NEET री टेस्टः नागपुर के छात्र का सेंटर भेज दिया अबू धाबी, राहुल बोले- 'तुमसे न हो पाएगा'
नई दिल्ली/नागपुर। NEET परीक्षा से पहले NTA ने एक बार फिर ऐसा कारनामा कर दिया है कि छात्र पढ़ाई कम और किस्मत पर ज्यादा माथापच्ची करने को मजबूर हो गए हैं। नागपुर के एक छात्र का परीक्षा केंद्र सीधे अबु धाबी में आवंटित कर दिया गया। छात्र के पास न पासपोर्ट, न विदेश जाने का इंतजाम, लेकिन NTA का सिस्टम शायद यह मानकर चल रहा था कि बच्चा NEET देने नहीं, विदेश दौरे पर निकल रहा है।
कहने को यह मेडिकल प्रवेश परीक्षा है, लेकिन सेंटर अलॉटमेंट देखकर लग रहा है मानो किसी ने भारत का नक्शा नहीं, ग्लोब घुमाकर सेंटर फाइनल किया हो। छात्र नागपुर में बैठा तैयारी करता रहा और एडमिट कार्ड ने उसे बता दिया—“बेटा, डॉक्टर बनना है तो पहले अबु धाबी पहुंचो।”
सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब छात्र के पास पासपोर्ट तक नहीं है, तो उसे विदेशी सेंटर कैसे दे दिया गया? क्या NTA अब परीक्षा के साथ वीजा, फ्लाइट और होटल पैकेज भी देने वाली है, या फिर छात्रों को सिर्फ मानसिक तनाव ही बोनस में मिलेगा?
इस मामले पर राहुल गांधी ने भी नाराजगी जताते हुए पूछा है कि आखिर ऐसी लापरवाही हुई कैसे। विपक्ष ने इसे छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ बताया है, और सवाल भी वाजिब है। जिस परीक्षा पर लाखों छात्रों का करियर टिका हो, वहां अगर सिस्टम इस स्तर की ‘अंतरराष्ट्रीय गलती’ कर दे, तो भरोसा कैसे बचे?
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अब छात्रों और अभिभावकों के बीच चर्चा यह नहीं है कि पेपर कैसा आएगा, बल्कि यह है कि अगला सेंटर कहीं दुबई, दोहा या सिंगापुर तो नहीं निकल आएगा। NEET की तैयारी करने वाले बच्चे अब किताबों के साथ शायद पासपोर्ट ऑफिस का पता भी नोट कर लें—क्योंकि NTA कब किसे विदेशी परीक्षा यात्रा पर भेज दे, कुछ कहा नहीं जा सकता।
फिलहाल नागपुर के छात्र का मामला NTA की कार्यप्रणाली पर बड़ा सवाल बनकर खड़ा है। लेकिन इतना तय है कि यह कोई मामूली चूक नहीं, बल्कि ऐसा तमाचा है जिसने परीक्षा व्यवस्था की गंभीरता पर ही सवाल खड़े कर दिए हैं।
Deoria, Deoria | Jun 20, 2026