मां अंबे के जयकारे, ढोल-मंजीरों की गूंज और पारंपरिक गरबियों के स्वरों के बीच सोमवार तड़के 4 बजे भावसार मोहल्ले में मां अंबे की सवारी निकली। भावसार क्षत्रिय समाज की 408 साल पुरानी परंपरा के तहत शारदीय नवरात्रि में आयोजित खप्पर उत्सव में महाअष्टमी की सवारी के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह नजर आया। तड़के सुबह तक चले इस धार्मिक आयोजन में मां के दर्शन के लिए समाजजन और श्रद्धालु भावसार मांगलिक भवन प्रांगण में जुटे। आस्था, भक्ति और पारंपरिक देवी आराधना के बीच पूरा परिसर भक्तिमय हो उठा। #khargone_family #khargone