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वर्षों बाद हुए पाताल बाबा के दर्शन, दुमका के बासुकिनाथ शिवगंगा में उमड़ा आस्था का जनसैलाब ज्येष्ठ माह के अधिकमास के कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि पर बासुकिनाथ स्थित शिवगंगा कुंड में श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला. शिवगंगा की सफाई के दौरान कुंड की तलहटी में विराजमान स्वयंभू पाताल महादेव (पाताल बाबा) के प्रकट होते ही दर्शन और पूजन के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी. बुधवार को सुदूर ग्रामीण इलाकों से पहुंचे हजारों भक्तों ने कतारबद्ध होकर भगवान पाताल महादेव के दर्शन किए और सुख-समृद्धि की कामना की. वैदिक मंत्रोच्चार और षोडशोपचार विधि से हुआ पूजन ----- लंबी प्रतीक्षा के बाद पाताल महादेव के साक्षात दर्शन होने से शिव भक्तों में भारी उत्साह देखा गया. मंदिर के पुजारियों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के बीच षोडशोपचार विधि से भगवान का विशेष पूजन और भव्य श्रृंगार कराया गया. सुरक्षा बलों की सख्त मौजूदगी में श्रद्धालुओं ने बेहद सुगमतापूर्वक कुंड में उतरकर जलार्पण किया. श्रद्धालुओं का कहना था कि शिवगंगा में पुनः जल भर जाने के बाद पता नहीं कब उन्हें फिर से पाताल महादेव के दर्शन और कुंड में संकीर्तन का यह दुर्लभ अवसर प्राप्त होगा. 300 वर्ष पुराना है पाताल बाबा का इतिहास ------ बासुकिनाथ शिवगंगा की तलहटी में स्थित यह प्राचीन कुंड करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का मुख्य केंद्र है. इतिहास की मान्यताओं के अनुसार, लगभग 300 वर्ष पूर्व यहां यह स्वयंभू शिवलिंग प्रकट हुआ था, जिन्हें स्थानीय लोग ‘पाताल बाबा’ कहते हैं. ये अमूमन हमेशा जलमग्न रहते हैं और वर्षों बाद शिवगंगा की सफाई के समय ही इनके दर्शन होते हैं. स्थानीय लोगों और भक्तों के बीच यह अटूट मान्यता है कि वर्षों तक पानी के अंदर डूबे रहने के बावजूद बाबा पर चढ़ाई गई पुरानी पूजन सामग्री (बिल्वपत्र, पुष्प, अबीर) सड़ती-गलती नहीं है और पूरी तरह सुरक्षित रहती है. कुंड का पानी सूखने पर जब बाबा दिखते हैं, तो ऐसा लगता है मानो आज ही उनका श्रृंगार किया गया हो. श्रद्धालु इसे भगवान की दिव्य महिमा मानते हैं.

Musahri, Muzaffarpur | Jun 11, 2026

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ग्लूकोमा पर राष्ट्रीय शैक्षणिक कार्यक्रम का आयोजन, देशभर के विशेषज्ञों ने साझा किए आधुनिक उपचार के अनुभव 

 ग्लूकोमा सोसाइटी ऑफ इंडिया (पूर्वी क्षेत्र) के तत्वावधान में मुजफ्फरपुर ऑप्थलमोलॉजिकल सोसाइटी द्वारा रविवार को राधा देवी जोगीश्वरी मेमोरियल मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (आरडीजेएम), तुरकी में "ग्लूकोमा इंडिया एजुकेशन प्रोग्राम (GIEP)" का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बिहार सहित देश के विभिन्न राज्यों से आए नेत्र रोग विशेषज्ञों ने भाग लेकर ग्लूकोमा के आधुनिक निदान और उपचार पर अपने अनुभव साझा किए।

