस ब्लॉक हैं, जो 47,000 वर्ग किलोमीटर से अधिक क्षेत्र में फैले हुए हैं। इसके पास 1.321 बिलियन बैरल तेल समतुल्य सिद्ध भंडार तथा 2.9 बिलियन बैरल तेल समतुल्य संभावित संसाधन उपलब्ध हैं। कंपनी का लक्ष्य वित्त वर्ष 2029 तक उत्पादन बढ़ाकर 150 kboepd (हजार बैरल तेल समतुल्य प्रतिदिन) से अधिक करना है।
इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए कंपनी ने अन्वेषण गतिविधियों के विस्तार, तेल रिकवरी बढ़ाने, डीप गैस विकास, ऑफशोर परियोजनाओं और तकनीक आधारित उत्पादन वृद्धि पर केंद्रित निवेश रोडमैप तैयार किया है। कंपनी का कहना है कि दीर्घकाल में उसका लक्ष्य भारत के कुल तेल उत्पादन में 50 प्रतिशत से अधिक योगदान देना है।
स्वतंत्र सूचीबद्धता वेदांता समूह के विभिन्न व्यवसायों के डिमर्जर के बाद हुई है। कंपनी के अनुसार यह संरचना विकास को गति देने, परिचालन दक्षता बढ़ाने और दीर्घकालिक मूल्य सृजन के लिए एक केंद्रित मंच प्रदान करेगी।
Barmer, Barmer | Jun 14, 2026