कार्यक्रम का शुभारंभ कॉलेज के चेयरपर्सन एवं पूर्व मंत्री सुरेश कुमार शर्मा, कॉलेज के संस्थापक मनोज कुमार, डॉ. उदय कुमार तथा अन्य अतिथियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर आउटस्टेशन फैकल्टी के रूप में डॉ. देबाशीष चक्रवर्ती और डॉ. सुधीर कुमार विशेष रूप से उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के दौरान ग्लूकोमा के समय पर निदान, टोनोमेट्री, गोनियोस्कोपी, OCT, परिमेट्री तथा आधुनिक उपचार पद्धतियों जैसे लेज़र, ट्रेबेकुलेक्टॉमी और MIGS पर विस्तृत वैज्ञानिक सत्र आयोजित किए गए। विशेषज्ञों ने पैनल चर्चा के माध्यम से जटिल मामलों पर विचार-विमर्श करते हुए उनके व्यावहारिक समाधान भी प्रस्तुत किए।

राज्य समन्वयक के रूप में डॉ. पल्लवी सिन्हा एवं डॉ. सुधांशु कुमार मौजूद रहे। विभिन्न सत्रों की अध्यक्षता डॉ. प्रणव रंजन, डॉ. राजेश तिवारी, डॉ. राजीव कुमार सिंह, डॉ. अमरेन्द्र झा, डॉ. सत्यजीत सिन्हा, डॉ. पारिजात सौरभ, डॉ. ज्ञान भास्कर, डॉ. कुमार कृष्णन, डॉ. निलेश मोहन, डॉ. एस.पी. सिन्हा, डॉ. विभूति नारायण, डॉ. मनोज मिश्रा, डॉ. सुनील परमार, डॉ. सचिन कुमार, डॉ. एन.डी. साहू और डॉ. अजय जायसवाल ने की।

कार्यक्रम के मॉडरेटर डॉ. प्रतीक निशांत, डॉ. शलभ सिन्हा, डॉ. आशीष शेखर और डॉ. अजीत कुमार द्विवेदी रहे। वहीं प्रमुख वक्ताओं में डॉ. जयश्री शेखर, डॉ. सुधांशु कुमार, डॉ. सुधीर कुमार, डॉ. साकेत बिहारी, डॉ. अजीत कुमार द्विवेदी, डॉ. सोनी सिन्हा, डॉ. देबाशीष चक्रवर्ती, डॉ. सुभाष प्रसाद, डॉ. जे.जी. अग्रवाल, डॉ. सत्यजीत सिन्हा, डॉ. रवि कुमार, डॉ. मुअज्जम अली अकबर और डॉ. प्रवीण कुमार शामिल रहे।

केस प्रेजेंटेशन सत्र में डॉ. अनुभव प्रकाश (SKMCH), डॉ. दीपक कुमार (AIIMS), डॉ. सीमा कुमारी (PMCH), डॉ. उर्वशी कुमारी (RNSOSC), डॉ. नेहा मंडल (NMCH) और डॉ. अस्मित आनंद (IGIMS) ने जटिल मामलों पर अपने अनुभव साझा किए। मंच संचालन डॉ. शलभ सिन्हा ने किया।

कार्यक्रम के समापन पर प्रतिभागियों के लिए इंटरैक्टिव क्विज़ और हैंड्स-ऑन प्रशिक्षण सत्र का आयोजन किया गया, जिसमें चिकित्सकों को आधुनिक तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। आयोजकों ने कहा कि इस प्रकार के शैक्षणिक कार्यक्रम नेत्र रोग विशेषज्ञों के कौशल विकास के साथ-साथ ग्लूकोमा के बेहतर उपचार और मरीजों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते है
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ग्लूकोमा पर राष्ट्रीय शैक्षणिक कार्यक्रम का आयोजन, देशभर के विशेषज्ञों ने साझा किए आधुनिक उपचार के अनुभव ग्लूकोमा सोसाइटी ऑफ इंडिया (पूर्वी क्षेत्र) के तत्वावधान में मुजफ्फरपुर ऑप्थलमोलॉजिकल सोसाइटी द्वारा रविवार को राधा देवी जोगीश्वरी मेमोरियल मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (आरडीजेएम), तुरकी में "ग्लूकोमा इंडिया एजुकेशन प्रोग्राम (GIEP)" का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बिहार सहित देश के विभिन्न राज्यों से आए नेत्र रोग विशेषज्ञों ने भाग लेकर ग्लूकोमा के आधुनिक निदान और उपचार पर अपने अनुभव साझा किए। कार्यक्रम का शुभारंभ कॉलेज के चेयरपर्सन एवं पूर्व मंत्री सुरेश कुमार शर्मा, कॉलेज के संस्थापक मनोज कुमार, डॉ. उदय कुमार तथा अन्य अतिथियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर आउटस्टेशन फैकल्टी के रूप में डॉ. देबाशीष चक्रवर्ती और डॉ. सुधीर कुमार विशेष रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान ग्लूकोमा के समय पर निदान, टोनोमेट्री, गोनियोस्कोपी, OCT, परिमेट्री तथा आधुनिक उपचार पद्धतियों जैसे लेज़र, ट्रेबेकुलेक्टॉमी और MIGS पर विस्तृत वैज्ञानिक सत्र आयोजित किए गए। विशेषज्ञों ने पैनल चर्चा के माध्यम से जटिल मामलों पर विचार-विमर्श करते हुए उनके व्यावहारिक समाधान भी प्रस्तुत किए। राज्य समन्वयक के रूप में डॉ. पल्लवी सिन्हा एवं डॉ. सुधांशु कुमार मौजूद रहे। विभिन्न सत्रों की अध्यक्षता डॉ. प्रणव रंजन, डॉ. राजेश तिवारी, डॉ. राजीव कुमार सिंह, डॉ. अमरेन्द्र झा, डॉ. सत्यजीत सिन्हा, डॉ. पारिजात सौरभ, डॉ. ज्ञान भास्कर, डॉ. कुमार कृष्णन, डॉ. निलेश मोहन, डॉ. एस.पी. सिन्हा, डॉ. विभूति नारायण, डॉ. मनोज मिश्रा, डॉ. सुनील परमार, डॉ. सचिन कुमार, डॉ. एन.डी. साहू और डॉ. अजय जायसवाल ने की। कार्यक्रम के मॉडरेटर डॉ. प्रतीक निशांत, डॉ. शलभ सिन्हा, डॉ. आशीष शेखर और डॉ. अजीत कुमार द्विवेदी रहे। वहीं प्रमुख वक्ताओं में डॉ. जयश्री शेखर, डॉ. सुधांशु कुमार, डॉ. सुधीर कुमार, डॉ. साकेत बिहारी, डॉ. अजीत कुमार द्विवेदी, डॉ. सोनी सिन्हा, डॉ. देबाशीष चक्रवर्ती, डॉ. सुभाष प्रसाद, डॉ. जे.जी. अग्रवाल, डॉ. सत्यजीत सिन्हा, डॉ. रवि कुमार, डॉ. मुअज्जम अली अकबर और डॉ. प्रवीण कुमार शामिल रहे। केस प्रेजेंटेशन सत्र में डॉ. अनुभव प्रकाश (SKMCH), डॉ. दीपक कुमार (AIIMS), डॉ. सीमा कुमारी (PMCH), डॉ. उर्वशी कुमारी (RNSOSC), डॉ. नेहा मंडल (NMCH) और डॉ. अस्मित आनंद (IGIMS) ने जटिल मामलों पर अपने अनुभव साझा किए। मंच संचालन डॉ. शलभ सिन्हा ने किया। कार्यक्रम के समापन पर प्रतिभागियों के लिए इंटरैक्टिव क्विज़ और हैंड्स-ऑन प्रशिक्षण सत्र का आयोजन किया गया, जिसमें चिकित्सकों को आधुनिक तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। आयोजकों ने कहा कि इस प्रकार के शैक्षणिक कार्यक्रम नेत्र रोग विशेषज्ञों के कौशल विकास के साथ-साथ ग्लूकोमा के बेहतर उपचार और मरीजों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते है #facebookviral #facebookpost #foryouシ #rdjm #Muzaffarpur

Musahri, Muzaffarpur | Jul 26, 2026

Musahri, Muzaffarpur | Jul 26, 2026